FakeNews फैला कर शंकराचार्य जी को बदनाम करने के लिए लगता है मीडिया को बड़ी रकम मिल गई है! News18 शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी के विरुद्ध फर्जी न्यूज फैलाता पकड़ा गया। (Pic1)

माघ मेले में शंकराचार्य जी के संन्यासियों के साथ हुई मारपीट मामले में शंकराचार्य जी या उनकी लीगल टीम ने सुप्रीम कोर्ट में कोई भी याचिका दायर नहीं की थी, जैसा कि News18 झूठा दावा कर रहा है!
जिस व्यक्ति उज्जवल गौड़ (Pic2-याचिका की कॉपी) ने सुप्रीम कोर्ट में यह याचिका दाखिल की थी, उसका शंकराचार्य जी से कोई संबंध नहीं है, बल्कि जानकार बता रहे हैं कि वह एक संघी-भाजपाई है! उसने बड़ी चालाकी से एक आधी-अधूरी याचिका दाखिल की, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने पूछ लिया कि आप कौन है? उसके द्वारा सही जवाब नहीं देने पर सुप्रीम कोर्ट ने उसे बिना सुने ही उसकी याचिका को खारिज कर दिया।

संघ-भाजपा यही तो चाहती थी! याचिका खारिज होते ही मीडिया में यह झूठी खबर जारी कर दी गई कि माघ मेला मामले में शंकराचार्य की याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी!
चालाकी देखिए, संघ-भाजपा ने अपने आदमी से याचिका फाइल करवाया, फिर उसे खारिज करवाया और अंत में अपने ‘प्रेस्टीट्यूट’ के जरिए शंकराचार्य जी का नाम उछाल कर जनता को भ्रमित करने का खेल खेला! ठीक उसी तरह जैसे संघाचार्य वासुदेवानंद सरस्वती के जरिए पुरी पीठाधीश्वर स्वामी निश्चलानंद सरस्वती जी महाराज का फर्जी हस्ताक्षर कर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जी के पट्टाभिषेक को रोकने के लिए एक फर्जी याचिका दाखिल करवाया था और सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को ज्योतिष्पीठाधीश्वर के विरुद्ध मीडिया में इस्तेमाल किया था, जबकि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जी का पट्टाभिषेक इस निर्णय से पूर्व ही हो चुका था।
यही नहीं, पुरी पीठाधीश्वर के फर्जी हस्ताक्षर करने के कारण शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी की लीगल टीम ने वासुदेवानंद के विरुद्ध जो आपराधिक मामला दर्ज कराया था, उसे मीडिया से छिपा लिया गया। वैसा ही खेल संघी-भाजपाई ने इस बार भी खेला है!
लेकिन सुन लो संघियों! हम मुट्ठी भर विशुद्ध सनातनी हिंदू तुम संघियों की साजिश को कभी कामयाब नहीं होने देंगे।
