By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
India Speak DailyIndia Speak Daily
  • समाचार
    • इवेंट एंड एक्टिविटी
    • देश-विदेश
    • राजनीतिक खबर
    • मुद्दा
    • संसद, न्यायपालिका और नौकरशाही
    • सरकारें
    • अपराध
    • भ्रष्टाचार
    • जन समस्या
    • ISD Podcast
    • ISD videos
    • English content
  • मीडिया
    • मेनस्ट्रीम जर्नलिज्म
    • सोशल मीडिया
    • फिफ्थ कॉलम
    • फेक न्यूज भंडाफोड़
  • राजनीतिक विचारधारा
    • अस्मितावाद
    • जातिवाद / अवसरवाद
    • पंचमक्कारवाद
    • व्यक्तिवाद / परिवारवाद
    • राजनीतिक व्यक्तित्व / विचारधारा
    • संघवाद
  • इतिहास
    • स्वर्णिम भारत
    • गुलाम भारत
    • आजाद भारत
    • विश्व इतिहास
    • अनोखा इतिहास
  • धर्म
    • अध्यात्म
    • सनातन हिंदू धर्म
    • पूरब का दर्शन और पंथ
    • परंपरा, पर्व और प्रारब्ध
    • अब्राहम रिलिजन
    • उपदेश एवं उपदेशक
  • पॉप कल्चर
    • मूवी रिव्यू
    • बॉलीवुड न्यूज़
    • सेलिब्रिटी
    • लाइफ स्टाइल एंड फैशन
    • रिलेशनशिप
    • फूड कल्चर
    • प्रोडक्ट रिव्यू
    • गॉसिप
  • BLOG
    • व्यक्तित्व विकास
      • मनोविश्लेषण
    • कुछ नया
    • भाषा और साहित्य
    • स्वयंसेवी प्रयास
    • ग्रामीण भारत
    • कला और संस्कृति
    • पर्यटन
    • नारी जगत
    • स्वस्थ्य भारत
    • विचार
    • पुस्तकें
    • SDEO Blog
    • Your Story
  • JOIN US
Reading: Netflix और उसके पीछे की साजिश!
Share
Notification
Latest News
वोट-चोर क्यों कुर्सी छोड़े ?
भाषा और साहित्य
मौलाना मदनी का जुल्म
राजनीतिक व्यक्तित्व / विचारधारा
जब मनमोहन सरकार ने गिरते ₹ को थाम लिया था!
मुद्दा
इंडिगो हाहाकार का असली कारण!
ISD videos
मिसप्लानिंग के कारण इंडिगो एयरलाइन ठप्प
मुद्दा
Aa
Aa
India Speak DailyIndia Speak Daily
  • ISD Podcast
  • ISD TV
  • ISD videos
  • JOIN US
  • समाचार
    • इवेंट एंड एक्टिविटी
    • देश-विदेश
    • राजनीतिक खबर
    • मुद्दा
    • संसद, न्यायपालिका और नौकरशाही
    • सरकारें
    • अपराध
    • भ्रष्टाचार
    • जन समस्या
    • ISD Podcast
    • ISD videos
    • English content
  • मीडिया
    • मेनस्ट्रीम जर्नलिज्म
    • सोशल मीडिया
    • फिफ्थ कॉलम
    • फेक न्यूज भंडाफोड़
  • राजनीतिक विचारधारा
    • अस्मितावाद
    • जातिवाद / अवसरवाद
    • पंचमक्कारवाद
    • व्यक्तिवाद / परिवारवाद
    • राजनीतिक व्यक्तित्व / विचारधारा
    • संघवाद
  • इतिहास
    • स्वर्णिम भारत
    • गुलाम भारत
    • आजाद भारत
    • विश्व इतिहास
    • अनोखा इतिहास
  • धर्म
    • अध्यात्म
    • सनातन हिंदू धर्म
    • पूरब का दर्शन और पंथ
    • परंपरा, पर्व और प्रारब्ध
    • अब्राहम रिलिजन
    • उपदेश एवं उपदेशक
  • पॉप कल्चर
    • मूवी रिव्यू
    • बॉलीवुड न्यूज़
    • सेलिब्रिटी
    • लाइफ स्टाइल एंड फैशन
    • रिलेशनशिप
    • फूड कल्चर
    • प्रोडक्ट रिव्यू
    • गॉसिप
  • BLOG
    • व्यक्तित्व विकास
    • कुछ नया
    • भाषा और साहित्य
    • स्वयंसेवी प्रयास
    • ग्रामीण भारत
    • कला और संस्कृति
    • पर्यटन
    • नारी जगत
    • स्वस्थ्य भारत
    • विचार
    • पुस्तकें
    • SDEO Blog
    • Your Story
  • JOIN US
Have an existing account? Sign In
Follow US
  • Website Design & Developed By: WebNet Creatives
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
India Speak Daily > Blog > समाचार > मुद्दा > Netflix और उसके पीछे की साजिश!
मुद्दासोशल मीडिया

Netflix और उसके पीछे की साजिश!

Vipul Rege
Last updated: 2024/02/17 at 2:05 PM
By Vipul Rege 89 Views 6 Min Read
Share
6 Min Read
SHARE

विपुल रेगे। सन 1997 में अमेरिका के कैलिफोर्निया से शुरु हुआ नेटफ्लिक्स आज विश्व के 190 देशों में अपनी सेवाएं दे रहा है। नेटफ्लिक्स पर आरोप लगता रहा है कि उसकी फ़िल्में समाज के लिए बहुत हानिकारक है। विदेश में तो नेटफ्लिक्स के युवाओं और बच्चों पर पड़ने वाले प्रभावों पर शोध चल रहे हैं। इस प्रभाव को अमेरिका में ‘नेटफ्लिक्स इफेक्ट’ कहा जा रहा है। वोक संस्कृति को बढ़ावा देता नेटफ्लिक्स विशेष तरह की फिल्मों द्वारा समाज को तोड़ने पर क्यों लगा हुआ है, ये सवाल बहुत से लोगों के मन में गूंजता है। आज हम विश्व के 190 देशों में नेटफ्लिक्स का विषैला वृक्ष देख रहे हैं तो इसके बीज के बारे में भी जानना आवश्यक होगा।

ओटीटी पर बहुत से मंच फिल्मों और वेब सीरीज की सेवाएं दे रहे हैं। इनमे नेटफ्लिक्स का नाम और ओहदा सबसे ऊपर आता है। 190 देशों में नेटफ्लिक्स 45 भाषाओं में मनोरंजन परोसता है। नेटफ्लिक्स पर आरोप लगता रहा है कि वह अपनी फिल्मों के माध्यम से समाज को तोड़ने का काम कर रहा है। ये भी कहा गया कि समलैंगिकता जैसी विकृतियों को नेटफ्लिक्स समाज में स्वीकार्य बनाने का प्रयास कर रहा है। नेटफ्लिक्स की इस आइडियोलॉजी को अमेरिका की आइडियोलॉजी से अलग करके नहीं देखा जा सकता। दोनों ही विचारधाराएं परस्पर मिलती-जुलती है।

नेटफ्लिक्स ‘वोक संस्कृति’ को बढ़ावा देता प्रतीत होता है। ये अजीबोगरीब कल्चर अब तक तो भारत में अस्वीकार्य है लेकिन लंबे समय तक ये स्थिति बनी रहे, ऐसा नहीं लगता। सीमा पार से सांस्कृतिक आतंकवाद बड़ी तेज़ी से लाया जा रहा है। आज आप नेटफ्लिक्स पर सेक्स, हिंसा, समलैंगिकता, अभिभावक से संघर्ष पर लेकर बहुत सी फ़िल्में देख रहे होंगे। नेटफ्लिक्स जब शुरु हुआ तो इसके दो पार्टनर हुआ करते थे। रीड हैस्टिंग और मार्क रेंडाल्फ़ ने नेटफ्लिक्स को खड़ा किया था। यहाँ मार्क का इतिहास जानना जरुरी है। जब मार्क के इतिहास को जानेंगे तो पता चलेगा कि नेटफ्लिक्स एक विशेष तरह की विचारधारा का प्रबल समर्थक क्यों है। एक विशेष विचारधारा एक व्यक्ति विशेष के मन में जन्मती है और बाद में बहुत से लोगों को प्रभावित करने का कारण भी बनती है।

Netflix is not what you think it is pic.twitter.com/EiDX3yN2nm

More Read

जब मनमोहन सरकार ने गिरते ₹ को थाम लिया था!
मिसप्लानिंग के कारण इंडिगो एयरलाइन ठप्प
भारतीय महिला के पासपोर्ट को अवैध करार देकर चीन ने घंटों तक महिला को हिरासत में रखा
राहुल गांधी को चिट्ठी लिखने वाले आदर्श कुमार गोयल की सच्चाई
— illuminatibot (@iluminatibot) February 16, 2024

अठारहवीं सदी के अंत में सिग्मंड फ्रायड पैदा हुआ था। वह शिक्षा ग्रहण कर एक मनोविश्लेषक और न्यूरोलॉजिस्ट बन गया। कहने को तो सिग्मंड को फिजियोथेरेपी का जनक माना जाता है लेकिन उससे कहीं बढ़कर उसने मानव समाज को विकृतियां प्रदान की थी। सिग्मंड का निजी जीवन सामान्य लोगों की तरह नहीं था। सिग्मंड कोकीन लेने का आदी था और समाज में उसे प्रमोट भी किया करता था। मृत्यु के अंत तक उसने कोकीन का सेवन नहीं छोड़ा। इसके बाद उसने बच्चों के साथ यौन संबंध बनाने वाले कई मनोरोगियों पर शोध करने के बाद अत्यंत ही घिनौना सिद्धांत पेश किया। उस सिद्धांत में उसने कहा कि वयस्क बच्चे का शिकार नहीं करते बल्कि बच्चा स्वयं शारीरिक सुख चाहता है। सिग्मंड महिलाओं के प्रति भी घिनौना नज़रिया रखता था। वह कहता था महिलाएं ही समाज की एक समस्या है।

ऐसा पता चलता है कि सिग्मंड के पिता भी विकृत मानसिकता वाले व्यक्ति थे। इसका असर सिग्मंड में भी आया था। विकृत कामुकता जैसे इस परिवार की लिगेसी बन गई थी। सिग्मंड का पोता क्लेमेंट फ्रायड भी विकृत मानसिकता वाला था। उस पर शिशु यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए गए थे। परंपरा आगे बढ़ती रही। सिग्मंड की बहन एन्ना ने स्वीकार किया कि पिता द्वारा उसके साथ हिंसक यौन उत्पीड़न किया जाता था। इन्ही एन्ना का आगे चलकर एक पुत्र हुआ। इसका नाम एडवर्ड रखा गया। एडवर्ड बर्नी को ‘फादर ऑफ़ प्रोपोगेंडा’ कहा जाता था। एडवर्ड ने अपने परिवार तक को अपने प्रोपोगेंडा अभियान में झोंक डाला था। सही मायने में इस व्यक्ति ने प्रचार अभियानों से ब्रेन वाश करने की परंपरा शुरु की थी, जिसे उसके ही परिवार के लोगों ने आगे बढ़ाया। जैसे महिलाओं को सिगरेट पीने के लिए प्रेरित किया गया। उन्हें कहा गया कि सिगरेट पीना स्वतंत्र नारीवाद का परिचय देता है।

जो लिगेसी सिग्मंड ने शुरु की वह आज भी जारी है और पहले से अधिक शक्तिशाली ढंग से बढ़ती जा रही है। ‘फादर ऑफ़ प्रोपोगेंडा’ कहे जाने वाले एडवर्ड बर्नी के परिवार के ही एक सदस्य मार्क रेंडाल्फ़ ने समाज को तोड़ने वाले नेटफ्लिक्स की नींव रखी थी। आज पश्चिम के देशों में नेटफ्लिक्स को लेकर जागरुकता आने लगी है। इसके प्रभावों को लेकर अध्ययन किया जा रहा है। और भारत में अब तक सरकार ये तय ही नहीं कर सकी है कि जिस दैत्य को हम घर में घुसा लाए हैं, अब उससे कैसे निबटे। अंत में एक बार फिर सिग्मंड फ्रायड की बात।

सिग्मंड अपने पिता द्वारा प्रताड़ित था लेकिन साथ ही वह कार्ल जंग, चार्ल्स डार्विन जैसे लोगों से प्रभावित हुआ था। एक गलत विचारधारा को लोगों के रक्त में प्रवाहित करने के लिए कभी कभी दो सौ साल से अधिक का समय भी लग जाता है। सिग्मंड से क्लेमेंट, अन्ना से एडवर्ड और एडवर्ड से मार्क रेंडाल्फ़ तक इस काम में खपा दिए गए हैं। अंग्रेज़ हमारे यहाँ व्यापारी बनकर आए थे और अब नेटफ्लिक्स हमारे यहाँ मनोरजंन बनकर आया है। दोनों ही मौकों पर हम सोये रहे हैं।

Related

TAGGED: Bollywood, metro culture, Netflix, OTT, ott movie release, woke culture
Vipul Rege February 17, 2024
Share this Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Telegram Print
Vipul Rege
Posted by Vipul Rege
पत्रकार/ लेखक/ फिल्म समीक्षक पिछले पंद्रह साल से पत्रकारिता और लेखन के क्षेत्र में सक्रिय। दैनिक भास्कर, नईदुनिया, पत्रिका, स्वदेश में बतौर पत्रकार सेवाएं दी। सामाजिक सरोकार के अभियानों को अंजाम दिया। पर्यावरण और पानी के लिए रचनात्मक कार्य किए। सन 2007 से फिल्म समीक्षक के रूप में भी सेवाएं दी है। वर्तमान में पुस्तक लेखन, फिल्म समीक्षक और सोशल मीडिया लेखक के रूप में सक्रिय हैं।
Previous Article अब्बा से संबंध बनाओ !
Next Article Nityanand Swami Kailasa country Victory trail Continues! The Key Orchestrators is in the custody of the law.
Leave a comment Leave a comment

Share your CommentCancel reply

Stay Connected

Facebook Like
Twitter Follow
Instagram Follow
Youtube Subscribe
Telegram Follow
- Advertisement -
Ad image

Latest News

वोट-चोर क्यों कुर्सी छोड़े ?
मौलाना मदनी का जुल्म
जब मनमोहन सरकार ने गिरते ₹ को थाम लिया था!
इंडिगो हाहाकार का असली कारण!

You Might Also Like

मुद्दा

जब मनमोहन सरकार ने गिरते ₹ को थाम लिया था!

December 8, 2025
मुद्दा

मिसप्लानिंग के कारण इंडिगो एयरलाइन ठप्प

December 6, 2025
देश-विदेशमुद्दा

भारतीय महिला के पासपोर्ट को अवैध करार देकर चीन ने घंटों तक महिला को हिरासत में रखा

December 2, 2025
मुद्दा

राहुल गांधी को चिट्ठी लिखने वाले आदर्श कुमार गोयल की सच्चाई

November 22, 2025
//

India Speaks Daily is a leading Views portal in Bharat, motivating and influencing thousands of Sanatanis, and the number is rising.

Popular Categories

  • ISD Podcast
  • ISD TV
  • ISD videos
  • JOIN US

Quick Links

  • Refund & Cancellation Policy
  • Privacy Policy
  • Contact Us
  • Terms of Service
  • Advertise With ISD
- Download App -
Ad image

Copyright © 2015 - 2025 - Kapot Media Network LLP. All Rights Reserved.

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Register Lost your password?