संदीप देव। ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का प्रमुख अभिजीत दीपके एक आंबेडकरवादी व्यक्ति है, जिसने अपने पुराने ट्वीट में निजी क्षेत्र में 80% आरक्षण की वकालत की है। डॉ आंबेडकर को वह भगवान मानता है। अर्थात् यह भी सिस्टम को आरक्षण की आड़ में खाने वाला एक कॉकरोच है।
आरक्षण पर उसकी सारी सोच भाजपा-कांग्रेस से मिलती है। कांग्रेस कह रही है कि इसे भाजपा ने खड़ा किया है विपक्षी आवाज को डैमेज करने के लिए। भाजपा कह रही है कि इसे ‘विदेशी ताकतों’ और आम आदमी पार्टी ने खड़ा किया है भाजपा को नुकसान पहुंचाने के लिए।

इसे जिसने भी खड़ा किया हो अथवा इसे बेरोजगारों व पेपरलीक से आहत छात्रों का स्वत: समर्थन मिला हो, लेकिन जो पूर्व में देश के निजी क्षेत्र में 80% आरक्षण की वकालत करता हो, वह देश का भला तो नहीं ही कर सकता है। आरक्षण के कारण वैसे भी देश से प्रतिभा पलायन हो रहा है, सरकारी क्षेत्रों में कार्य क्षमता गिरती जा रही है, ऐसे में निजी क्षेत्र में आरक्षण लागू करने का विचार निवेशकों को भारत से दूर करेगा। भारत में पूंजी के प्रवाह को रोकेगा। लोगों को और गरीब बनाएगा।
#CJP एक न्यूज है, क्योंकि इंस्टाग्राम पर इसकी फॉलोइंग ने रिकॉर्ड बनाया है, सरकार उसके एकाउंट पर प्रतिबंध लगा रही है, इसलिए एक पत्रकार के नाते मेरे लिए यह एक न्यूज आइटम है, इससे अधिक कुछ नहीं।
इसे सीरियस लेने की आवश्यकता नहीं है! व्यंग्य, कटाक्ष, मीम- यह इसी से शुरू हुआ और यही इसकी अधिकतम ‘हाईट’ है। देश में ऐसे लोगों का हस्तक्षेप युवा स्वीकार नहीं कर सकता, जो देश को 80% आरक्षण की बैसाखी में बांध कर देश और उसकी पूंजी की दुर्गति करने की इच्छा रखता हो!
हां सरकार को चाहिए कि वह NEET पेपर लीक एवं लीक होते अन्य पेपर के मामले में शिक्षा मंत्री की जवाबदेही तय करे, उनसे जवाब मांगे, अथवा उनका इस्तीफा ले। प्रधानमंत्री स्वयं ‘मन की बात’ आदि के जरिए युवाओं और बेरोजगारों को एड्रेस करें ताकि आहत युवाओं को यह न लगे कि देश और सरकार उनकी कद्र नहीं करती है। सरकार के उठाए ऐसे कदमों से युवाओं में एक सकारात्मक संदेश जाएगा, जो छात्रों के भविष्य के साथ-साथ राष्ट्र हित में भी होगा। धन्यवाद।
