संदीप देव। भाजपा सत्ता की एक बड़ी विशेषता बन गई है, झूठे आरोप लगाकर विपक्षी नेता हों या शंकराचार्य-सभी को बदनाम करना। सरकारी आदेश पर दरबारी मीडिया और यूट्यूबर शूटरों की भूमिका में इनका चरित्र हनन करते हैं और जब कोर्ट में सरकारी एजेंसियों को फटकार लगती है और आरोपी बरी होते हैं तो भाजमुल्ले चुप्पी साध लेते हैं, क्योंकि तब तक वह सुपारी किलर की भूमिका निभा चुके होते हैं!

अब दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के मामले में कोर्ट ने सरकारी एजेंसी सीबीआई को साफ-साफ कहा है कि बिना सबूत इनको गिरफ्तार किया। अब मोदी-शाह मांगेगे केजरीवाल से माफी?
ऐसा ही हाल ईडी का है। उसे भी सुप्रीम कोर्ट से फटकार लग चुकी है। इन सरकारी एजेंसियों के केस की सफलता दर बेहद कम है, परंतु अपने राजनीतिक फायदे के लिए इनका इस्तेमाल शत-प्रतिशत बढ़ गया है!
इसके बावजूद सत्ता प्रतिष्ठान ज्योतिष्पीठाधीश्वर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज के मामले में अपनी नीच हरकत से बाज नहीं आ रहा है। शंकराचार्य मामले में भी एक दिन कोर्ट से सरकारी एजेंसी को ऐसी ही फटकार लगनी है, लेकिन तब तक सुपारी किलरों ने शंकराचार्य जी के चरित्र हनन का जो ठेका लिया है, उस काम में शिद्दत से जुटे रहेंगे!
नित्यानंद स्वामी मामले में भी हाईकोर्ट ने ऐसी ही फटकार लगाते हुए बेशर्म मीडिया को कहा था कि प्राइम टाइम में लगातार सात दिन तक माफीनामा वाला पट्टी चलाओ, क्योंकि तुमने बेवजह नित्यानंद स्वामी को बदनाम किया है।
पिछले १२ साल में सत्ता-प्रतिष्ठान, दरबारी मीडिया और भाजमुल्ले सोशल इंफ्लूएंसरों का यही मॉडस ओपरेंडी बन गया है!
