संदीप देव। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज ने संघ के मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के संयोजक इंद्रेश कुमार को ‘लव-जिहाद’ पर एक्सपोज क्या किया, संघ अपने हिंदू विरोधी आचरण पर पूरी तरह उतर आया।
हिंदू बेटियों का विवाह मुस्लिमों से कराने के शंकराचार्य जी के आरोप पर हिंदू समाज कहीं जागरूक न हो जाए, इसलिए शंकराचार्य जी के विरुद्ध मुस्लिम और दलित महिलाओं के झुंड को संघ ने आज काशी में उतारा है। यह सभी संघ के मुस्लिम मंच से जुड़ी महिलाएं हैं!
सड़कों पर उतरी इन महिलाओं को देखकर सोच लीजिए कि मुस्लिम मंच की आड़ में संघ किन लोगों को हिंदू समाज के विरुद्ध इकट्ठा कर रहा है! अभी जब दिल्ली के उत्तम नगर में एक दलित तरुण खटिक की हत्या मुस्लिमों ने की थी तो संघ का यह भीम-मीम संगठन सड़क पर उतरा था? नहीं न? लेकिन शंकराचार्य के विरुद्ध संघ ने इन्हें तुरंत उतार दिया।
अब भी समझने को कुछ रह जाता है क्या कि संघ किस तरह हिंदू समाज के विरुद्ध बड़े षड्यंत्र को अंजाम दे रहा है? सोच कर देखिए, संघ की मोदी सरकार कानून भी तो इन्हीं भीम-मीम के लिए बना रही है और अब सड़क पर उतरने की ताकत भी इन्हें दे रही है! आगे आपका क्या होगा, सोच लीजिए?

सच तो यह है कि १० लाख हिंदू बेटियों का विवाह मुस्लिम लड़कों से कराने के इंद्रेश कुमार के दावे को शंकराचार्य जी द्वारा उद्घाटित करने से संघ बुरी तरह से डर गया है और उस डर को छुपाने और शंकराचार्य जी को चुप कराने के उद्देश्य से उसने यह जो भीम-मीम गठबंधन को आज सड़क पर उतारा है, उससे उल्टा संघ का हिंदू विरोधी चेहरा और अधिक एक्सपोज हो गया है!

इन महिलाओं से पत्रकार को यह भी पूछ्ना चाहिए था कि अगर १० लाख नहीं तो कितनी शादियां करवाई हैं, या एकभी शादी किसी हिन्दू लड़की की किसी मुस्लिम से नहीं कराई गई है ।यह तो सभी जानते हैं कि मुस्लिम मंच बनाया ही इसी लिए गया है, कि गैर शादी सुदा मुस्लिम यहां आएं और यहां आकर शादी करें, नहीं तो आर एस एस में जाने के लिए कितने मुस्लिम समाज के लोग आगे आते हैं। मुस्लिम समाज तो इस संगठन के नाम से ही घृणा करता है।