गिरधारी लाल गोयल । संघ के पाले हुए नाग आज कुछ एसे मामले ले रहा हूँ जो कि रामजन्म भूमि मंदिर बनने के बड़े काम की भीड़ में दिखायी देने से रहा गए थे
विश्व हिन्दू परिषद या VHP के एक राष्ट्रीय मंत्री है जो कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चम्पत राय जी के विश्वस्त हैँ आजकल अयोध्य्या में पड़े रहते है।
जब श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा होनी थी, मतलब 22 जनवरी 2024 से पहले और बाद में भी देश विदेश के हिन्दू समाज ने अपने आराध्य श्री रामलला के लिए हर तरह का सहयोग किया।
दान में खाने, पीने, व अन्य उपयोग की वस्तुओं का इतना दान आया की स्वयं VHP के कार्यालय कार सेवक पुरम में जगह ही नही थी……
हिंदुओं को याद होगा कि राजस्थान से गुजरात से मध्यप्रदेश से उत्तर प्रदेश से हरियाणा से महाराष्ट्र से , आंध्र प्रदेश/तेलंगाना से, कर्नाटक से व अन्य प्रांतों से हिंदुओं ने ट्रकों वस्तुएं दान में दी थीं
याद होगा कि राजस्थान से 60 टन शुद्ध देशी घी जो कि बैल गाड़ियों से रामभक्त अयोध्य्या धाम तक लेकर आये और घी देकर गए….. इस तरह का इतना दान आया कि जिसकी कल्पना स्वयं VHP ने भी नही की थी ।
दान में आये हुए खाद्य पदार्थों व अन्य दैनिक उपयोग-उपभोग की वस्तुओं यथा दाल, चावल, चाय, बिस्कुट, घी, खाद्य तेल, कंबल चद्दर – सूची लंबी है के भंडार की जिम्मेदारी उन्हीं राष्ट्रीय मंत्री को मिली थी….
लेकिन घी कहाँ गया किसी को नही पता…. ट्रकों बिस्कुट मानो चूहे खा गए , ट्रकों चीनी कहाँ गायब हुई, कई ट्रक समान सड़ गया…. कई ट्रक गायब हो गया….. कोई हिसाब नही है
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आपको याद हो कि राम लला की मूर्ति के लिए नेपाल की गंडक नदी से शालीग्राम शिला आयीं थीं वे शिलाएं प्रतिमा बनने के काम तो नहीं आयीं लेकिन इन राष्ट्रीय मंत्री की आर्थिक स्थिति जरूर मजबूत कर गयीं….. भक्ति भाव का शोषण कर लूटने के उद्देश्य से एक यात्रा निकाली थी vhp के नेतृत्व में…
नेपाल के काली नदी से उक्त शिलाएं अयोध्या तक लाने के पूरे मार्ग में हिंदुओं ने भरपूर दान और चढ़ावा चढ़ाया….. ज्ञात सूत्र बताते है कि करोड़ो रूपये केवल चढ़ावा में आया…. लेकिन राष्ट्रीय मंत्री उक्त दान व चढ़ावे को कहां ले गए कुछ भी पता नही.
इतना ही नही जो चट्टान या पत्थर ट्रक में आई थी जिस कार्य के लिए ही नहीं वरन उनका कोई भी उपयोग नही हुआ।
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राम मंदिर प्राणप्रतिष्ठा के बाद या पिछले वर्ष अयोध्य्या से जनकपुर तक रामबरात गयी थी….. रास्ते मे जगह जगह राम भक्तो ने बारात का स्वागत किया, साथ ही नगदी व आभूषण के रूप में नेग भी दिया…..
जनकपुर से बारात को दहेज दिया गया, जनक पुर वालों के भक्ति भाव को देख आप दहेज के धन और सामान का स्वयं अनुमान लगा सकते हैं की कितना दिया होगा….. उस दहेज का धन और सामान भी इन राष्ट्रीय मंत्री नें पता नहीं कहाँ उड़ा दिया…..
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-VHP का एक प्रकल्प है “धर्म यात्रा महासंघ” धर्म यात्रा महासंघ के नई दिल्ली स्थित दीन दयाल उपाध्याय मार्ग पर उक्त राष्ट्रीय मंत्री का कब्जा हैँ
हरिद्वार की मुखी धर्मशाला में एक कार्यालय है…. इस पर भी राष्ट्रीय मंत्री का कब्जा है
बताया तो यहाँ तक जाता हैँ कि उक्त प्रकल्प के पदाधिकारी और इन राष्ट्रीय मंत्री की एक साझा महिला मित्र भी है जो कि हरिद्वार के बजरंग दल कार्यालय में रहती है…. पता नहीं ये मित्रता कैसी है
