अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने बताया कि एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने इन शिक्षकों को मदरसा शिक्षा प्रणाली के भीतर ही समायोजित करने का निर्देश दिया है.
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने एक बड़ा मानवीय और प्रशासनिक निर्णय लेते हुए 22 हजार मदरसा शिक्षकों को बड़ी राहत देने का फैसला किया है.
ये वे शिक्षक हैं जिनकी नौकरी मदरसा आधुनिकीकरण योजना के बंद होने के बाद करीब 26 महीने पहले चली गई थी. मुख्यमंत्री ने साफ किया है कि शिक्षा के स्तर को सुधारने में इन शिक्षकों के योगदान को व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा. केंद्र सरकार की 1995 में शुरू की गई इस योजना का उद्देश्य मदरसों में धार्मिक शिक्षा के साथ-साथ हिंदी, अंग्रेजी, विज्ञान, गणित और सामाजिक विज्ञान जैसे आधुनिक विषयों को बढ़ावा देना था. इसके तहत यूपी में लगभग 22 हजार एडहॉक शिक्षक नियुक्त थे. हालांकि, केंद्र सरकार की फंडिंग बंद कर दिए जाने के बाद 2023-24 में यह योजना बंद हो गई, जिससे ये शिक्षक बेरोजगार हो गए और दो साल से अधिक समय से बिना वेतन के संघर्ष कर रहे थे. अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने बताया कि एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने इन शिक्षकों को मदरसा शिक्षा प्रणाली के भीतर ही समायोजित करने का निर्देश दिया है. मुख्यमंत्री ने कहा, “इन शिक्षकों ने शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने में अहम योगदान दिया है.
उन्हें उनके अधिकारों से वंचित नहीं किया जाएगा.” टीचर्स एसोसिएशन मदारिस अरबिया उत्तर प्रदेश के महासचिव दीवान साहब जमान खान ने सरकार के इस कदम को सकारात्मक बताया है. उन्होंने कहा कि यह योजना विशेष रूप से उन गैर-सहायता प्राप्त मदरसों के लिए वरदान थी जहां आधुनिक विषयों के शिक्षक उपलब्ध नहीं होते थे. शिक्षकों का कहना है कि भले ही मानदेय 6000 से 12000 रुपये बहुत अधिक नहीं था, लेकिन अब इस फैसले से उन्हें एक सम्मानजनक सहारा मिल सकेगा.
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ऐक, योगी पर ही विश्वास था. अब वो भी ठूंठ गया
SARKAR ne gaov me 100.000 sarkari schools Band kar diye hai jisme Hindu Gareeb bache padte the… Gareeb Hindu Bacho ki Shiksha BAND… aur Madarso ko CRORO Rupaye