लेखक: सन्दीप देव (मुख्य संपादक) दिनांक: 6 अप्रैल 2026
पूर्वोत्तर भारत की राजनीति इस समय संवैधानिक संकट और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों के भंवर में है। एक ओर जहाँ असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी पर विदेशी नागरिकता और शेल कंपनियों के आरोप लगे हैं, वहीं दूसरी ओर सुप्रीम कोर्ट ने
अरुणाचल के मुख्यमंत्री पेमा खांडू के परिजनों को दिए गए ₹1,270 करोड़ के ठेकों की CBI जांच का आदेश दिया है। जहाँ विपक्ष इसे ‘महाघोटाला’ कह रहा है, वहीं सत्ता पक्ष इसे ‘चुनावी टूलकिट’ और ‘डिजिटल जालसाजी’ करार दे रहा है।
हिमंता बिस्वा सरमा: कांग्रेस के ‘दागी‘ मंत्री से भाजपा के ‘संकटमोचक‘ तक!
हिमंता बिस्वा सरमा का राजनीतिक सफर जितना प्रभावशाली रहा है, उतना ही विवादों से घिरा भी। जब वे तरुण गोगोई के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार में शिक्षा और स्वास्थ्य मंत्री थे, तब उन पर भ्रष्टाचार के दो अंतरराष्ट्रीय स्तर के आरोप लगे थे:-
- लुई बर्जर घोटाला: अमेरिकी कंपनी ‘लुई बर्जर’ ने गुवाहाटी जल आपूर्ति परियोजना का ठेका पाने के लिए भारतीय अधिकारियों और मंत्रियों को लगभग ₹6-7 करोड़ की रिश्वत देने की बात स्वीकार की थी। उस समय भाजपा ने ही सरमा को इसका मुख्य आरोपी बताया था।
- शारदा चिट फंड घोटाला: 2014 में CBI ने उनके घर और दफ्तरों पर छापेमारी की थी। शारदा समूह के मालिक सुदीप्त सेन की डायरी में भी उनके नाम का उल्लेख था।
2015 में भाजपा की ‘वाशिंग मशीन’ में घुसते ही इन मामलों की गति ठंडी पड़ गई। आज वही हिमंता पूर्वोत्तर में भाजपा के सबसे बड़े चेहरा हैं। इस बार उन पर भ्रष्टाचार के नये आरोप लगे हैं। कांग्रेस के मंत्री रहते उन पर भाजपा ने भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था, वहीं अब जब हिमंता भाजपा के मुख्यमंत्री हैं तो उन पर और उनकी पत्नी पर कांग्रेस ने भ्रष्टाचार, दोहरी नागरिकता और मुखौटा कंपनियों की आड़ में कालाधन छिपाने का आरोप लगा दिया है। कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने बकायदा प्रेसवार्ता कर इसे किसी भी पदासीन मुख्यमंत्री पर लगे अब तक के सबसे बड़े भ्रष्टाचार के रूप में बताया है।

ताज़ा धमाका: तीन पासपोर्ट, दो मुस्लिम देश और अमेरिकी शेल कंपनी?
कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने हालिया प्रेस कॉन्फ्रेंस में हिमंता की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा पर सनसनीखेज आरोप लगाए हैं:
*तीन देशों की नागरिकता: खेड़ा के अनुसार, रिनिकी के पास मिस्र (Egypt), UAE और एंटीगुआ-बारबुडा के वैध पासपोर्ट हैं। सवाल यह है कि “मुस्लिम विरोधी” राजनीति का दावा करने वाले मुख्यमंत्री की पत्नी दो मुस्लिम देशों के पासपोर्ट क्यों रखती हैं?
*अमरीका में रहस्यमयी कंपनी: प्रेस कॉन्फ्रेंस से मात्र दो दिन पहले (3 अप्रैल 2026) वायोमिंग (Wyoming) में ‘HRINIKINANDI LLC’ नामक कंपनी पंजीकृत की गई। वायोमिंग को कॉर्पोरेट जगत में ‘टैक्स हेवन’ और ‘गुपचुप डील्स’ का स्वर्ग माना जाता है।
*अघोषित संपत्ति: आरोप है कि UAE में मुख्यमंत्री के परिवार की दो बड़ी संपत्तियां हैं, जिनका उल्लेख चुनावी हलफनामे में नहीं किया गया।
हिमंता और रिनिकी सरमा का पलटवार!
मुख्यमंत्री और उनकी पत्नी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे “लोकतंत्र पर डिजिटल हमला” बताया है। उनके बचाव के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:-

* डिजिटल जालसाजी का दावा: हिमंता बिस्वा सरमा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उन दस्तावेजों में तकनीकी खामियां गिनाईं। उन्होंने दावा किया कि कथित पासपोर्ट में दी गई जन्मतिथि उनकी पत्नी की वास्तविक जन्मतिथि से मेल नहीं खाती। साथ ही, पासपोर्ट पर दी गई फोटो ‘AI जनरेटेड’ या फोटोशॉप की गई प्रतीत होती है।

* स्पेलिंग मिस्टेक: मुख्यमंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि कथित ‘इजिप्ट’ के पासपोर्ट पर स्पेलिंग की गलतियां (जैसे Egyptiann) स्पष्ट रूप से दर्शाती हैं कि ये दस्तावेज किसी अनाड़ी द्वारा फोटोशॉप किए गए हैं।
* नागरिकता पर स्पष्टीकरण: रिनिकी भुइयां सरमा ने स्पष्ट किया कि वे केवल भारत की नागरिक हैं और उनके पास 2029 तक वैध भारतीय पासपोर्ट है। उन्होंने चुनौती दी कि यदि ये आरोप सही हैं, तो वे सार्वजनिक जीवन छोड़ देंगी।
* कानूनी कार्यवाही (FIR): इस मामले में असम पुलिस की क्राइम ब्रांच ने पवन खेड़ा के खिलाफ FIR दर्ज की है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि वे खेड़ा के खिलाफ ₹100 करोड़ की दीवानी और आपराधिक मानहानि का मुकदमा कर रहे हैं। उनका दावा है कि ये फर्जी दस्तावेज “पाकिस्तान स्थित कुछ संदिग्ध हैंडल्स” से प्रेरित हैं।
अरुणाचल प्रदेश: पेमा खांडू पर सुप्रीम कोर्ट का चाबुक!
असम के विवादों के बीच, 6 अप्रैल 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने अरुणाचल के मुख्यमंत्री पेमा खांडू के खिलाफ कठोर रुख अपनाया है। ज्ञात हो कि पेमा खांडू भी भाजपा के ही मुख्यमंत्री हैं। हिमंता की तरह उन पर भी उनकी पत्नी को लेकर ही आरोप लगा है।
सुप्रीम कोर्ट ने अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू के परिवार से जुड़ी फर्मों को सरकारी ठेके देने में कथित भ्रष्टाचार और ‘हितों के टकराव’ (Conflict of Interest) की सीबीआई (CBI) जांच के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने 1 जनवरी 2015 से 31 दिसंबर 2025 के बीच 1,270 करोड़ रुपये से अधिक के ठेकों की प्रारंभिक जांच (PE) का निर्देश दिया है। यह आदेश जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस प्रसन्ना बी. वराले की पीठ ने दिए हैं।
आदेश में कहा गया है कि जांच 1 जनवरी, 2015 से 31 दिसंबर, 2025 के बीच आवंटित सभी सार्वजनिक कार्यों और ठेकों को कवर करेगी।याचिका (Save Mon Region Federation द्वारा) में आरोप लगाया गया कि सीएम के परिजनों (पत्नी त्सेरिंग डोलमा, भाई ताशी खांडू, और भाभी नीमा ड्रेमा) से जुड़ी फर्मों को अनुचित तरीके से ₹1,270 करोड़ के ठेके दिए गए। CBI को अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट 16 सप्ताह के भीतर प्रस्तुत करने को कहा गया है। कोर्ट ने राज्य सरकार को जांच से संबंधित सभी रिकॉर्ड सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं।

संपादकीय टिप्पणी।
भाजपा शासित पूर्वोत्तर के दो राज्य असाम और अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पर सीधे-सीधे आरोप लगे हैं। दोनों आरोप में मुख्यमंत्री की पत्नियां भी शामिल हैं। ‘परिवारवाद’ के नाम पर अन्य पार्टियों को घेरने वाली भाजपा के दो मुख्यमंत्रियों पर लगे भ्रष्टाचार के ये आरोप भाजपा में गहरी होती परिवारवादी व्यवस्था की पोल खोलते हैं!
असाम मामले में यदि कांग्रेस के आरोप सही हैं, तो यह राष्ट्रीय सुरक्षा और नागरिकता कानूनों का भीषण उल्लंघन है। लेकिन यदि आसाम के मुख्यमंत्री का ‘डिजिटल जालसाजी’ का दावा सही है, तो यह भारतीय राजनीति में विपक्ष द्वारा ‘डीपफेक’ और ‘फेक नैरेटिव’ के इस्तेमाल की खतरनाक मिसाल होगी।
India Speak Daily के पाठकों के लिए यह समझना जरूरी है कि भ्रष्टाचार केवल धन का लेन-देन नहीं, बल्कि व्यवस्था के प्रति विश्वास का हनन भी है। जब तक स्वतंत्र एजेंसियां और अदालतें इन “दस्तावेजी युद्धों” का अंतिम सच सामने नहीं लातीं, तब तक यह चुनावी समर ‘तथ्यों’ के बजाय ‘दावों’ पर लड़ा जाता रहेगा।

डीप फेक, और फेक नैरेटिव द्वारा विपक्षी नेताओं को बदनाम करने की शुरुआत भाजपा द्वारा ही की गई है। भाजपा itcell को इसका मास्टर बनाया गया है।
भहोत कठीण समय है ???