संदीपदेव। उड़ीसा में अभी कुछ समय पहले ही पहली बार भाजपा की सरकार बनी है। सरकार बनते ही जगन्नाथ पुरी मंदिर के खजाने पर कब्जे का प्रथम कार्य किया और रत्न भंडार के सूचीकरण से पुरी के गजपति महाराज और पुरी पीठाधीश्वर शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती जी महाराज को बाहर किया। अब उसके बाद हिंदुओं में जातिवादी विभाजन को चौड़ा करने का काम भाजपा ने आरंभ कर दिया है।
भाजपा ने उड़ीसा में आरक्षण कोटे में वृद्धि कर वहां भी हिंदुओं के बीच जातिवादी वैमनस्यता पैदा करना आरंभ कर दिया है!
खबर के अनुसार, ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी की अध्यक्षता में शनिवार को हुए कैबिनेट बैठक में अलग-अलग विभागों के 14 अन्य प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इस कैबिनेट बैठक में चिकित्सा और तकनीकी शिक्षा संस्थानों में आरक्षण के कोटे में वृद्धि का भी फैसला लिया गया है।

अमर उजाला की एक खबर के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने बताया कि एसटी छात्रों के लिए कोटा 12 प्रतिशत से बढ़ाकर 22.50 प्रतिशत कर दिया गया है। इसी तरह एससी छात्रों के लिए आरक्षण आठ प्रतिशत से बढ़ाकर 16.25 प्रतिशत किया गया है। ओडिशा में सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग (एसईबीसी) के रूप में पहचाने जाने वाले ओबीसी छात्रों के लिए राज्य सरकार ने 11.25 प्रतिशत का आरक्षण भी शुरू किया है।
खबर के मुताबिक, यह नई आरक्षण व्यवस्था राज्य भर के विश्वविद्यालयों, उनसे संबद्ध कॉलेजों, शैक्षणिक संस्थानों, आईटीआई और पॉलिटेक्निक में इंजीनियरिंग, प्रौद्योगिकी, प्रबंधन, कंप्यूटर अनुप्रयोग, चिकित्सा, सर्जरी, दंत चिकित्सा, नर्सिंग, फार्मेसी, संबद्ध स्वास्थ्य विज्ञान, मनोचिकित्सा, आयुर्वेद, होम्योपैथी, कृषि और संबद्ध विज्ञान, वास्तुकला, योजना और सिनेमाई कला जैसे विभिन्न क्षेत्रों में लागू होगी। साथ ही राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर अधिसूचित अन्य पाठ्यक्रमों में स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर पर प्रमाण पत्र, डिप्लोमा और डिग्री प्रदान करने में भी इस नई आरक्षण प्रणाली का पालन किया जाएगा।
खबर के अनुसार, फैसले के बारे में स्पष्टीकरण देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य की कुल 2,421 स्नातक और स्नातकोत्तर चिकित्सा सीटों में से 12 प्रतिशत आरक्षण के आधार पर एसटी छात्र केवल 290 सीटें ही सुरक्षित कर पाते थे। हालांकि, उनके कोटे को 22.5 प्रतिशत तक बढ़ाने के बाद, अब 545 एसटी छात्र चिकित्सा सीटें सुरक्षित कर पाएंगे। इसी प्रकार, एससी राज्य की आबादी का 17 प्रतिशत से अधिक हिस्सा हैं, लेकिन उनके लिए केवल आठ प्रतिशत आरक्षण था। पहले आरक्षित श्रेणी के तहत केवल 193 एससी छात्र ही सीटें प्राप्त कर पाते थे, लेकिन अब यह संख्या बढ़कर 393 हो जाएगी।
राज्य की कुल 44,579 इंजीनियरिंग सीटों में से, एसटी के लिए सीटों की संख्या 5,349 से बढ़कर 10,030 हो जाएगी। एससी के लिए यह संख्या 3,566 से बढ़कर 7,244 हो जाएगी, और पहली बार, एसईबीसी छात्रों के लिए 515 सीटें आरक्षित की जाएंगी।
मेरी टिप्पणी:-
जहां-जहां भाजपा की सरकार, वहां-वहां हिंदुओं में जातिवादी विभाजन की नीति! फिर भी संघी-सरकारी हिंदू कहते हैं कि भाजपा का विकल्प नहीं है? हां, यदि हिंदू समाज को पूरी तरह समाप्त करने के मामले में पूछ रहे हो तो एकदम ठीक बात है कि हिन्दुओं को मिटाने में भाजपा का कोई विकल्प नहीं है!
ओडिशा सरकार ने SC – ST के लिए आरक्षण बढ़ाया। चिकित्सा और तकनीकी शिक्षा में OBC यानी (SEBC) के लिए आरक्षण शुरू किया।
| श्रेणी (Category) | पुराना आरक्षण | नया आरक्षण | परिवर्तन/स्थिति |
| ST (अनुसूचित जनजाति) | 12% | 22.50% | +10.50% की वृद्धि |
| SC (अनुसूचित जाति) | 8% | 16.25% | +8.25% की वृद्धि |
| OBC / SEBC | – | 11.25% | नया कोटा शुरू किया गया |
