Courtesy Desk: तमिलनाडु में नई सरकार के गठन को लेकर सियासत तेज हो गई है। राज्य में डीएमके और एआईएडीएमके जैसी धुर विरोधी पार्टियों के संभावित गठबंधन की अटकलें चर्चा में हैं।
वहीं दूसरी ओर 6 मई 2026 की ताजा जानकारी के अनुसार, टीवीके (TVK) प्रमुख और अभिनेता थलापति विजय के खिलाफ मद्रास हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है।
यह याचिका कथित धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering) के आरोपों की जांच की मांग को लेकर लगाई गई है। मद्रास हाई कोर्ट ने इस मामले को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने के निर्देश दिए हैं। यह याचिका ऐसे समय में आई है जब विजय ने 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में 108 सीटें जीती हैं। सोशल मीडिया पर आरोप लग रहा है कि राहुल गांधी (कांग्रेस) द्वारा विजय थलपति को समर्थन देने की घोषणा के कारण केंद्र सरकार की वक्र दृष्टि विजय पर पड़ चुकी है। थलपति को भी केंद्र की शरण में जाना पड़ सकता है।
इन घटनाओं के बीच बुधवार को टीवीके प्रमुख विजय ने लोकभवन में राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया और 112 विधायकों के समर्थन पत्र सौंपे। हालांकि, राज्यपाल ने 118 विधायकों का समर्थन मांगा, जिस पर विजय ने अतिरिक्त समय की मांग की है।
इस बीच खबर यह भी है कि वीसीके ने डीएमके के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ा था। चर्चा थी कि सरकार गठन के लिए वीसीके, टीवीके का साथ दे सकती है। इसी को लेकर वीसीके की बैठक प्रस्तावित थी, लेकिन डीएमके-एआईएडीएमके गठबंधन की अटकलों के बीच बैठक रद्द कर दी गई।
इससे पहले टीवीके के न्योते के बावजूद वामपंथी दलों और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) ने उन्हें समर्थन देने से इनकार कर दिया था।
उधर, एआईएडीएमके ने भी टीवीके को समर्थन देने से साफ इनकार किया है और इस तरह की खबरों को खारिज किया है।
आंकड़ों पर नजर डालें तो डीएमके को 59 और एआईएडीएमके को 47 सीटें मिली हैं। दोनों साथ आते हैं तो संख्या 106 होती है, जो बहुमत के 118 आंकड़े से 12 कम है। ऐसे में सरकार गठन के लिए अन्य दलों का समर्थन जरूरी होगा।
गौरतलब है कि तमिलनाडु की 234 सदस्यीय विधानसभा में टीवीके 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, लेकिन बहुमत से पीछे है। विजय दो सीटों से जीते हैं और एक सीट छोड़ने पर संख्या 107 रह जाएगी। पहले चर्चा थी कि विजय 7 मई को शपथ लेंगे और उन्हें कांग्रेस का समर्थन भी मिला है, लेकिन बहुमत के अभाव में सरकार गठन अटका हुआ है, जिससे शपथ ग्रहण टलने के आसार हैं।
साभार: प्रमोद माधव, आजतक। इसके अलावा विजय पर दर्ज मामले की रिपोर्ट अतिरिक्त रूप से खबर में जोड़ी गई है।
