संदीप देव। नकली शंकराचार्य बनाने के बाद अब संघ ने माता दुर्गा के नए अवतार को अवतरित कर दिया है, नाम रखा है ‘भारत दुर्गा”! और इसे 52वां शक्तिपीठ घोषित कर दिया है! अर्थात् संघ की सनातन धर्म के 51 शक्ति पीठों में कोई आस्था नहीं है।
संघ अब अपने ढंग से हिंदू धर्म को न केवल परिभाषित कर रहा है, बल्कि नये-नये देवता और तीर्थ स्थल भी गढ़ रहा है।

साथ ही संघ भारतीय तीर्थों का विध्वंश कर उन्हें पर्यटन क्षेत्र में तब्दील करता जा रहा है, जिससे सदियों में विकसित हुए सनातन आध्यात्मिक ऊर्जा का क्षरण हो रहा है, जिस कारण देश-दुनिया में नयी-नयी विपदा पैदा हो रही है।
संघ मंदिर-तीर्थस्थलों से जमकर धन की उगाही भी कर रहा है। संघ बौद्वों की तरह नया पंथ चलाने पर आमदा है। संघ वैदिक सनातन धर्म के विरुद्ध आचरण कर रहा और शास्त्रों में कहा गया है जो वेद विरुद्ध है, वह नास्तिक है।
संघ एक नास्तिक विधर्मी संगठन है, जिसका हिंदू धर्म से संबंध केवल हिंदुओं का हर प्रकार से दोहन करने तक सीमित है!
सत्य को दबने न दें!
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वंदे विष्णुं 🙏, संदीप जी जिस रास्ते पर आप चल रहे हैं उस पर विधर्मियों से अधिक अपनों से ज्यादा सावधान रहने की आवश्यकता है।
संघ सबसे बड़ा सनातन द्रोही संगठन सिद्ध हो रहा है।