Meenakshi Sharan। कदाचित, मेरे पूर्व जन्मों के अच्छे प्रारब्ध का फल होगा जो 12 दिसंबर 2025, को मुझे पीठाधीश्वर शंकराचार्य श्री अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज का आशीर्वाद प्राप्त होगा।
मैं सदैव कुरुक्षेत्र गुरुकुलम फाउंडेशन (KGF) की ऋणी रहूँगी जो, धर्म जागृति, गौरवशाली हिन्दू इतिहास, और अपने अस्तित्व पर गर्व के उद्देश्य से प्रारम्भ हुए #सामूहिक_तर्पण अभियान के महत्व को समझते हुए मुझे “देवी दुर्गा” सम्मान से अलंकृत करने का सौभाग्य प्रदान कर रहा है।
SSandeep Deo आपकी संस्था के माध्यम से मेरा छोटा सा प्रयास समाज के उस वर्ग तक पहुचे जहाँ अभी सामूहिक तर्पण का अभियान नहीं पहुँच पाया, आपके माध्यम से मुझे पूज्य शंकराचार्य जी का आशीर्वाद प्राप्त हो, मेरे लिए इससे बड़ा सौभाग्य क्या होगा।
क्या है #सामूहिक_तर्पण अभियान?
विज्ञान, आध्यात्मिकता, चिकित्सा, कला, और धन धान्य से संपन्न भारत, विश्व का सबसे बड़ा विनिर्माण केंद्र था,
इसलिए समस्त विश्व की दृष्टि सदा भारत की धन सम्पदा पर रही है।
विश्व भर के लुटेरे आए, मंदिर तोड़े- लूटे, विश्विद्यालय, पुस्तकालय जलाए, जो तलवार हमने केवल रक्षा में उठती देखी थी, उसे सातवीं सदी में पहली बार, नागरिकों का रक्त बहाते देखा।
लेकिन हर विदेशी आक्रमणकारी को वीर हिंदूओं ने टक्कर दी, मातृ भूमि और धर्म की रक्षा के लिये सर कटा लिये, जौहर किये, लेकिन धर्म परिवर्तन स्वीकार नहीं किया!
विपरीत परिस्थितियों में हिंदुओं का मनोबल बढ़ा कर उन्हें धर्ममार्ग पर अडिग रखा, हमारे शंकराचार्यों व संतों ने । आवश्यकता पड़ने पर साधु-संतों और ब्राह्मणों ने भी शस्त्र उठाए, महर्षि देवल, महर्षि मेधातिथि, माधवाचार्य और विद्यारण्य स्वामी ने हिंदुओं की पुनर्वापसी करवाई, ग्रंथ लिखे।
गत १४०० वर्षों में, आम हिंदू नागरिक, राजा महाराजा, सिपाही, और 1905 से 1990 के नरसंहारों में मारे गए निर्दोष हिंदू; (आकलन के अनुसार) 80 करोड़ हिन्दुओं ने धर्म रक्षा में अपने प्राणों की आहुति दी है।
युवा पीढ़ी को उसी गौरवशाली हिंदू इतिहास का स्मरण कराकर, शत्रु की मंशा का बोध कराने तथा सनातन संस्कृति और धार्मिक परंपराओं को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से, हमने विश्वभर के हिंदुओं से #सामूहिक_तर्पण का आह्वान किया।
पिछले १० वर्षों में इस अभियान के अंतर्गत, हर 15 अगस्त को देश-विदेश में लाखों हिंदू, करोड़ों हिंदू पूर्वजों के श्राद्ध का संकल्प लेकर, इसे “#श्राद्ध_संकल्प_दिवस” के रूप में मानते हैं। और प्रत्येक सर्व पितृ अमावस्या को, “सामूहिक तर्पण” अर्पित कर अपने संकल्प को पूर्ण करते हैं।
अयोध्या फ़ाउंडेशन के हमारे इस अभियान का संज्ञान लेते हुए 2021 में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की सरकार ने 14 अगस्त को “विभाजन विभीषिका दिवस” घोषित किया।
10 अक्टूबर 2026, हरिद्वार में सामूहिक तर्पण के (मुख्य आयोजन) का ये दसवां वर्ष होगा।
देश विदेश के अनेक हिंदू संगठन, इसी दिन अपने अपने क्षेत्रों में सामूहिक तर्पण का आयोजन करते हैं।
विश्व का सबसे बड़ा नरसंहार, हिन्दुओं का नरसंहार; ना हम भूले हैं, ना विश्व भर को भुलाने देंगे।
हिंदू होने का दायित्व निभाइये, सनातन सभ्यता के गौरवशाली इतिहास को जीवित रखना, आपका भी कर्तव्य है!
