संदीप देव। पहले कम्युनिस्ट और कांग्रेसी हमारे रामायण-महाभारत को ‘माइथोलॉजी’ कहते थे, आज तथाकथित हिंदूवादी संगठन संघ के स्वयंसेवक देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रामायण-महाभारत को खुलकर ‘माइथोलॉजी’ कह रहे हैं!
कल जर्मन चांसलर के साथ हनुमान जी को पतंग बनाकर प्रधानमंत्री उड़ा रहे थे, आज लोगों से अह्वान कर रहे हैं कि हनुमानजी को गेमिंग में ढालो! जर्मनी में वह पहले ही मूर्तियों का उपहास उड़ा चुके हैं और काशी में आज तक मंदिर और मूर्तियां तोड़ी जा रही है!

विरोधी विचारधारा(पंच मक्कार) जब हिंदू धर्म पर वार करता है तो हम सावधान रहते हैं और उसका प्रतिकार करते हैं, परंतु जब कोई हिंदू वेश धर कर आता है (जैसे संघी) और हमारी संस्कृति, हमारे धर्म पर वार करता है तो या तो हम समझना नहीं चाहते, या मूकदर्शक बनकर चुप रहते हैं या फिर कुतर्क कर उसे डिफेंड करते और पाप के भागी बनते हैं!

राजा राममोहन राय, गांधी, संघ, मोदी जी का वही पैटर्न है! गांधी भी महाभारत के युद्ध को काल्पनिक कहते थे और आज मोदी भी उसे काल्पनिक (माइथोलॉजी) कह रहे हैं! हिंदू समाज के भाग्य में हिंदू वेशधारियों से ही छलना लिखा है!
