कोरबा।कांकेर में धर्मांतरण और उससे जुड़ी हिंसक घटनाओं के विरोध में सर्व समाज के आह्वान पर बुधवार को कोरबा जिले में बंद का व्यापक असर देखने को मिला। कोरबा नगर सहित उपनगरीय क्षेत्रों में अधिकांश व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे और आम जनजीवन प्रभावित हुआ। बंद के दौरान कही भी अप्रिय स्थिति नही बनी।
बंद का प्रभाव कोरबा शहर के अलावा बालकोनगर, दर्री, जमनीपाली, कुसमुंडा, दीपका और बांकीमोंगरा क्षेत्रों में भी स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। सर्व समाज के आह्वान पर दुकानदारों और व्यापारिक संगठनों ने स्वेच्छा से अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर बंद को समर्थन दिया।हाल ही में कांकेर जिले में धर्मांतरित व्यक्ति के शव दफन को लेकर ग्रामीणों द्वारा आपत्ति जताई गई थी, जिसके बाद मौके पर तनाव और हंगामे की स्थिति निर्मित हो गई थी।


इस घटना के बाद जनजातीय समाज के सैकड़ों लोगों पर कार्रवाई किए जाने का आरोप लगाया गया है। सर्व समाज का कहना है कि जिन लोगों पर कार्रवाई हुई, वे अपनी परंपरा, संस्कृति और सामाजिक मान्यताओं की रक्षा के लिए सामने आए थे। कांकेर की इस घटना और इसके संभावित दूरगामी सामाजिक प्रभावों को देखते हुए सर्व समाज ने राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया था। बंद के दौरान सड़कों पर उतरे लोगों ने कांकेर सहित प्रदेश के अन्य हिस्सों में हो रही कथित हिंसा और जबरन धर्मांतरण की घटनाओं के खिलाफ नाराजगी जाहिर की।
प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधिमंडल श्री पुष्पराज सिंह ठाकुर श्री कुल सिंह कंवर श्री जुडावन ठाकुर श्री अशोक तिवारी श्री सत्येंद्र नाथ दुबे श्री नरेंद्र देवांगन योगेश जैन राजीव गुप्ता आशीष सर्व समाज की ओर से उपरोक्त विषय पर सरकार के नाम डिप्टी कलेक्टर तुलाराम भारद्वज को ज्ञापन सौंपा गया। जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की। कहा गया कि जनजातीय समाज की धार्मिक परंपराओं और सांस्कृतिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाए।
