पुलिस को जानवर बना चुका है
लगभग सारे रक्षक हैं भक्षक , सुप्रीम-कोर्ट सबसे आगे ;
जाने कौन से पाप किये थे ? भारतवासी बड़े अभागे ।
क्योंकि बुद्धि बेच के खायी , नेता को पहचान न पाया ;
धर्महीन-अज्ञानी हिंदू ने , किसको हृदय-सम्राट बनाया ?
सबसे बड़ा ये पापी-नेता , सारे-अपराध किया करता है ;
“छुपा हुआ रुस्तम” ये नेता, भारत का खून पिया करता है ।
व्यापारी-साथी की ओट है केवल, ये खुद भारत लूट रहा है ;
नदियां,पहाड़,जंगल सब लूटे, देश की जड़ को काट रहा है ।
धर्म-संस्कृति का दुश्मन है , कई-हजारों मंदिर तोड़े ;
गौरी-गजनी से भी आगे , देश के सारे-दुश्मन जोड़े ।
अमरीका , इजरायल , चीन , पाकिस्तान व बांग्लादेश ;
इन सबका ये नेता प्यादा , लुटा रहा है भारत देश ।
भारत का सबसे-बड़ा शत्रु ये , अब्बासी-हिंदू भारत का नेता ;
अंधभक्तों की फौज बनाकर , ये भारत की चिता सजाता ।
पहले हिंदू को मूर्ख बनाकर , भारत की सत्ता हथियायी ;
फिर सत्ता को जहरीला कर , सभी तरह से लूट मचायी ।
पर अब भेद खुल चुका इसका, इसकी औकात सामने आयी ;
पूरी तरह हो चुका नंगा , फिर भी इसको शर्म न आयी ।
नेता , अफसर , न्यायाधीश , पूरी तरह शर्मनिरपेक्ष ;
मूर्ख समझ रखा हिंदू को , सारे-कार्य उसी सापेक्ष ।
अंधभक्ति छोड़ें सब हिंदू ! सच्चाई को जानना होगा ;
लगी है तेरे जीवन की बाजी , जीना है कि मरना होगा ।
पूरा-सिस्टम बरबाद कर दिया , भारत के इस नेता ने ;
सेना तक कमजोर हो चुकी , यही किया है इस नेता ने ।
भविष्य-मालिका – भविष्य-पुराण और ग्रंथ भी बता रहे हैं ;
ये नेता गृहयुद्ध कराने वाला , हालात देश के बता रहे हैं ।
“जेन-जी” भारत के बच्चे , “एल•ओ•पी•” संरक्षक हैं ;
असंदिग्ध है सफलता इनकी , ये दोनों देश के रक्षक हैं ।
फिर भी नेता न मानेगा , ये नेता गृहयुद्ध करा सकता है ;
पुलिस को जानवर बना चुका है,उनसे हिंसा करवा सकता है ।
हिंसा की प्रतिहिंसा होगी , बर्बर-हिंसा में बदल जायेगी ;
न्यायपालिका क्या सोच रही है ? क्या वो इससे बच जायेगी ?
सुप्रीम-कोर्ट अब आंखें खोलो , पूरी तरह कर्तव्य निभाओ ;
गृहयुद्ध तभी ही रुक सकता है,सख्त न्याय के निर्णय लाओ ।
और नहीं है मार्ग दूसरा , सुप्रीम-कोर्ट को चलना ही होगा ;
वरना भारत के साथ-साथ , तुमको भी आग में जलना होगा ।
“सत्यमेव-जयते”, एडवो•ब्रजेश सिंह सेंगर
