By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
India Speak DailyIndia Speak Daily
  • समाचार
    • देश
    • विदेश
    • मुद्दा
    • न्यायपालिका
    • अपराध
    • भ्रष्टाचार
    • जन समस्या
    • Events and Activities
    • Health Report
    • ISD Radio
    • ISD videos
    • English content
  • मीडिया
    • खोजी आलेख
    • मेनस्ट्रीम जर्नलिज्म
    • डिजिटल मीडिया
    • फिफ्थ कॉलम
    • फेक न्यूज भंडाफोड़
    • कानाफूसी
  • वैचारिकी
    • संघवाद
    • अस्मितावाद
    • जातिवाद
    • पंचमक्कारवाद
    • व्यक्तिवाद
    • समाजशास्त्र
    • राजनीतिक व्यक्तित्व
    • संपादकीय
  • इतिहास
    • स्वर्णिम भारत
    • गुलाम भारत
    • आजाद भारत
    • विश्व इतिहास
    • अनोखा इतिहास
  • धर्म
    • सनातन हिंदू धर्म
    • दर्शन और संप्रदाय
    • वास्तु एवं ज्योतिष
    • अब्राहमिक मजहब
    • उपदेश एवं उपदेशक
  • ब्लॉग
    • मूवी ज़ोन
    • भाषा और साहित्य
    • स्वयंसेवी प्रयास
    • कुछ नया
    • पर्यटन
    • नारी जगत
    • पुस्तकें
    • प्रेरक व्यक्तित्व
    • AI | Tech & Careers
    • SDEO’s Story
    • Sponsored Post
  • Members Only
  • JOIN US / LOGIN
Reading: राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में शामिल एनजीओ की अब खैर नहीं! पीएम मोदी ने सुरक्षा एजेंसियों को हर विदेशी फंड की जांच का दिया आदेश!
Share
Notification
Latest News
‘ब्रह्म का साधारणीकरण ही ब्रज है’: संत रमेश बाबा के गो लोक गमन पर योगी के शोक संदेश से आहत ब्रज, विनीत नारायण ने पत्र लिख व्यवस्था को आईना दिखाया!
अस्मितावाद
मुखौटों के दौर में एक खुरदुरा यथार्थ: नाना पाटेकर, उनका अंतर्विरोधी सफर और एक युग का अवसान!
Movie Zone SDEO's Story
मद्रास हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी: “ईसाई रिलीजन एक ‘मसीहाई मजहब है, जिसका धार्मिक मिशन सबको ईसा मसीह के शरण में लाना है”; ज़ेन ट्रस्ट की FCRA अपील खारिज!
न्यायपालिका
‘इंदु पर बिंदु’ और भविष्य मालिका: वैश्विक संकट, युद्ध और युगांतर की पूर्व पीठिका
वास्तु एवं ज्योतिष
यूपी की वोटर लिस्ट में 16.18 लाख ‘रहस्यमयी’ मतदाता: चुनाव आयोग ने छिपाए नाम, कानून को ताक पर रखकर हुआ खेल?
खोजी आलेख
Aa
Aa
India Speak DailyIndia Speak Daily
  • ISD Radio
  • ISD Videos
  • JOIN US / LOGIN
  • समाचार
    • देश
    • विदेश
    • मुद्दा
    • न्यायपालिका
    • अपराध
    • भ्रष्टाचार
    • जन समस्या
    • Events and Activities
    • Health Report
    • ISD Radio
    • ISD videos
    • English content
  • मीडिया
    • खोजी आलेख
    • मेनस्ट्रीम जर्नलिज्म
    • डिजिटल मीडिया
    • फिफ्थ कॉलम
    • फेक न्यूज भंडाफोड़
    • कानाफूसी
  • वैचारिकी
    • संघवाद
    • अस्मितावाद
    • जातिवाद
    • पंचमक्कारवाद
    • व्यक्तिवाद
    • समाजशास्त्र
    • राजनीतिक व्यक्तित्व
    • संपादकीय
  • इतिहास
    • स्वर्णिम भारत
    • गुलाम भारत
    • आजाद भारत
    • विश्व इतिहास
    • अनोखा इतिहास
  • धर्म
    • सनातन हिंदू धर्म
    • दर्शन और संप्रदाय
    • वास्तु एवं ज्योतिष
    • अब्राहमिक मजहब
    • उपदेश एवं उपदेशक
  • ब्लॉग
    • मूवी ज़ोन
    • भाषा और साहित्य
    • स्वयंसेवी प्रयास
    • कुछ नया
    • पर्यटन
    • नारी जगत
    • पुस्तकें
    • प्रेरक व्यक्तित्व
    • AI | Tech & Careers
    • SDEO’s Story
    • Sponsored Post
  • Members Only
  • JOIN US / LOGIN
Have an existing account? Sign In
Follow US
  • Website Design & Developed By: WebNet Creatives
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
India Speak Daily > मीडिया > फिफ्थ कॉलम > राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में शामिल एनजीओ की अब खैर नहीं! पीएम मोदी ने सुरक्षा एजेंसियों को हर विदेशी फंड की जांच का दिया आदेश!
फिफ्थ कॉलम

राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में शामिल एनजीओ की अब खैर नहीं! पीएम मोदी ने सुरक्षा एजेंसियों को हर विदेशी फंड की जांच का दिया आदेश!

Awadhesh Mishra
By Awadhesh Mishra 7 Min Read
Share
7 Min Read
India Speaks Daily - ISD News
SHARE

बंद कमरे में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के उन एनजीओ के फंडिग की निगरानी करने के साथ उसे चेक करने को कहा है जिस पर देश विरोधी गतिविधियों में संलिप्त होने का संदेह है। शीर्ष सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मोदी ने सुरक्षा अधिकारियों के साथ पुलिस अधिकारियों से इस काम को अंजाम देने को कहा है। समझा जाता है कि मोदी ने देश-विरोधी गतिविधियों में शामिल एनजीओ को सबक सिखाने की ठान ली है। प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में इस विषय के संदर्भ में अपनी चिंता जताई थी। अब जब मोदी खुले रूप से इस प्रकार के आदेश दे दिए हैं तो फिर अब इस मामले में गृह मंत्रालय राज्यों के साथ मिलकर उपयुक्त कदम उठाएगा।

मुख्य बिंदु

* एक उच्च स्तरीय बैठक में प्रधानमंत्री ने सुरक्षा अधिकारियों तथा पुलिस अधिकारियों से फंड चेक करने को कहा

* केंद्रीय गृह मंत्रालय अब राज्यों के साथ मिलकर इस मामले में उठाएगा ठोस कदम

More Read

यूपी की वोटर लिस्ट में 16.18 लाख ‘रहस्यमयी’ मतदाता: चुनाव आयोग ने छिपाए नाम, कानून को ताक पर रखकर हुआ खेल?
मोदी की हर सोच के पीछे एडवर्ड बर्नेज का दिमाग!
सत्ता की ‘कृपा’ और सुभाष चंद्रा: किसान के लिए फांसी का फंदा, मोदी के ‘मित्र’ को 22,000 करोड़ का ‘तोहफा’?
अडानी को क्लीन चिट और FCRA Bill 2026  पर यू-टर्न: क्या पर्दे के पीछे हुई भारत-अमेरिका की बड़ी ‘क्रॉस-डील’?

देश की संप्रभुता के लिए खतरा उत्पन्न करने वाली गतिविधियों तथा विदेशों से मिलने वाले फंडों के दुरुपयोग करने वाले कई एनजीओ पर विगत दो सारों सरकारी एंजेंसियों की नजर थी। यहां तक सुप्रीम कोर्ट ने भी माना कि केंद्र सरकार से एनजीओ को फंड देने के लिए कानून बनाया जाना चाहिए। देश में करीब 30 लाख एनजीओ देश में कार्यरत हैं लेकिन उनमें से महज 10 प्रतिशत ही अपना बाइलेंस शीट दाखिल करते हैं। इसका दुष्परिणाम ये है कि बड़े स्तर पर बिना किसी जवाबदेही के ये संगठन स्वच्छंद होकर सरकार से मिले 900 करोड़ से भी ज्यादा के फंड प्रति वर्ष खर्च करते हैं, जिसका कोई हिसाब किताब नहीं होता है। इसके अलावा इन संगठनों को विदेशी सहयोग के नाम पर हजारों करोड़ रुपये चंदे के रूप में मिलते हैं।

एक वरिष्ठ पद पर बैठे एक अधिकारी का कहना है कि लोकतंत्र में एक जाग्रत समाज महत्वपूर्ण होता है लेकिन देश में घटित कुछ घटनाओं ने उन एनजीओ की मंशा पर संदेह खड़ा कर दिया है जो अपनी लड़ाई को सामाजिक बुराइयों के खिलाफ बताते हैं। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने भी इन सामाजिक संगठनों में पारदर्शिता पर सवाल खड़ा किया है। इसके अलावा देश की सर्वोच्च जांच एजेंसी ने तो स्पष्ट रूप से कहा है कि ऐसे अधिकांश समूह बगैर किसी जिम्मेदीरी के चल रहे हैं। इसमें कोई दो राय नहीं कि एनजीओ सामाजिक बदलाव का एक उपकरण हो सकता है लेकिन इस महत्वपूर्ण माध्यों का उन गतिविधियों के लिए उपयोग कर लिया जाता है जो देश हित के खिलाफ होता है।

2017 में सुप्रीम कोर्ट ने एक रिट याचिका की सुनवाई करते हुए एनजीओ की मान्यता के लिए दिशानिर्देश तय करने तथा फंड प्राप्त करने , उसके लिए खाता बनाए रखने तथा उसका ऑडित करने के लिए एक प्रावधान तय करने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने अपने निर्देश में स्पष्ट कहा था कि दिशानिर्देश बिल्कुल स्पष्ट होना चाहिए और उसमें जिक्र होना चाहिए कि डिफॉल्ट होने पर फंड की रिकवरी के लिए कार्रवाई की प्रक्रिया के तहत जरूरत पड़ने पर आपराधिक कार्रवाई की जाएगी।

इस संदर्भ में प्रधानमंत्री का भी यही निर्देश है कि राज्य पुलिस उन एनजीओ तथा संगठनों की फंडिंग की निगरानी करें जिन पर राष्ट विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का संदेह है। जैसे विवादास्पद प्रचारक जाकिर नाइक के नेतृत्व में संचालित इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन ने अपने फंड का उपयोग मुसलिम युवकों को कट्टरपंथी बनाने के लिए करता था।

भारत में चल रहे एनजीओ को देश और विदेश से करीब 27,000 करोड़ रुपये फंड के रूप में मिलते हैं। गृह मंत्रालय के मुताबिक देश में करीब 25,000 संगठन विदेश सहयोग अधिनियम कानून (एफसीआरए) के तहत पंजीकृत हैं। एक आंकड़े के मुताबिक 2016-17 में विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक, आर्थिक, शैक्षणिक तथा धार्मिक गतिविधियों को संचालित करने के लिए एनजीओ को 18,065 करोड़ रुपये विदेश से सहयोग के रूप में मिले थे। इनमें से अधिकांश एनजीओ को कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसबिलिटी के अंतर्गत आने वाली कंपनियों से भी फंड मिलते हैं।

इतने फंड मिलने के बावजूद अधिकांश एनजीओ अपना बाइलेंस शीट दाखिल नहीं करते। इसी को देखते हुए गृह मंत्रालय ने राज्यों की पुलिस के साथ मिलकर इसी साल अप्रील में 2011-12 से लेकर 2016-17 तक अपनी बाइलेंस शीट दाखिल नहीं करने के लिए 3000 एनजीओ को नोटिस जारी किया था। नोटिस जारी करने पर पता चला कि कई एनजीओ तो अस्तित्व में ही नहीं हैं। आंध्र प्रदेश में 369, उत्तर प्रदेश में 431, दिल्ली में 299, झारखंड में 71, मध्य प्रदेश में 126, महाराष्ट्र में 519, छत्तीसगढ़ में 43 तथा बिहार में 262 एनजीओ नदारद निकले। पिछले साह ली मंत्रालय ने दिल्ली से संचालित होने वाले 166 एनजीओ के एफसीआरए लाइसेंस कैंसिल कर दिए।

लेकिन जिस प्रकार ने बंद कमरे में हुई उच्च स्तरीय बैठक में इस विषय को लेकर चिंता जताई है उससे उम्मीद की जाती है कि ऐसे एनजीओ के खिलाफ और सख्त कार्रवाई होगी। मोदी का मानना है कि इससे जहां समाज का माहौल बिगड़ता है वही देश की छिव विदेश में भी खराब होती है।

URL: NGOs involved in anti-national activities are no longer good, PM Modi ordered to check funding

Keywords: पीएम मोदी, एनजीओ, देश विरोधी संलिप्तता, PM Narendra Modi, funding of NGOs, anti-national activities, ngo’s anti national activites, foreign funded ngos

Awadhesh Mishra June 12, 2018
🇮🇳 राष्ट्रहित और सत्य के पक्षधर बनें

साहसी पत्रकारिता की शक्ति बनें।

एल्गोरिदम की सेंसरशिप के विरुद्ध आपका साहस ही हमारी सबसे बड़ी शक्ति है। India Speak Daily की खोजी पत्रकारिता और विशेष ऑडियो विश्लेषण तक सीधी पहुंच के लिए हमारे कुटुंब के सारथी बनें।

❤️ ISDian बनें — सदस्यता लें।

📢 हमारे WhatsApp और Telegram से जुड़ें

ब्रेकिंग न्यूज़, विशेष रिपोर्ट्स और महत्वपूर्ण अपडेट्स सीधे अपने मोबाइल पर प्राप्त करें।

✈ Telegram से जुड़ें ☘ WhatsApp से जुड़ें
⚡ तुरंत अपडेट्स • 📰 बड़ी खबरें • 🎙 विशेष रिपोर्ट्स • कोई स्पैम नहीं

जुड़ने के बाद आपको क्या मिलेगा?

⚡ ब्रेकिंग न्यूज़ अलर्ट

महत्वपूर्ण खबर प्रकाशित होते ही तुरंत अपडेट पाएं।

📰 दिनभर की प्रमुख खबरें

बड़ी खबरों का आसान और संक्षिप्त सार सीधे आपके मोबाइल पर।

🛡 फेक न्यूज़ के खिलाफ

भ्रामक सूचनाओं पर तथ्य आधारित रिपोर्टिंग और विश्लेषण।

🇮🇳 राष्ट्रहित कवरेज

भारत और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विशेष रिपोर्ट्स।

TAGGED: foreign funded ngos, NGO, pm modi

Related

आखिर करण थापर शिकायत क्यों कर रहे हैं? उन्हीं के वशंजों के हाथों में रही है लुटियंस दिल्ली की चाबी!

दिल्ली के ऐसे बहुत कम घर हैं जहां करण थापर...

June 12 2018

India Speaks Daily - ISD News

पत्रकारिता का निकृष्टतम उदाहरण है राजदीप सरदेसाई!

मेरे आज के इस लेख और इसकी भाषा से बहुतों...

June 12 2018

India Speaks Daily - ISD News

क्या मीडिया को इसलिए आजादी चाहिए कि वह इंडियन एक्सप्रेस की तरह हथियार दलालों के पक्ष में रिपोर्टिंग करे और एनडीटीवी की तरह भारतीय सेना की सुरक्षा से जुड़ी सूचनाओं को लीक करे!

विकास प्रीतम। 4 अप्रैल 2012 को इंडियन एक्सप्रेस अखबार के...

June 12 2018

सीबीआई और आयकर विभाग में वो कौन लोग हैं, जो ‘पेटिकोट पत्रकार’ अभिसार शर्मा की बीबी सुमना सेन को बचा रहे हैं?

पहले एनडीटीवी और अब एबीपी न्यूज में ‘नटुआगिरी’ करते ‘पेटिकोट...

June 12 2018

Share this Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Telegram Print
Leave a comment

Leave your Comments BelowCancel reply

--- Advertisement ---
Ad imageAd image
Ad imageAd image
Ad imageAd image

You Might Also Like

खोजी आलेख

यूपी की वोटर लिस्ट में 16.18 लाख ‘रहस्यमयी’ मतदाता: चुनाव आयोग ने छिपाए नाम, कानून को ताक पर रखकर हुआ खेल?

October 7, 2026
SDEO's Storyसमाजशास्त्र

मोदी की हर सोच के पीछे एडवर्ड बर्नेज का दिमाग!

September 16, 2026
भ्रष्टाचारसंपादकीय

सत्ता की ‘कृपा’ और सुभाष चंद्रा: किसान के लिए फांसी का फंदा, मोदी के ‘मित्र’ को 22,000 करोड़ का ‘तोहफा’?

August 27, 2026
देशफिफ्थ कॉलमविदेशसंपादकीय

अडानी को क्लीन चिट और FCRA Bill 2026  पर यू-टर्न: क्या पर्दे के पीछे हुई भारत-अमेरिका की बड़ी ‘क्रॉस-डील’?

August 12, 2026
//

India Speak Daily – No Left – No Right, Only Sanatani Voice.

Popular Categories

  • ISD Radio
  • ISD Videos
  • JOIN US / LOGIN

Quick Links

  • Refund & Cancellation Policy
  • Privacy Policy
  • Contact Us
  • Terms of Service
  • Advertise With ISD

Copyright © 2015 - 2026 - Kapot Media Network LLP. All Rights Reserved.

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Register Lost your password?