गिरधारी लाल गोयल । (संघ के पाले हुए नाग) डॉ अनिर्बान गांगुली इनका छात्र जीवन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, भारतीय जनता पार्टी या अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं था. उन्होंने जादवपुर विश्वविद्यालय, कोलकाता से बी.ए. किया और तृतीय श्रेणी से उत्तीर्ण हुए. स्नातक के दौरान उनका एक विषय मीडिया स्टडीज़ था. इसके बाद वे पांडिचेरी गए. फिर शिलांग, मेघालय में रहे. आगे चलकर वे अपने परिवार सहित विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन से जुड़े. वहाँ उन्होंने रिसर्च फेलो के रूप में कार्य किया.
उनकी पत्नी को भी वहीं वित्तीय अनुभाग में कार्य मिला. विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन के माध्यम से गाँगुली के संबंध Sangh से स्थापित हुए वर्ष 2014 के बाद, संघ के दत्तात्रेय होसबले के माध्यम से वे भाजपा के थिंक टेंक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी रिसर्च फाउंडेशन के निदेशक बन गए निदेशक बनने के बाद गाँगुली ने संस्थान के माध्यम से अनेक यात्राएँ कीं. उनके कार्यकाल में लगभग 35 देशों की यात्राओं का उल्लेख किया जाता है.
इसी दौरान “श्यामा प्रसाद मुखर्जी: हिज विज़न ऑफ एजुकेशन” नामक पुस्तक सामने आई. इसके संबंध में कहा जाता है कि इसकी मूल पांडुलिपि डॉ पंकज रॉय द्वारा तैयार की गई थी. कथित रूप से यह पांडुलिपि प्रकाशन हेतु दी गई थी. बाद में किंचित संशोधित रूप में इसे डॉ गांगुली के नाम से प्रकाशित किया गया. इस विषय में मूल लेखक की भूमिका को पर्याप्त रूप से नहीं बताया गया, ऐसा आरोप लगाया जाता है. आलोचकों के अनुसार संस्थान के संसाधनों का उपयोग व्यक्तिगत प्रोफ़ाइल निर्माण के लिए अधिक हुआ. कई प्रकाशन एडिटेड रूप में सामने आए. इनमें सामग्री बाहरी स्रोतों से तैयार कराई गई.
इसी दौरान उनकी निकटता Amit Shah से भी बढ़ी. वर्तमान में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी रिसर्च फाउंडेशन के अध्यक्ष हैं. सिद्धांततः गाँगुली जी का योगदान (BJP) या SPMRF के लिए नगन्य ही रहा लेकिन राजनीतिक रूप से वे 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बोलपुर से प्रत्याशी बने. इसके बाद 2024 के लोकसभा चुनाव में जादवपुर से चुनाव लड़ा. वहाँ उन्हें सायनी घोष से पराजय का सामना करना पड़ा.
आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में उनकी उम्मीदवारी की चर्चाएँ हैं. अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है. साथ ही उनके राज्यसभा जाने की संभावनाओं की भी चर्चा होती रही है. दूसरी ओर यह भी कहा जाता है कि विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन में उनकी पत्नी का प्रभाव बढ़ा है. VIF पत्नी के पूर्ण कब्जे में है इस गाँगुली परिवार को संघ संगठन में क्योँ लाया? इनके लाने से विचारधारा व संगठन को क्या मिला?
