Ashish Saini 34 अरब डॉलर की बारिश 4 सेप्टेंबर 2013 से 30 नवंबर 2013 पूरी दुनिया में कांग्रेस का डंका बज गया था डॉलर 66₹ से 58₹ पर आ गया था कांग्रेस की आर्थिक सोच को दुनिया ने सलाम किया था 2012-13, पूरे देश में शोर हो रहा था कि ₹ गिर रहा है..कांग्रेस ने देश को बरबाद कर दिया..सब झूटा प्रचार था..
वित्तमंत्री चिदंबरम साहब और RBI गवर्नर डॉ रघुराम राजन ने एक स्कीम का ए’लान किया था FCNR (B) स्पेशल विंडो 2013..FCNR (B) या’नि “फॉरेन करेंसी नॉन रेसिडेंट (बैंक)
ये स्कीम क्या थी?
NRI को डॉलर में FD डालने कहा गया फ़र्ज़ कीजिए, अमरीका में FD रेट थी 1% भारत ने डॉलर FD में 3% ब्याज दिया करेंसी फ्लक्चुएशन की गारंटी दी गई RBI ने बैंकों को डॉलर हेजिंग में छूट दी थी RBI ने बैंकों को 3.5% हेजिंग रेट दिया बाजारों में हेजिंग रेट 7% के आसपास थी या’नि बैंकों के लिए FD लेने का ख़र्च घट गया
भारत के बैंकों ने भी 2% एक्स्ट्रा कमाई की NRI के लिए तो लॉटरी लग गई अमरीका से 3 गुना ब्याज ये ब्याज टैक्स फ़्री था 3 साल की FD मगर 1 साल का लॉक इन बैंकों के सामने NRI की लाइन लग गई थी
भारत में डॉलर की बारिश हुई थी FCNR(B) में 25 अरब डॉलर आए थे..और शायद 9 अरब फॉरेन करेंसी और आई थी जो डॉलर के ‘अलावा दूसरी करेंसी में थी..
बीजेपी और घटिया स्वामी ने इस स्कीम को फ्रॉड/घोटाला बताया था..मगर जब सवाल पूछा गया तब जवाब नहीं दे पाया था..2019 तक मोदी भी इस स्कीम को गाली देता था..
कांग्रेस के इस क़दम से महंगाई घटी थी, मैन्युफैक्चरिंग बढ़ी थी और विदेशी निवेशकों की कतार लग गई थी.. कांग्रेस ने मिडल क्लास को बचा लिया था..विदेश में पढ़ने गए छात्रों का ख़र्च घटा दिया था..और भारत की इकॉनमी में दुनिया का यक़ीन बढ़ गया था
ऐसे ही ओबामा, IMF, वर्ल्ड बैंक वाले डॉ मनमोहन सिंह से सलाह नहीं मांगते थे..अगर आज डॉ साहब होते तो डॉलर क्राइसिस नहीं होने देते.. गांधी परिवार को गाली देने से डॉलर नहीं मिलेंगे..डॉलर का काम डॉलर से ही होगा..इस वक़्त के अनपढ़, मूर्ख और गधों को NRI एक डॉलर नहीं देंगे..क्योंकि NRI को भी पता है कि ये गैंग चोर है..
विदेश में जा कर NRI इवेंट कर क्या मिला? मगर जब कांग्रेस ने NRI को एक आवाज़ दी तो 34 अरब डॉलर की बारिश हुई थी..किसी इवेंट की ज़रूरत नहीं पड़ी और ख़ामोशी से काम किया था..
मैंने बग़ैर किसी टेक्निकल शब्द के सहजतम भाषा में लिखने की कोशिश की है..बहुत कुछ जानबूझ कर नहीं लिखा है ताकि सब को समझने में आसानी रहे..आप सब से गुज़ारिश है कि “FCNR(B) स्पेशल विंडो 2013” को गूगल पर पढ़ें..
इकोनॉमिक्स किसी स्काउंडरेल का सब्जेक्ट नहीं है..और इकॉनमी कोई गधा नहीं चला सकता..
