ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामिश्रीः अविमुक्तेश्वरानंदः सरस्वती ‘१००८’ जी के सान्निध्य में वैदिक मंत्रों के बीच द्वार पूजा हुई सम्पन्न।प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और मंदिर समिति के अध्यक्ष भी इस दौरान मौजूद रहे।
वैशाख शुक्ल सप्तमी के दिन तय मुहूर्त में प्रातः 6:15 बजे मंदिर के कपाट खुले।कपाट खुलने से पूर्व द्वारपूजन, पंचांग पूजन के बाद नर पूजा के लिए रावल जी ने सम्हाली जिम्मेदारी।बदरीनाथ मंदिर के कपाट खुलने की अवसर पर लगातार चौथी बार ‘परमाराध्य’ परमधर्माधीश उत्तराम्नाय ज्योतिष्पीठाधीश्वर अनन्तश्रीविभूषित जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामिश्रीः अविमुक्तेश्वरानंदः सरस्वती ‘१००८’ उपस्थित रहे।

उल्लेखनीय है कि 12 सितंबर 2022 को ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य पद पर प्रतिष्ठित हुए थे। इस अवसर पर ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य जी ने कहा कि मंदिर के कपाट खुलने के बाद सभी सनातन धर्मावलंबी अगले छः माह तक भगवान बदरी विशाल के दर्शन का पुण्य लाभ लेकर अपना जीवन धन्य बना सकते हैं।

इस अवसर पर प्रमुख रूप से सर्वश्री स्वामी सदाशिव ब्रह्मेन्द्रानन्द सरस्वती, स्वामी प्रत्यक्चैतन्यमुकुन्दानन्द गिरि,स्वामी श्रीनिधिरव्यानन्द सागर,स्वामी अप्रमेयशिवसाक्षात्कृतानन्द गिरिः,मन्दिर समिति के अध्यक्ष श्री हेमन्त द्विवेदी,विजय कपरवाण,डा बृजेश सती,अशोक टोडरिया,आशुतोष डिमरी, भास्कर डिमरी ,अनिल भारद्वाज,किरण जानी,देवानन्द शुक्ल,देवेन्द्र पाण्डेय,सुरेश जानी सहित सहित अनेक गणमान्य भक्त उपस्थित रहे।
उक्त जानकारी शंकराचार्य जी महाराज के मीडिया प्रभारी संजय पाण्डेय ने दी है।कार्यक्रम में मुख्य रूप से साध्वी पूर्णाम्बा, साध्वी शारदाम्बा, महिला मंडली से सावित्री पाण्डेय, लता पाण्डेय आदि माताएं, अविनाश चन्द्र, आरती चन्द्र, हजारी कीर्ति नारायण शुक्ल आदि उपस्थित रहे।
