श्वेता पुरोहित –
सभी प्रकार के संकट हरण के लिये संभवतः रामचरित मानस की सबसे ज्यादा पढ़ी जाने वाली चौपाई अर्थ सहित !
दीन दयाल बिरद संभारी ।
हरहु नाथ मम संकट भारी ।।
यह मंत्र गोस्वामी तुलसीदासजी द्वारा रचित महाग्रंथ रामचरितमानस से उदृत है और यह मंत्र माता सीता और हनुमान भेंट प्रसंग में आता है ।
.अर्थात – जिस समय हनुमान जी माता सीता से वापस जाने की आज्ञा लेते है तब माता सीता उनसे कहती है कि – हे ! रामदूत हनुमान, आप जाकर अपने प्रभु श्रीराम से कहना कि, हे दीन दुखियों की पीड़ा को हरने वाले, आप तो सारे संसार की पीड़ा को हर कर उनका कल्याण करते हो, तो हे नाथ आज मुझ पर बहुत बड़ा कष्ट आन पड़ा है और मेरी इस पीड़ा को भी हर लो और मेरा भी कल्याण करो ।
अत: यह मंत्र संकट की दशा में रामबाण का काम करता है । साधक को चाहिए की इस मंत्र को हनुमान और सीताराम (रामदरबार) की छवि का स्मरण करते हुए जप करे । ऐसा करने से आपके सभी संकटों का निवारण होगा ।
🚩जय श्री सीताराम जी की🚩
🛕🚩जय-सियाराम 🚩🛕
