संदीप देव । फोटो:- १) बायीं तरफ बलात्कार, गो तस्करी जैसे 27 आपराधिक मामलों में हिस्ट्रीशीटर घोषित आशुतोष रामभद्राचार्य के साथ।
२) दायीं तरफ हिस्ट्रीशीटर आशुतोष के साथ सांठगांठ वाली तस्वीर में दिखे पुलिसकर्मी, माघ मेला में बटुकों को पीटने का आरोपी और कुंभ-2025 का नोडल अधिकारी, जिसे भगदड़ में हिंदुओं की मौत के बाद प्रमोशन दिया गया, यूपी पुलिस के लिए एक ‘काला अध्याय’ मानी जाने वाली ‘वैभव कृष्ण रिपोर्ट’ में दलाल व अपराधियों के साथ मिलकर ट्रांसफर-पोस्टिक रैकेट चलाने, ब्लैकमेलिंग और जासूसी कराने के आरोपी और वर्तमान में प्रयागराज का एडिशनल पुलिस कमिश्नर IPS अजयपाल शर्मा रामभद्राचार्य की गोद में।
बाद में योगी सरकार की विजिलेंस ब्यूरो ने वैभव कृष्ण रिपोर्ट को नकारते हुए अजयपाल को क्लिनचिट दिया, जिसके बाद भगदड़ में हिंदुओं की मौत के बाद इन्हें योगी सरकार ने प्रमोट कर दिया। इन पर एक महिला ने भी शादी के नाम पर झांसा का एफआईआर दर्ज कराया था, बाद में वह भी समझौता कर समाप्त करा दिया गया। इस अजयपाल शर्मा को उप्र के मुखिया योगी आदित्यनाथ का ‘ब्लू-आईड बॉय’ माना जाता है।
शंकराचार्य जी पर आरोप लगाने वाले हिस्ट्रीशीटर और जांच करने वाले पुलिसकर्मी, दोनों ‘सरकारी संत’ रामभद्राचार्य की गोद में बैठे हैं!
