दैनिक जागरण अखबार में हमारी सोसायटी के समाचार से अवगत कराना चाहती हूं। हमारी सोसायटी में पर्यावरण संरक्षण के लिए kitchen waste से खाद बनाने के लिए आधुनिक कंमपोस्टर (composters) जिन्हें Aerobins कहा जाता है लगाए गए हैं जिसकी संख्या बीस हो गई है, दिसंबर माह में दस एरोबिन्स लगे थे और एक माह के भीतर दस ओर लगाए गए हैं।हम महिलाओं ने इसके लिए बहुत मेहनत की और अपनी सोसायटी के उच्च अधिकारियों को समझने में सफल रहे।

साथ ही हमें यह IPCA से लगभग मुफ्त में मिले हैं क्योंकि हम कुछ महिलाएं सोसायटी से वो प्लास्टिक जो कहीं नहीं बिकता जैसे चिट्स पैकेट्स, टाफी,राशन वगैरह के पैकेट्स, पानी की बोतलें,दूध,दही , घी,छाछ के पैकेट्स अच्छी तरह धोकर, सुखाकर देते हैं और IPCA उनसे तरह तरह की चीजें जैसे फर्नीचर, गमले आदि बनाकर बेचता है और हम यह सब घर घर से इकट्ठा कर IPCA को पिछले तीन साल से दे रहीं थीं तो उन्होंने हमारी सोसायटी को kitchen waste से खाद बनाने के लिए बीस एरोबिन्स लगवाए हैं।
इसके लिए हमें बहुत मेहनत और लम्बी लड़ाई लड़नी पड़ी है।आज के अखबार में हमारी सोसायटी और हम Green Guardians team members के नाम छपे हैं।
इससे पहले लोग फल, सब्जियों के छिलके पालीथीन में डालकर सोसायटी के बाहर गायों को डालते थे और पालीथीन खाने से चार, पांच गायें मर गई थीं,हम लोगों ने लोगों को बहुत समझाया लेकिन कोई नहीं सुन रहा था तब हमने सोसायटी के उच्च अधिकारियों से इस बारे में अवगत कराकर गेट पर ड्यूटी देने वाले गार्ड को यह जिम्मेदारी दिलाई कि लोग ऐसे पालीथीन में फल सब्जियों के छिलके नहीं डालें। साथ ही सोसायटी में जगह जगह electronic waste को इकट्ठा कर उनका ठीक से निस्तारण हो, इसका प्रयास किया गया है।
अब सोसायटी से ज्यादातर कचरे का सही से निस्तारण हो रहा है और हमारा प्रयास है कि हम अपनी सोसायटी को zero waste सोसायटी बनाएं।
हम कोई भी कचरा land fill में नहीं जाना चाहते और पूरा परिश्रम कर रहे हैं। पिछले सावन से सोसायटी में और आस-पास बड़े पेड़ लगवाए गए हैं हमारी टीम ने और सबकी देखभाल कर रहे हैं।हम यदि धरती मां की थोड़ी सी भी सेवा कर पाएं तो बहुत सौभाग्य होगा हमारा।
