“जेन-जी” को कॉक्रोच कहता है
“जेन-जी” को कॉक्रोच कहता है, जो खुद है नाली का कीड़ा ;
लगता देश जला देने का , उठा लिया इसने बीड़ा ।
पता नहीं क्या हुआ देश को ? शिरोभाग ही नष्ट हो रहा ;
जिन पर देश की जिम्मेदारी, पूरी तरह से भ्रष्ट हो रहा ।
सड़ी बुद्धि का बुड्ढा नेता , उसी तरह के उसके साथी ;
देश लूटने का एजेंडा , ये सारे हैं सफेद हाथी ।
दुनिया भर के सारे पापी , इनका एक संगठन है ;
अब्बासी-हिंदू भारत का नेता, देश में इसने किया गठन है ।
ये सब के सब फ्री-मेजन हैं , धर्म से इनको नफरत है ;
गंदे से गंदा काम ये करते , यही तो इनकी फितरत है ।
एपस्टीन-फाइल के पापी , पूरी-दुनिया को नचा रहे हैं ;
कई देशों में इनका शासन , दुराचार को बढ़ा रहे हैं ।
पूरी-दुनिया की आबादी,नब्बे-प्रतिशत तक मिटाना चाहें ;
कोरोनावायरस का इंजेक्शन , जैसे कृत्य कराना चाहें ।
पहले बीमारी फैलाते हैं , काफी लोग उसी में मरते ;
फिर ऐसे इंजेक्शन लगवाते , कमजोर-व्यक्ति सारे मरते ।
इंजेक्शन महंगा बिकवाकर , ये सब लूट मचाते हैं ;
निर्दोष लोग लुटते पिटते हैं , अपने प्राण गंवाते हैं ।
नब्बे-प्रतिशत नेता , अफसर , व्यापारी , बाबा , न्यायाधीश ;
ऐसे ही बन चुके देश में , शैतान के आगे झुकाते शीश ।
शैतानी-साम्राज्य देश में , क्योंकि हिंदू ! कमजोर हो चुका ;
धर्महीन – अज्ञानी हिंदू ! धर्म – सनातन छोड़ चुका ।
गंदी-शिक्षा झूठा-इतिहास , अच्छी-शिक्षा का पूर्ण-अभाव ;
धार्मिक-शिक्षा व नैतिक-शिक्षा , इनका कहीं नहीं है भाव ।
लगभग हर नेता की साजिश , कोई नहीं है धुला दूध का ;
वामी,कामी,जिम्मी,सेक्युलर , सबका एजेंडा रहा पाप का ।
राजनीति कैसी भारत की ? दुराचार के हाथों में ;
सारे गंदे – पाप बसे हैं , ऐसे नेता की सांसों में ।
अब्बासी-हिंदू भारत का नेता , नम्बर – एक दुराचारी ;
दुराचार का होल-सेलर है , बहुत बड़ा भ्रष्टाचारी ।
रोजगार सब नष्ट कर दिये , नोट-बंदी व जी एस टी ;
कानून का शासन नष्ट कर दिया, भारत की किस्मत फूटी ।
इसके सारे संगी – साथी , ढोल के साथी डंडे हैं ;
दोनों – हाथों देश लूटते , मुफ्तखोर मुस्टडें हैं ।
अंतिम-समय आ गया तेरा , हिंदू ! अब तो जाग जाओ ;
सब के सब सड़कों पर निकलो व अच्छी-सरकार बनाओ ।
“जय सनातन-धर्म”,ब्रजेश सिंह सेंगर “विधिज्ञ”
