प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इज़राइल दौरे से ठीक एक हफ़्ते पहले, केन्द्र सरकार ने विदेशी देशों/एजेंसियों के साथ MOUs, LOI, JDOI (हर तरह का समझौता ) साइन करने की वह शर्त हटा दी थी, जिसमें पहले ऐसे समझौतों के लिए कैबिनेट की मंजूरी ली जाती थी।(Pic1)

कैबिनेट सेक्रेटेरिएट की तरफ़ से जारी मेमोरेंडम में लिखा है, “यह तय किया गया है कि अब से उन इंटरनेशनल समझौते के लिए पहले से कैबिनेट के मंज़ूरी की ज़रूरत नहीं होगी, जिन्हें प्रधानमंत्री के उस देश के ऑफिशियल दौरे के दौरान या उस विदेशी देश के प्रमुख के भारत के ऑफिशियल दौरे के दौरान किसी देश/एजेंसी के साथ करने का प्रस्ताव है।”
अर्थात् विदेश या विदेशी एजेंसी से समझौते में मंत्रीमंडल अब नगण्य हो गया है। अब हर समझौते की शक्ति केवल प्रधानमंत्री के हाथ में है!
बता दूं कि प्रधानमंत्री के इजरायल दौरे के समय भारत ने इज़राइल के साथ 16 MOUs साइन किए हैं। (Pic2)

