कोलकाता का साहित्य महोत्सव विवाद : अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता बनाम कट्टरपंथ
एड.संजय पांडे | 31 अगस्त से 3 सितम्बर के बीच, कोलकाता के अकादमी दफ़्तर, रफ़ी अहमद…
मूवी रिव्यू: टेनेट देखकर लगा ‘चावल खाते-खाते कोई कंकड़ दांत में आकर फंस गया हो।’
निर्देशक के लिए आवश्यक था कि वह इस जटिलता को आसान कर…
