संदीप देव। देश की ‘हिसाब चुकता’ ब्राह्मण विरोधी और ‘जातिवादी राजनीति’ को सुप्रीम कोर्ट ने भिगो-भिगो कर मारा जूता!
कल सुप्रीम कोर्ट ने #UGC कानून पर स्टे देते हुए जो टिप्पणी की, वह सभी राजनीतिक दलों और जातिवादी नेताओं के मुंह पर जूता मारने के समान था। पढ़िए मी-लॉर्ड की टिप्पणी:-
CGI सूर्यकांत जी की टिप्पणी – “हम जातिविहीन समाज चाहते हैं। आप क्या देश को भूतकाल में ले जाना चाहते हैं ? ऐसा लगता है जैसे गाइडलाइन्स एक ही पक्ष को ध्यान में रखकर बनाई गई है।”

वकील ने इस पर जिरह किया, फिर मी-लॉर्ड ने टिप्पणी की:- “जाति की पूरी व्यवस्था आपने ब्राह्मणों पर मढ़ कर समाज में नफरत घोल दी है। क्या मुस्लिमों की जातियां भी ब्राह्मणों ने बनाई हैं? ईसाई में जातियां भी ब्राह्मणों की देन है? बौद्ध, सिख, जैन क्या सभी की जातियां ब्राह्मणों ने बनाई है? अगर ब्राह्मणों की जातियों से इतनी दिक्कत है तो आज ही अपने नाम से जाती हटा लीजिये। कौन आपको रोकेगा? कौन आपको अपने नाम के आगे जाति लगाने के लिए विवश कर रहा है?”
स्टे देते समय मी-लॉर्ड की टिप्पणी :- “अगर एक समाज का व्यक्ति उच्च पदों पर पहुंच कर भी खुद को शोषित ही रखना चाहता है तो इसमें गलती ब्राह्मणों की नहीं बल्कि उसकी अपनी मानसिकता की है।”
सुप्रीम कोर्ट की जूता मार टिप्पणी के कारण कोर्ट में मौजूद जातिवादी समर्थकों के चेहरे पर 12 बज रहे थे!
नोट:- सभी टिप्पणियां साभार ली गई हैं।
