योगी सरकार का माफीनामा शंकराचार्य जी के गो माता-राष्ट्र माता अभियान को प्रभावित नहीं कर सकता ।
जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामीश्री अविमुक्तेश्वरानन्द सरस्वती जी लगातार १२ दिनों तक प्रयागराज में गंगा स्नान किए बैगैर सड़क पर बैठे रहे अंततः सरकार की हठधर्मिता के कारण गंगा के तट से भारत के धर्मध्वज को अपमानित होकर वापस लौटना पड़ा ।
ज्ञात हो कि अमवश्य के दिन शंकराचार्य जी अपने दांडी सन्यासियों, ब्रह्मचारियो, विद्यार्थियों और चुनिन्दा परिकरों के साथ पुलिस के नेतत्व में जब गंगा तट की ओर बढ़ रहे थे तभी पुलिस ने उनके साथा अभद्रता करना शुरू किया ।
दांडी सन्यासियों, ब्रह्मचारियो, विद्यार्थियों को लात घुसो डंडों और बेल्ट से मारा गया, उनकी चोटी उखड़ी गई और लंगोटी फाड़ी गई ।
यह साधारण घटना नहीं शंकराचार्य जी की हत्या का घिनौना षड्यंत्र था जो की प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के मार्ग निर्देशन में रचागया ।
इस घटना के प्रमाण सारे षड्यंत्र को उजागर कर रहे हैं । गृह सचिव मोहित गुप्ता स्वयं इस घटना को अंजाम देने उपस्थित थे ।
सौम्या अग्रवाल- पुलिस मंडलायुक्त ने इस षड्यंत्र को छुपाने का यत्न किया । जोगेंद्र कुमार-पुलिस आयुक्त इन्होंने शंकराचार्य के साथ लगातार अभद्रता किया उन्हें अपमानित किया ।
मनीष कुमार वर्मा/ जिलाधिकारी इस षड्यंत्र को देखते रहे और घटना घटना घटित होने का इंतज़ार करते रहे । शक्ति- सीओ लगातार दांडी सन्यासियों, ब्रह्मचारियो, विद्यार्थियों को मारता रहा । रात में १२ से २ बजे के बीच शंकराचार्य जी के हत्या हेतु रैकी करते पकड़े गए लोगोने स्वयं को शाशकीय अधिकारी बताते हुए नोटिस देने आने की बात कही । शंकराचार्य जी के सामने लोग लट्ठ लेकर उदंडता करने लगे । अर्थात् लगातार ४ बार उनकी हत्या का यत्न किया गया ।
अब शंकराचार्य जी वाराणसी में है तब सरकार उनको स्नान कराने की बात कर रही है, यह भी षड्यंत्र ही प्रतीत होता है । क्यो की प्रयागराज में रहते शंकराचार्य जी की हत्या का यत्न और लगातार अपमान करने बाली सरकार अब किस मुंह से स्नान कराने की बात कर रही है ।
इस सारे घटना क्रम से साफ़ है की शंकराचार्य जी को अपमानित कर, उन्हें दोषी निरूपित कर हत्या करने हेतु यह षड्यंत्र था ।
शंकरचर्या जी की हत्या हेतु उतावली सरकार के आँखो की किरकिरी शंकराचार्य इस लिए है क्यो की वह सरकार द्वारा प्राचीन मंदिर तोड़ने का विरोध करते है, शंकराचार्य जी गो माता की हत्या बंद कराने हेतु यत्नशील है यही कारण है की सत्य बोलने बाले संत की हत्या कराकर अपने पापोंको छुपाने का जो यत्न सरकार कर रही थी वह षड्यंत्र शंकराचार्य के परिकरों की शालीनता और सतर्कता के कारण उजागर हुआ है ।
१०-११ मार्च को लखनऊ में लाखो की संख्या में देश भर से उपस्थित होने बाले संत निर्णय करेगे की योगी पापी है या पुण्य आत्मा, योगी हिंदू संता है या पाखंडी । योगी के अहंकार और प्रशासन की मूर्खता से सम्पूर्ण सनातनी आहत हुआ है किंतु षड्यंत्र कारी लगातार अभी भी शंकराचार्य जी की हत्या का यत्न कर रहे है । शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानन्द सरस्वती के विशेष प्रतिनिधि देवेन्द्र पाण्डेय ने जारी वयान में कहा कि शंकराचार्य जी के रूप में जो सनातन धर्म और पुरातन परंपरा का अपमान किया गया वह योगी सरकार की नीतियों पर कलंक का धब्बा है जो सदैव ही स्मरण रहेगा । भारत की निष्पक्ष मीडिया, निर्भीक समाचार पत्रों और सनातनी सपूतों को जिन्होंने निर्भीकता से सत्य का साथ दिया उनका मैं हृदय से आभारी हूँ ।
