शंकराचार्य अपराधी है क्योंकी वह सत्ता के हाँथो बिके नहीं, धर्म पथ से डिगे नहीं ।
शंकराचार्य स्वामीश्री अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी आज सरकार की नजरो में अपराधी है तभी तो उनकी हत्या फिर सामाजिक हत्या के षड्यंत्र सरकार, प्रशासन और संत भेष में छुपे सत्ता द्वारा पोषित गुंडों और अपराधियों द्वारा करने का यत्न निरंतर किया जा रहा है ।
शंकराचार्य के विशेष प्रतिनिधि देवेन्द्र पांडेय (गोप जी) ने जारी प्रेस वयान में कहा कि यदि आज शंकराचार्य जी धर्म मर्यादा को तोड़कर सरकार का गुणगान करने लगे तो वह भी आज सत्ता द्वारा प्रचारी अच्छे और विद्वान संत माने जाते जैसे के अनेक मूर्ख आज सत्ता की चाटुकारिता कर सम्मानित संत के रूप में प्रचारित है । देवेन्द्र पांडेय ने कहा कि षड्यंत्रकारी भाजपा के भ्रष्टाचारी चारित्य को समझना जरूरी है ।

- हिमंत बिस्वा सरमा, असम- कांग्रेस की तरुण गोगोई सरकार में मंत्री रहे हिमंत बिस्वा शर्मा पर शारदा चिटफंड घोटाले में सीबीआई ने आरोपी बनाया था. सरमा पर आरोप था कि शारदा ग्रुप के डायरेक्टर सुदीप्त सेन से 20 लाख रुपए हर महीने लिए, जिससे ग्रुप का कामकाज बेहतर तरीके से चल सके, सरमा से अंतिम बार सीबीआई ने 27 नवंबर 2014 को पूछताछ की थी. हिमंत ने अगस्त 2015 में बीजेपी ज्वॉइन कर लिया था. इसके बाद सीबीआई ने हिमंत की फाइल बंद कर दी. हिमंत अभी असम के मुख्यमंत्री हैं ।
- शुभेंदु अधिकारी, पश्चिम बंगाल- ममता सरकार में कद्दावर मंत्री रहे शुभेंदु अधिकारी से सीबीआई ने शारदा घोटाले में पूछताछ शुरू की थी. उन पर आरोप था कि शारदा ग्रुप के डायरेक्टर सुदीप्त सेन से फेवर लिया था. शुभेंदु पर बाद में नारदा स्टिंग ऑपरेशन में भी पैसा लेने का आरोप लगा, जिसकी जांच ईडी ने शुरू की.
शुभेंदु जब टीएमसी में थे, तब जांच एजेंसी उन्हें परेशान कर रही थी, लेकिन जैसे ही बीजेपी में गए तो सारे मामले में उन्हें क्लिन चिट मिलने लगा. 2022 में बंगाल पुलिस ने शुभेंदु के खिलाफ शारदा घोटाले में जांच शुरू की. शुभेंदु वर्तमान में बंगाल विधानसभा में बीजेपी विधायक दल के नेता यानी नेता प्रतिपक्ष हैं. - जितेंद्र तिवारी, पश्चिम बंगाल- आसनसोल के कद्दावर नेता जितेंद्र तिवारी ने 2021 में तृणमूल छोड़ बीजेपी का दामन थाम लिया था. उस वक्त मोदी सरकार में मंत्री रहे बाबुल सुप्रीयो ने इसका खुलकर विरोध किया था. सुप्रीयो ने कहा था कि कोयला चोर और तस्करों को पार्टी में लाने का नुकसान होगा.
सुप्रीयो ने फेसबुक पर पोस्ट लिखकर कहा था कि कोल तस्करी केस में सीबीआई की कार्रवाई के बाद कुछ नेता बीजेपी में आने की जुगत लगा रहे हैं. मैं ऐसा होने नहीं दूंगा. हालांकि, हाईकमान ने तिवारी की एंट्री को हरी झंडी दे दी. जो कोयला तस्करी में शामिल रहे हैं अब उन पर सीबीआई का एक्शन नहीं हो रहा है. - नारायण राणे को भी बीजेपी ने वाशिंग मशीन में डालकर पाक-साफ कर दिया है. राणे अभी मोदी कैबिनेट में मंत्री हैं. बीजेपी नेता किरीट सोमैया ने उन पर आदर्श सोसायटी मामले में हेरफेर का आरोप लगाया था.
साल 2012 में सोमैया ने सीबीआई को 1300 पन्नों का एक दस्तावेज भी सौंपा था. साल 2017 में किरीट सोमैया ने ईडी को पत्र लिखकर नारायण राणे की संपत्ति जांच करने की मांग की थी. सोमैया ने कहा था कि राणे मनी लॉन्ड्रिंग कर अपना पैसा सफेद कर रहे हैं.
साल 2019 में नारायण राणे बीजेपी में शामिल हो गए और उन्हें केंद्र में मंत्री बनाया गया. राणे को लेकर सीबीआई और ईडी ने जांच रोक दी है. - बीएस येदियुरप्पा, कर्नाटक- कर्नाटक में बीजेपी का चेहरा बीएस येदियुरप्पा पर भी भ्रष्टाचार का आरोप लगा था. येदियुरप्पा को इसकी वजह से मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़नी पड़ी थी. येदियुरप्पा पर 2011 में 40 करोड़ रुपए लेकर अवैध खनन को शह देने का आरोप लगा था और लोकायुक्त ने उनके खिलाफ अरेस्ट वारंट जारी किया था.
2013 के चुनाव में येदियुरप्पा अलग पार्टी बनाकर चुनाव लड़े, जिससे बीजेपी को नुकसान का सामना करना पड़ा. इसके बाद येदि की घर वापसी हुई. 2016 में सीबीआई की विशेष अदालत ने येदियुरप्पा को क्लीन चिट देदीं गई बीजेपी में आने के बाद येदियुरप्पा के खिलाफ एजेंसी ने जांच ठीक ढंग से नहीं किया. - प्रवीण डारेकर, महाराष्ट्र- 2009 से 2014 तक मनसे के विधायक रहे प्रवीण डारेकर पर 2015 में मुंबई कॉपरेटिव बैंक में 200 करोड़ रुपए के घोटाले का आरोप लगाया गया था. बीजेपी ने इस मामले को जोरशोर से उठाया, जिसके बाद आर्थिक अपराध शाखा को केस की जांच सौंपी गई.
2016 में डारेकर बीजेपी में शामिल हो गए और विधान परिषद पहुंच गए. साल 2022 में आर्थिक अपराध शाखा ने उन्हें क्लीन चिट दे दिया. डारेकर मुंबई कॉपरेटिव बैंक सोसाइटी के अध्यक्ष बने . - हार्दिक पटेल, गुजरात- पाटीदार आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल पर बीजेपी सरकार के दौरान राजद्रोह का केस दर्ज किया गया था. हार्दिक को इसकी वजह से तड़ीपार भी रहना पड़ा था. हार्दिक पर 20 केस दर्ज किए गए थे.
पटेल गुजरात चुनाव से पहले कांग्रेस छोड़ बीजेपी में शामिल हो गए. राजद्रोह केस में बचने के लिए हार्दिक ने यह कदम उठाया. हार्दिक अभी बीजेपी के वीरमगाम से विधायक हैं.
इन नामों के अलावा सोवन चटर्जी, यामिनी जाधव और भावना गवली जैसे नेताओं पर भी जांच एजेंसी ने कोई एक्शन नहीं लिया, क्योंकि सभी बीजेपी या उनके सहयोगी पार्टी में चले गए.
अब उन 2 नेताओं की कहानी, जिस पर विपक्ष में रहने के दौरान बीजेपी भ्रष्टाचार का आरोप लगाती थी. दोनों नेता पहले बीजेपी के साथ गए और उन आरोपों से पीछा छुड़वाया. फिर बीजेपी से बाहर निकल आए.
- अजित पवार, महाराष्ट्र- महाराष्ट्र के कद्दावर नेता अजित पवार पर 70 हजार करोड़ रुपए के सिंचाई घोटाले का आरोप 2014 से पहले बीजेपी लगाती थी. इस मामले की जांच ईओडब्लयू को सौंपी गई थी. अजित पवार को लेकर बीजेपी के नेता देवेंद्र फडणवीस का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वे पवार को जेल में चक्की पीसने की बात कह रहे थे.
2019 में एक राजनीतिक उठापटक में अजित बीजेपी के साथ चले गए. पवार देवेंद्र फडणवीस के साथ जाकर गठबंधन कर लिया और खुद डिप्टी सीएम बन गए. इसके बाद घोटाले से जुड़ी सारी फाइलें बंद कर दी गई थी । बाद में अजित पवार बीजेपी छोड़ खुद की पार्टी में लौट आए. - मुकुल रॉय, पश्चिम बंगाल- पूर्व केंद्रीय मंत्री मुकुल रॉय पर 2015 में शारदा घोटाले में पैसा लेकर चिटफंड कंपनी फेवर देने का आरोप लगा था. रॉय ने 2017 में बीजेपी ज्वाइन कर लिया, जिसके बाद उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया. साल 2019 में रॉय ने दावा किया कि सीबीआई ने इस मामले में उन्हें क्लिन चिट दे दिया है और गवाह के तौर पर सिर्फ पूछताछ की है. ।
देवेन्द्र पांडेय ने कहा कि भ्रष्टाचारियों, षड्यंत्रकारियों, लुटेरों और धर्म विरोधियोंको संरक्षण देना तथा सच्चे, धार्मिक और देशभक्तों को प्रताड़ित करना भाजपा की मानसिकता है, पापी पाप करे, हत्या, लूट, ठगी या राष्ट्र के बिरुद्ध षड्यंत्र करे यदि बह भाजपा का भजनानंदी है तो उसे पवित्रता और देशभक्त होने के साथ ही ईमानदारी का प्रमाण पत्र भाजपा की सरकार जारी करती है ।
वर्तमान केन्द्र और प्रदेश की भाजपा सरकार आज कलंकित है । पुलवामा में सैनिकों की हत्या तब हुई जब राज्यपाल सतपाल मलिक लगातार षड्यंत्र का अंदेशा जताते रहे, क्या यह राष्ट्र के साथ गद्दारी और धोखा नहीं, क्या भारत की सुरक्षा का मजाक नहीं था ।
पहलगांव में जाती पूछकर हिंदुओं की हत्या और अमेरिकी दवाव में भारत सरकार का मौन साध लेना क्या देश को कमजोर सवित करने का उदाहरण नहीं । - देश के प्रधानमंत्री के ऊपर मानसी सोनी के बाद दुनिया के सबसे बड़े नरपिशाच के साथ नाम जुड़ने की चर्चा और हरदीपसिंह जो मोदी की सरकार में मंत्री है उनके वयानो पर मोदी की मौन, अमेरिका के राष्ट्रपति द्वारा भारत को लगतार धमकी देना अपनी मनमाना शर्तों को भारत सरकार से मनबाना जिसे ख़ामोसी से प्रधानमंत्री द्वारा स्वीकार कर करलेना क्या भारत की कमजोरी का प्रमाण नहीं है।
देवेन्द्र पांडेय ने कहा कि भारत में धर्म की रक्षा करना ग़ुलाम भारत की स्थिति से भी अधिक कठिन हो गया है । शंकराचार्य अपनी परंपरा छोड़दे या भाजपा सरकार के नतमस्तक हो जाए अन्यथा उनके बटुकों-ब्रह्मचारियो की चोटियाँ उखाड़ ली जाएगी, डंडी सन्यासियों के दंड तोड़ दिए जायेगे, उन्हें लात घूँसो और बेल्टो से पीटा जाएगा, गंगा स्नान से बंचित किया जाएगा, गंगा तट पर उनकी हत्या का षड्यंत्र रचा जाएगा , फर्जी मुकदमों में फसाकर उनकी सामाजिक हत्या कर दी जाएगी । ऐसा इस लिए किया जाएगा क्यो की शंकराचार्य धर्मयुक्त बात करते है सत्ता की चाटुकारता युक्त नहीं । गोहत्या होती रहे, प्राचीन मंदिर ध्वस्त होते रहे, धर्मांतरण होता रहे और शंकराचार्य मौन रहे अन्यथा उन्हें बर्वाद कर दिया जाएगा ।
योगी आदित्य नाथ मुख्यमंत्री होते हुए भी विधान सभा में झूँठ बोला कर देश को भ्रमित कर रहे है । फर्जी शंकरचर्यों की चरण बंदना करने बाले योगी आप शंकराचार्य परंपरा के दुश्मन बने हुए है जो दुखद है चिंतनीय है ।
देवेंद्र पांडेय ने कहा की शंकराचार्य का अपराध भारत की जानता जानना चाहती है, मैं उनके अपराधों की सूची जारी कर रहा हूँ जिन अपराधों के कारण उनकी हत्या और सामाजिक प्रतिष्ठा। पर आघात किया जा रहा है ।
१- अविरल निर्मल गंगा के प्रवाह और राष्ट्र नदी घोषित करने का आंदोलन शंकराचार्य जी ने किया यह उनका अपराध है .?
२- जन्म भूमिभूमि आंदोलन में शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती जेल गए, प्रमुख स्पार्ट गवाही स्वामीश्री अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी ने दी जिस करण राम जन्मभूमि हिंदू पक्षकारो को मिली यह बात न्यायालय के फैसले में लिखी है, यह उनका अपराध है .?
३- राम सेतु, को तोड़ने का आदेश भाजपा सरकार ने दिया जिसे बचाने के लिए आंदोलन और न्यायालय में पिटिशन अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी ने किया ।यह उनका अपराध है .?
४- गणेश विसर्जन पर प्रतिवंध का बिरोध करने पर शंकराचार्य स्वामीश्री अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के ऊपर बीच चौराहे में लाठी बरसाई गई ।यह उनका अपराध है .?
५- प्राचीन मंदिरों के विध्वंस को रोकने का यत्न शंकराचार्य स्वामीश्री अविमुक्तेश्वरानंद जी ने किया ।यह उनका अपराध है .?
६-बार-बार वाराणसी में चिन्निहित कर प्राचीन मंदिरों को तोड़ने का षड्यंत्र उजागर किया ।यह उनका अपराध है .?
७- गोवर्धन गिरिराज जी से दिल्ली संसद भवन जहाँ १९६६ में करपात्री जी पर गोली चलाई गई तक की नंगे पांव पद यात्रा करते हुए गो हत्या रोकने सरकार से गुहार लगाई गई ।यह उनका अपराध है .?
८- गो ध्वज स्थापना भारत यात्रा , भारत के सभी राज्यो में जाकर गो ध्वज स्थापना की गई, भारत में सनातन-हिंदू की स्थिति और संस्कृति को बचाने की प्रेरणा दी गई । यह उनका अपराध है .?
९- महाराष्ट्र में गो माता राज्य माता घोषित कराने का सार्थक यत्न किया ।यह उनका अपराध है .?
१०- सभी राजनैतिक पार्टियो के दरवाजे-दरवाजे जा कर गो माता की हत्या रोकने की गुहार लगाई गई । यह उनका अपराध है .?
११- बिहार जागरण यात्रा के माध्यम से गो माता के महात्म को जन जन को समझाने का यत्न किया गया ।यह उनका अपराध है .?
१२- भारत के भोले-भले सनातनी हिंदुओं को अनजाने में लगने बाले गो हत्या के पाप से बचने/बचाने की प्रेरणा देने का काम किया । यह उनका अपराध है .?
१४- गो माता राष्ट्रमाता बनने के धार्मिक, आध्यात्मिक, वैज्ञानिक महत्व को जन-जन तक पहुचाने हेतु यत्न जारी है । यह उनका अपराध है .?
१५- संगम तट पर संत परिवार से भेट करने शिविर-शिविर-दरवाजे-दरवाजे तक शंकराचार्य स्वयं गए । यह उनका अपराध है .?
१६- हजारों बच्चो को शिक्षा, भोजन, पुस्तक, आवास, औषधि की मुफ्त व्यवस्था आश्रमों में की गई, वेद, संस्कृति, सनातनी संस्कार और परंपरा को जीवन देने का यत्न ।यह उनका अपराध है .?
१७- भारत के वेदाचार्यों, विद्वानों, शिक्षाविदों, वैज्ञानिकों को जो सनातन के महात्म पर चिंतन करते है जिनकी विद्वता से भारत को धर्म त शक्तिशाली बनाने के सार्थक यत्न किए जा रहे है उनका निरंतर मनोबल बढ़ाना, पुरुस्कृत और सम्मानित करना । यह उनका अपराध है .?
१८- ४१२३ गो धाम सरकार से विना सहयोग लिए बनाने के प्रकल्प को पूरा कर राम गाय (देशी -वेद लक्षणा गो को विलुप्त होने से बचाने का यातना) यह उनका अपराध है .?
१९- हिंदुओं को एक जुट करने जातीय भेद समाप्त करने हेतु सभी वर्णों को मठ में समुचित स्थान देना और सामाजिक समरसता का संदेश देने का यत्न । यह उनका अपराध है .?
२०- करोड़ो युवाओ के लिए कृषि, गो सेवा, पंचगव्य, आयुर्वैदिक औषधियों के उत्पादन और निर्माण से स्वाबलंबी बनाने का यत्न करना । यह उनका अपराध है .?
२१- निर्भीकता से सत्य बोलना, पवित्र के साथ सरकार या किसी भी राजनैतिक पार्टी के दवाब-प्रभाव में आते बिना धर्म की मर्यादा और परंपरा को प्रतिष्ठा प्रदान करना । यह उनका अपराध है .?
तो निश्चित ही शंकराचार्य स्वामीश्री अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी सब से बड़े अपराधी है साथ ही उनके द्वारा प्रशस्त पथ पर चलने के कारण करोड़ो स्वाभिमानी, देशभक्त हम जैसे धर्म हठी भी अपराधी है ।
