कोलकाता की मुस्लिम बस्ती से सगी बहनों की बरामदगी के बाद पुलिस ने दोनों से लंबी पूछताछ की है। उन्होंने पकड़े गए लोगों के बारे में बहुत कुछ बताया है मगर उन्होंने कहा कि वह घर तभी जाएंगी जब सभी को छोड़ दिया जाएगा। उनका कोई कसूर नहीं है। दोनों बहनों ने कहा कि यह सभी लोग धर्म के लिए काम करते हैं। अगर, वो जेल चले गए तो उन्हें जन्नत भी नसीब नहीं होगा।
जन्नत का रास्ता
बड़ी बहन (33 वर्ष) से पूछताछ के बाद पुलिस को पता चला वह एमएससी जूलाॅजी के साथ एमफिल कर चुकी है। वर्ष 2020 में नेट की तैयारी के लिए खंदारी क्षेत्र की कोचिंग में पढ़ने जाने लगी थी। कोचिंग में कश्मीर की कई युवतियां आया करती थीं। उसकी मुलाकात ऊधमपुर, जम्मू कश्मीर निवासी साइमा उर्फ खुशबू से हो गई थी। फिर दोनों की फोन पर भी बात होने लगी। तभी साइमा ने बड़ी बहन को मुस्लिम धर्म के बारे में बताना शुरू कर दिया। यह शुरुआत थी। धीरे-धीरे बुर्का पहनने से लड़कियों की हिफाजत और दूसरे धर्म में ज्यादा आसानी से जन्नत का रास्ता होने के बारे में बताना शुरू कर दिया।
कई वीडियो भी किए शेयर
बाद में कई वीडियो भी शेयर कर दिए। इसमें भी इसी तरह की बातें होती थीं, जिससे युवती उनकी बातों में आ गई। लाॅकडाउन में घर से निकलने पर प्रतिबंध था। तब परिजनों को पता चला कि बेटी नमाज पढ़ने लगी है। घर के पास मस्जिद से अजान होने पर उठ जाती है। यह देखकर परिजन परेशान हो गए थे। उस पर पाबंदी लगा दी। मोबाइल भी छीन लिया। मगर, वो मानी नहीं। उसने बहन के मोबाइल से अपने संपर्क बरकरार रखे। कनेक्टिंग रिवर्ट आईडी चलाने वाले रीत बनिक उर्फ इब्राहिम के संपर्क में रही। फिर मार्च में वह अपनी छोटी बहन को लेकर घर से भाग गई थी।
