संदीप देव। कभी मुगलों और अंग्रेजों ने भी इतनी जाति का जहर समाज में नहीं घोला, जितना भाजपा की सरकारें घोल रही हैं। अपने 73% OBC आरक्षण को जस्टिफाई करने के लिए पहले मप्र की भाजपा सरकार ने भगवान राम और गुरु द्रोणाचार्य को जातिवादी साबित करने का प्रयास किया, फिर इसे डिफेंड करने के लिए एक एंटी हिंदू वकील खड़ा किया और अब यह कहा है कोर्ट में:-
मध्य प्रदेश सरकार ने ओबीसी आरक्षण को लेकर सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई में एक सर्वे का जिक्र किया। इस एक सर्वे के हवाले से मध्य प्रदेश सरकार ने कहा कि राज्य में 10 हजार शहरी और ग्रामीण परिवारों का सर्वे किया गया। इस सर्वे में शामिल 56 फीसदी ओबीसी वर्ग के लोगों ने बताया कि “जब उच्च जाति का कोई व्यक्ति उनके घर से गुजरता है तो वे बैठे नहीं रह सकते।”
मैं भी गांव से आता हूं। मैंने तो नहीं देखा आज तक कि कोई तथाकथित उच्च जाति के समक्ष OBC खड़ा होता हो! यादव, कुर्मी, कोईरी आदि OBC जातियां आज जमिंदार की श्रेणी में हैं। फिर यह मप्र की भाजपा सरकार ने कहां देख लिया?
मंडल कमीशन बनाने और लागू करने, SC/ST Act लागू करने और मजबूत करने वाली पार्टी को हमने गलती से हिंदू पार्टी समझ लिया, लेकिन असल में यह जातिवादी और पासमांदावादी पार्टी निकली।
यह खंड-खंड हिंदू समाज और देश को तोड़ रही है। ‘हिसाब चुकता’ काल चल रहा है!
