आशीष वल्लभ पचौरी जी द्वारा ज्योतिष्पीठाधीश्वर अनन्तश्रीविभूषित जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामिश्रीः अविमुक्तेश्वरानंदः सरस्वती ‘१००८’ जी महाराज द्वारा धर्म, पर्यावरण, न्याय और संस्कृति की रक्षा के लिए किए गए प्रमुख कार्यों की एक सिलसिलेवार और विस्तृत सूची –
1. राम सेतु रक्षा आंदोलन (वर्ष 2007 – 2008)
• कार्य: ‘सेतुसमुद्रम शिपिंग कैनाल प्रोजेक्ट’ के तहत राम सेतु को तोड़े जाने से बचाने के लिए उन्होंने अपने गुरु के नेतृत्व में देशव्यापी आंदोलन चलाया। सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट में भगवान राम के अस्तित्व को नकारने वाले हलफनामे के खिलाफ उन्होंने व्यापक विरोध-प्रदर्शन किए।
(स्रोत: ‘राम सेतु रक्षा मंच’ के आधिकारिक दस्तावेज़ और प्रेस विज्ञप्तियां; अगस्त-दिसंबर 2007 के राष्ट्रीय समाचार पत्रों (जैसे दैनिक जागरण, द हिन्दू) के मीडिया आर्काइव; सुप्रीम कोर्ट में सेतुसमुद्रम प्रोजेक्ट से जुड़े सरकारी हलफनामे और कार्यवाही के रिकॉर्ड।)
2. गंगा रक्षा और ‘राष्ट्रीय नदी’ घोषित कराने का आंदोलन (वर्ष 2008 – 2010)
• कार्य: गंगा नदी को प्रदूषण मुक्त और अविरल बनाने के लिए उन्होंने कई दिनों तक ‘आमरण अनशन’ किया। ‘गंगा सेवा अभियानम्’ के संयोजक के रूप में उन्होंने उत्तराखंड में गंगा पर बन रहे ‘लोहारीनाग-पाला’ जैसे बांधों का विरोध किया। उनके इसी संघर्ष के कारण तत्कालीन केंद्र सरकार ने 4 नवंबर 2008 को गंगा को ‘राष्ट्रीय नदी’ घोषित किया।
(स्रोत: 4 नवंबर 2008 की भारत सरकार (पर्यावरण मंत्रालय) की गजट अधिसूचना (Gazette Notification); ‘गंगा सेवा अभियानम्’ के पत्राचार और पीएमओ (PMO) द्वारा दिए गए लिखित आश्वासन; 2008-2010 के प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के दस्तावेजी साक्ष्य।)
3. राम जन्मभूमि की कानूनी लड़ाई और ‘रामालय न्यास’ (1990 का दशक – 2019)
• कार्य: राम जन्मभूमि मामले में उन्होंने ज्योतिष्पीठ के तत्कालीन शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती जी के मुख्य कानूनी प्रतिनिधि के रूप में इलाहाबाद हाई कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी। सुप्रीम कोर्ट की अंतिम सुनवाई में उन्होंने हिंदू धर्मशास्त्रों, वेदों और पुराणों के सैकड़ों साक्ष्य पेश किए। फैसला आने के बाद उन्होंने मंदिर निर्माण के लिए ‘श्री राम जन्मभूमि रामालय न्यास’ का प्रस्ताव रखा।
(स्रोत: सुप्रीम कोर्ट का 9 नवंबर 2019 का ऐतिहासिक राम जन्मभूमि फैसला [M. Siddiq (D) Thr Lrs vs Mahant Suresh Das & Ors.]; इलाहाबाद हाईकोर्ट की 2010 की सुनवाई के आधिकारिक रिकॉर्ड; ‘श्री राम जन्मभूमि रामालय न्यास’ के पंजीकरण और प्रस्ताव के दस्ता
