संदीप देव। एक ओर ‘श्री मंदिर परिक्रमा परियोजना’ की आधुनिक चकाचौंध है, तो दूसरी ओर सदियों पुराने मंदिर के खजाने (रत्न भंडार) के तालों के साथ होती प्रशासनिक छेड़छाड़। क्या यह केवल एक गणना है, या फिर सनातन धर्म के सबसे सुरक्षित मंदिर के खजाने में ‘सरकारी सेंधमारी’ की शुरुआत?
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