हिटलर और मुसोलिनी जैसा
भ्रष्टाचार बढ़ाने वाला , दुराचार फैलाने वाला ;
अब्बासी-हिंदू भारत का नेता , भारत-वर्ष तोड़ने वाला ।
मणिपुर में आग लगायी , अब बंगाल का नम्बर है ;
लगातार साजिश रचता है , इसी में अव्वल-नम्बर है ।
चरित्रहीन जो भी है समर्थक , “अंधभक्त” बन जाता है ;
जिस डाली में मूरख खुद बैठा , उसे ही काटा करता है ।
इस नेता का विकल्प नहीं है , परम-मूर्ख समझाते हैं ;
जिस गड्ढे में ये गिरने वाले , देश वहीं ले जाते हैं ।
ये नेता बहुत बड़ा अपराधी , बहुत बड़ा मक्कार है ;
“ न भूतो – न भविष्यति ” , इतना बड़ा गद्दार है ।
लुच्चे – लफंगे नेताओं का , इसने गैंग बना रखा है ;
हर-संस्थान कर दिया नपुंसक , अपने जैसा बना रखा है ।
कायर ,कमजोर ,नपुंसक नेता , दुश्मन-देशों का दलाल है ;
दोनों – हाथों से देश लूटता , पूरा – भारत बेहाल है ।
नेता व व्यापारी – साथी , मिलकर भारत लूट रहे हैं ;
बालक , युवा , वृद्ध भारत के , सबके-सपने टूट रहे हैं ।
भारत मिटने की कगार पर , इस नेता के कारण है ;
“एपस्टीन-फाइल” का पापी , कुछ भी नहीं अकारण है ।
अमरीका व चीन की साजिश, इस नेता को प्लाण्ट किया है ;
विषकन्याओं संग बनी सीडियां,ब्लैकमेल का काण्ड किया है ।
ब्लैकमेल करते नेता को , चीन और अमरीका मिलकर ;
कोई चरित्र नहीं नेता का , थर-थर कांपें पीछे छुपकर ।
बहुत अधिक ये डरा हुआ है, पुलिस के पीछे छिपा हुआ है ;
इतने-पाप किये हैं इसने , मृत्यु-दण्ड से डरा हुआ है ।
इसका परिणाम है पूर्ण-सुनिश्चित,कर्मों का फल भोगना होगा ;
हिटलर और मुसोलिनी जैसा , इस दुनिया से जाना होगा ।
इसके पीछे शैतानी-ताकत , “फ्री-मेजन” का मजहब है ;
पर कोई काम नहीं आयेगा , सबका काम-तमाम ही है ।
बचे-खुचे जितने भी दिन हैं, बकरे की तरह से कट जायेंगे ;
खैर मना ले अम्मा जितनी , पर सारे-बकरे कट जायेंगे ।
निर्णय का दिन पास आ चुका , कोई दोषी नहीं बचेगा ;
इसके जहाज में जो बैठेगा , हर-हालत में वो डूबेगा ।
बचने की अंतिम-कोशिश कर ले , इकबाले-जुर्म सारे कर ले ;
वायदा-माफ-गवाह ही बन जा, जेलों में रहकर जान बचा ले ।
जनता निकल चुकी सड़कों पर, सत्ता से तो हटना ही होगा ;
देश छोड़कर भागेगा यदि , बंधकर वहां से आना होगा ।
“सत्यमेव-जयते”, एडवो• ब्रजेश सिंह सेंगर
