संदीप देव। आज IT cell के Whatsapp University से यह लेख निकला(Pic-1,2&3) , जिसे बिना दिमाग लगाए कॉपी-पेस्ट और धड़ल्ले से ब्रेनडेड संघी-सरकारी हिंदू फॉरवर्ड कर रहे है। कुछ तो स्टडी कर लो कुछ भी शेयर करने से पहले। अब इस लेख में लिखा झूठ का सच जान लो!



झूठ नं-१ भारत अमेरिका से हथियार नहीं खरीद रहा है, रूस से खरीद रहा है?
सच:- भारत अमेरिका से हथियार खरीद में लगातार बढ़ोतरी कर रहा है।
उल्टा, भारत-अमेरिका रक्षा संबंध 2014 के बाद से और मजबूत हुए हैं। 2014 के बाद भारत ने अमेरिका से विभिन्न प्रकार के हथियार और सैन्य उपकरण खरीदे हैं, जिनकी कुल अनुमानित मूल्य 2008 से 2024 तक कम से कम 24 अरब डॉलर है।
- 2016 में अमेरिका ने भारत को “मेजर डिफेंस पार्टनर” का दर्जा दिया, जिससे रक्षा व्यापार बढ़ा।
- 2014 के बाद भारत द्वारा अमेरिका से खरीदे गए प्रमुख हथियार और उपकरणों की सूची निम्नलिखित है (ये मुख्य रूप से फॉरेन मिलिट्री सेल्स (FMS) और डायरेक्ट कमर्शियल सेल्स के माध्यम से हैं, जिसमें डिलीवरी की स्थिति 2024 तक की है):
- AH-64E अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर: 22 हेलीकॉप्टर (2015 में अनुबंध, डिलीवरी 2019-2020), साथ ही 6 अतिरिक्त (2020 में अनुबंध)। ये भारतीय सेना के लिए हैं।
- CH-47F चिनूक ट्रांसपोर्ट हेलीकॉप्टर: 15 हेलीकॉप्टर (2015 में अनुबंध, डिलीवरी 2019-2020)।
- MH-60R सीहॉक नेवल हेलीकॉप्टर: 24 हेलीकॉप्टर (2019 में अनुबंध, 12 डिलीवर हो चुके)। ये एंटी-सबमरीन वारफेयर के लिए हैं।
- P-8I Poseidon मैरीटाइम पैट्रोल एयरक्राफ्ट: 4 अतिरिक्त (2016 में अनुबंध, कुल 12)। ये भारतीय नौसेना के लिए हैं।
- M777 टोड 155mm होवित्जर: 145 आर्टिलरी गन (2016 में अनुबंध, डिलीवरी पूरी)।
- SIG Sauer SIG716 असॉल्ट राइफल: 1,45,400 राइफल (2019 में शुरुआती अनुबंध 72,500 के लिए, बाद में विस्तार)।
- AGM-114 हेलफायर एंटी-टैंक मिसाइल: 1,774 मिसाइल (1,454 डिलीवर)।
- स्टिंगर सरफेस-टू-एयर मिसाइल: 245 मिसाइल।
- हार्पून एंटी-शिप मिसाइल: 63 मिसाइल।
- MK 54 एंटी-सबमरीन टॉरपीडो: 78 टॉरपीडो (62 डिलीवर)।
- M-982 एक्सकैलिबर गाइडेड आर्टिलरी शेल: 1,400 शेल।
- MQ-9B ड्रोन (सीगार्डियन और स्काईगार्डियन): 31 UAV (2023 में अनुबंध, मूल्य लगभग 4 अरब डॉलर, डिलीवरी चल रही)।
- अन्य: C-130J ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट (अतिरिक्त), फायरफाइंडर रडार (12), और विभिन्न इंजन, बम, तथा गाइडेड मुनिशन जैसे JDAM।
- ये खरीद भारत की रक्षा क्षमता को मजबूत करने के लिए हैं, और हाल के वर्षों में सह-उत्पादन समझौते भी हुए हैं, जैसे GE F414 जेट इंजन का भारत में उत्पादन।
सच तो यह है कि भारत अब रूस पर निर्भरता कम कर रहा है और अमेरिका, फ्रांस, इजराइल जैसे देशों से हथियारों का आयात बढ़ा रहा है।
झूठ नं-२ अमेरिका की धमकी और 50% टैरिफ लगाने के बावजूद भारत रूस से सस्ता तेल खरीद रहा है?
सच:- अमेरिका की धमकी के बाद भारत ने रूस से तेल की खरीद कम करनी शुरू कर दी है। रूसी तेल के सबसे बड़े लाभार्थी मुकेश अंबानी की रिलायंस ने परसों रात ही एक प्रेस रिलीज जारी कर यह स्पष्टीकरण दिया है कि पिछले तीन सप्ताह से उसकी रिफाइनरी में रूसी तेल नहीं आया है।(Pic4)

वर्ष 2025 के आखिर में यह गिरावट आनी शुरू हुई, जो आंकड़ों में कुछ इस तरह है:-
- 2025 की गिरावट: अक्टूबर 2025 में रूस से आयात में 38% मूल्य और 31% मात्रा में कमी आई, जो अब तक की सबसे बड़ी गिरावट है।
- नवंबर 2025 में आयात छह महीने के उच्च स्तर पर पहुंचा, लेकिन दिसंबर 2025 में यह तीन सालों में सबसे कम (लगभग 1.1 मिलियन बैरल प्रति दिन) तक गिर गया।
- कुल ट्रेंड: 2024 में रूस भारत का सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता था (कुल आयात का लगभग 35-40%), लेकिन 2025-26 में यह 32.3% तक गिर गया।
- दिसंबर 2024 से ही आयात में कमी शुरू हो गई थी, और 2025 में यह 2.2 मिलियन बैरल प्रति दिन से घटकर 0.8 मिलियन तक पहुंच गया।
सोचिए कि IT cell और उसके झूठ को सोशल मीडिया पर फैलाने वाले लोग कितने बड़े देशद्रोही हैं कि उन्हें भारत के हितों से अधिक एक नेता के हित की पड़ी है और उसके लिए वह लगातार झूठ फैलाते, झूठ लिखते रहते हैं कि एक समय बाद जनता को झूठ ही सच लगे! देश को ऐसे गद्दारों से बच कर रहना चाहिए। हर कहे को चेक किए बिना, बिल्कुल भी शेयर न करें।
आज भारत की संप्रभुता दांव पर लगी हुई है और भारत सरकार की पूरी विदेश नीति अमेरिकी दबाव में चल रही है! आज अमेरिका तय कर रहा है कि भारत किस देश से संबंध रखे और किस देश से नहीं! भारत जैसे विशाल लोकतांत्रिक देश को कमजोर सरकार की कमजोर विदेश नीति का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।
तुलना कीजिए आप वाजपेयी सरकार के समय से जब परमाणु विस्फोट के बाद अमेरिकी प्रतिबंध की परवाह किए बिना देश अपनी शर्तों पर चल रहा था। आज अमेरिकी राष्ट्रपति रोज हमारे देश और देश के प्रधानमंत्री पर हमला कर रहा है, रूस और ईरान जैसे पुराने मित्रों से हमें तोड़ चुका है, नेपाल और बांग्लादेश में खुद आकर बैठ चुका है और इस समस्या से निपटने की जगह झूठ फैला कर जनता की आंख में धूल झोंका जा रहा है! आज का सच यही है! धन्यवाद।
