तीन साल के लंबे इंतजार के बाद उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में शामिल पूर्व BJP नेता विनोद आर्य के पुत्र पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को कोर्ट ने दोषी करार दिया।(Pic1)

आरोप के मुताबिक 18 सितंबर 2022 को तीनों ने रिजॉर्ट रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी की हत्या कर दी थी और उसकी लाश को नहर में फेंक दिया था। पुलकित आर्य जहां रिसॉर्ट का मालिक था, वहीं अन्य दोनों आरोपी वहीं काम करते थे। मामले में तीनों आरोपियों को कोर्ट ने दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। इस मामले में मुख्य साजिशकर्ता पुलकित आर्या पर लगाए गए चारों आरोप सही पाए गए हैं।
पुलकित पर आईपीसी की धारा 302 के तहत हत्या, धारा 201 के तहत साक्ष्य छुपाने, धारा 354ए के तहत छेड़खानी एवं लज्जा भंग और अनैतिक देह व्यापार अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया था। इन चारों आरोपों में पुलकित को कोर्ट ने दोषी पाया है।
पूर्व भाजपा नेता विनोद आर्य के बेटे पुलकित आर्य को इस मामले में मुख्य आरोपी बनाया गया था। इस मामले में उत्तराखंड की भाजपा सरकार ने आनन-फानन में रिसॉर्ट पर बुलडोजर चला कर साक्ष्य मिटाने का कार्य किया था, जिसके बाद सरकार पर काफी सवाल भी उठे थे। (Pic2&3)


यही नहीं, आरोपी पुलकित के भाई अंकित आर्य को राज्य सरकार ने उत्तराखंड के अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) आयोग का उपाध्यक्ष भी बना रखा था।
गौरतलब है कि 19 साल की अंकिता भंडारी, उत्तराखंड के पौड़ी जिले के यमकेश्वर ब्लॉक में रहती थी। इसी जिले में स्थित ‘वनतरा रिजॉर्ट’ में अंकिता रिसेप्शनिस्ट का काम करती थी।
आरोप लगे थे कि पुलकित ने अंकिता को एक ‘वीआईपी गेस्ट’ को ‘एक्स्ट्रा सर्विस’ देने को कहा था। अंकिता ने मना कर दिया, जिसके बाद उसे मार डाला गया।अंकिता की लाश चिल्ला नहर में पायी गई थी। उक्त रिसॉर्ट में देह व्यापार का आरोप भी लगा था।
अंकिता की हत्या के मामले में पुलकित के रिजॉर्ट में काम करने वाले सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को भी आरोपी बनाया गया था। उनके खिलाफ धारा 302 (हत्या), 201 (साक्ष्य छुपाना) और अनैतिक देह व्यापार अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया। रीना नेगी की कोर्ट ने तीनों के खिलाफ लगाए गए आरोपों को सही माना। उन्हें भी हत्याकांड का दोषी करार दिया। सभी तीनों को उम्रकैद की सजा हुई है।
अंकिता के मामले को India Speak Daily ने प्रमुखता से उठाया था। #isdviews #JusticeForAnkitaBhandari
