By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
India Speak DailyIndia Speak Daily
  • समाचार
    • देश
    • विदेश
    • मुद्दा
    • न्यायपालिका
    • अपराध
    • भ्रष्टाचार
    • जन समस्या
    • Events and Activities
    • Health Report
    • ISD Radio
    • ISD videos
    • English content
  • मीडिया
    • खोजी आलेख
    • मेनस्ट्रीम जर्नलिज्म
    • डिजिटल मीडिया
    • फिफ्थ कॉलम
    • फेक न्यूज भंडाफोड़
    • कानाफूसी
  • वैचारिकी
    • संघवाद
    • अस्मितावाद
    • जातिवाद
    • पंचमक्कारवाद
    • व्यक्तिवाद
    • समाजशास्त्र
    • राजनीतिक व्यक्तित्व
    • संपादकीय
  • इतिहास
    • स्वर्णिम भारत
    • गुलाम भारत
    • आजाद भारत
    • विश्व इतिहास
    • अनोखा इतिहास
  • धर्म
    • सनातन हिंदू धर्म
    • दर्शन और संप्रदाय
    • वास्तु एवं ज्योतिष
    • अब्राहमिक मजहब
    • उपदेश एवं उपदेशक
  • ब्लॉग
    • मूवी ज़ोन
    • भाषा और साहित्य
    • स्वयंसेवी प्रयास
    • कुछ नया
    • पर्यटन
    • नारी जगत
    • पुस्तकें
    • प्रेरक व्यक्तित्व
    • AI | Tech & Careers
    • SDEO’s Story
    • Sponsored Post
  • Members Only
  • JOIN US / LOGIN
Reading: प्रधानमंत्री मोदी विरोधी नेताओं और एजेंडा पत्रकारों की छाती पर मूंग दल रहे हैं!
Share
Notification
Latest News
चुनावी मशीनरी पर संस्थागत कब्जे की नई ‘क्रोनोलॉजी’: कहीं भाई स्पीकर, कहीं पिता भाजपा प्रदेश अध्यक्ष—चुनावी कुर्सियों पर ‘हितों के टकराव’ का खतरनाक राष्ट्रीय सिंडिकेट!
खोजी आलेख
आखिर इतनी डरी हुई क्यों है सरकार? #ISD Live Video
ISD videos
मोदी सरकार की ‘झुकती रीढ़’ और एलन मस्क का दुस्साहस! जब मोदी सरकार ने मस्क के लिए बदला कानून, तो मस्क ने शुरू की ब्लैकमेलिंग!
खोजी आलेख
देश में दूसरा आपातकाल! आखिर इतनी डरी हुई क्यों है सरकार?
संपादकीय
‘अमेरिका फर्स्ट’ की वेदी पर भारतीय मेधा: निलंबन, मानवीय संकट और भारत की रणनीतिक विफलता
संपादकीय
Aa
Aa
India Speak DailyIndia Speak Daily
  • ISD Radio
  • ISD Videos
  • JOIN US / LOGIN
  • समाचार
    • देश
    • विदेश
    • मुद्दा
    • न्यायपालिका
    • अपराध
    • भ्रष्टाचार
    • जन समस्या
    • Events and Activities
    • Health Report
    • ISD Radio
    • ISD videos
    • English content
  • मीडिया
    • खोजी आलेख
    • मेनस्ट्रीम जर्नलिज्म
    • डिजिटल मीडिया
    • फिफ्थ कॉलम
    • फेक न्यूज भंडाफोड़
    • कानाफूसी
  • वैचारिकी
    • संघवाद
    • अस्मितावाद
    • जातिवाद
    • पंचमक्कारवाद
    • व्यक्तिवाद
    • समाजशास्त्र
    • राजनीतिक व्यक्तित्व
    • संपादकीय
  • इतिहास
    • स्वर्णिम भारत
    • गुलाम भारत
    • आजाद भारत
    • विश्व इतिहास
    • अनोखा इतिहास
  • धर्म
    • सनातन हिंदू धर्म
    • दर्शन और संप्रदाय
    • वास्तु एवं ज्योतिष
    • अब्राहमिक मजहब
    • उपदेश एवं उपदेशक
  • ब्लॉग
    • मूवी ज़ोन
    • भाषा और साहित्य
    • स्वयंसेवी प्रयास
    • कुछ नया
    • पर्यटन
    • नारी जगत
    • पुस्तकें
    • प्रेरक व्यक्तित्व
    • AI | Tech & Careers
    • SDEO’s Story
    • Sponsored Post
  • Members Only
  • JOIN US / LOGIN
Have an existing account? Sign In
Follow US
  • Website Design & Developed By: WebNet Creatives
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
India Speak Daily > समाचार > मुद्दा > प्रधानमंत्री मोदी विरोधी नेताओं और एजेंडा पत्रकारों की छाती पर मूंग दल रहे हैं!
मुद्दा

प्रधानमंत्री मोदी विरोधी नेताओं और एजेंडा पत्रकारों की छाती पर मूंग दल रहे हैं!

Courtesy Desk
By Courtesy Desk 7 Min Read
Share
7 Min Read
India Speaks Daily - ISD News
SHARE

मनीष ठाकुर। वाक्या फरवरी 2011 का है गोधरा कांड का जजमेंट कवर करने के लिए गुजरात जाना हुआ तो किसी कारणवस लगभग 20 दिन वहीं रहना पर गया। उसी दौरान एक शामअहमदाबाद के प्रेस कल्ब में वहां के कुछ पत्रकार साथियों के साथ बैठा और उनके मुख्यमंत्री नरेद्र मोदी के बारे में जानने की कोशिस कर रहा था। वह इसलिए क्योंकि गुजरात में जी न्यूज के ब्यूरो प्रमुख मेरे साथी भार्गव पारिख और हमारे चैनल के ब्यूरो प्रमुख ने हमे बताया था कि उनके मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी कई साल से प्रेस से नहीे मिल रहे। उनके् मुताबिक, बस एक सीडी जारी कर देते हैं प्रेस वाले उसे लूटने पहुंच जाते हैं हो गई प्रेस कांफ्रेस। भार्गव भाई और साथी मयूर जानी ने हमे बताया कि एक समय तो गुजरात सरकार के मीडिया प्रभारी टीवी के कैमरामैन को बुलाकर सीएम की पीसी करा लेते थे। बाद में पत्रकारों ने उसका जमकर विरोध किया तो सीडी दी जाने लगी।

गुजरात के पत्रकार साथियों का दर्द था कि उनका सीएम तो कैमरे पर आता ही नही। कभी वे सवाल जवाब ही नही कर पाते। दरअसल खिलाड़ी पक्षकारो की जिद्द थी कि वो एसआईटी को नही मानेंगे जो सुप्रीम कोर्ट ने बनाया था। वो उस अदालत को नही मानते, जो सुप्रीम कोर्ट की बनाई एसआईटी के आधार पर फैसला देती है। वो बस फरेब कर तैयार अपनी स्टिंग, तीस्ता सितलवाड़ द्वरा कब्र खोदकर लाश के साथ खेलते हुए यह साबित कर देंगे कि कैसे किसी एक महिला के गर्भ से भ्रूण निकाल कर मार दिया। वे तमाम कांग्रेसी नेता जो दंगा में शामिल थे तीस्ता के इस्तेमाल से कैसे उन्हे बचाकर साबित कर देंगें की दंगा एकतरफा था और उसमें सरकार की भूमिका थी। फरेबियों ने अपने फरेब को अलग अलग रंग में रंगा यह सब एसआईटू रिपोर्ट में है। फंडिग पा रहे इन फरेबियों को गुमान था कि वो लगातार अपना फरेब साबित कर मोदी को घर में घुसा दिए हैं। कैमरे से दूर कर दिए। आखिर एक आदमी एक झूठ पर कितनी बार सफाई दे सकता है। तब और अब में अंतर यही है कि वो आज भी फरेबियों के कैमरे के सामने नहीं आते। कैमरे उनके दीवाने हो गए हैं। कैमरे की मजबूरी हो गए हैं मोदी! क्यों वे भारतीय टीवी कैमरे के श्रृंगार हो गए?

बतौर रिपोर्टर गुजरात दंगे को बहुत करीब से कवर किया है। पूरी एसआईटी रिपोर्ट दस्तावेज के रुप में मेरे पास है। कैसे भारतीय मीडिया ने स्टींग के खेल के लिए तहलका डॉटकाम बनाया,उसके फर्जी पत्रकार आशिष खेतान का फर्जीवाड़ा उसमें तीस्ता सितलवाड़ और एनडीटीवी की सुपारी से लेकर कई पत्रकारों का तीस्ता के साथ मिलकर की गई साजिश। इसके बदले तिस्ता और तहलका के एकाउंट में करोड़ो की फंडिग। कभी दस्तावेज के साथ इस पर लिखूंगा। ये सब साजिश मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ बस इसलिए ताकि अटल बिहारी बाजपेई सरकार को गिराया जा सके। भारतीय मीडिया का बड़ा हिस्सा लगतार उसके लिए नरेंद्र मोदी के खिलाफ साजिश कर उन्हें दंगाई साबित करने में लगा था। इसके लिए वो तमाम भारतीय पक्षकार अपने धंधे में लगे थे जिन्हे सुपारी दी गई थी जिन्हे हम और आप बिला वजह बड़ा पत्रकार मान रहे थे। तहलका का संपादक तरुण तेजपाल (फ्रौड और बलात्कार के आरोप में जेल जा चुका है) उस समय हम सब उदयिमान पत्रकारों के लिए आदर्श था। आज उन तमाम लोगों से घिन आती है।

कभी सोचिएगा इन संपादकों की दस से पचास लाख की सैलरी क्यों होनी चाहिए? ऐसा क्या करते हैं ये? जबकि उन्ही की टीम में लोग दस हजार पर रिपोर्टिंग कर रहे हैं। जिस पत्रकारिता को खोजी पत्रकारिता का नाम दिया गया वो दरअसल उगाही के धंधे से ज्यादा कुछ था ही नहीं। आज वे ज्यादातर पक्षकार हासिए पर हैं। उनमें ज्यादातर से मिलने, उन्हें छूने की चाह होती थी लेकिन जब नजदीक से जाना तो वे दोयम दर्जे के उठाईगिर और उचक्के से ज्यादा नहीं लगे! इसीलिए जब आप उन्हे टीवी पर विश्लेषण करते देखते हैं तो आपको हसीं आती होगी। ये तमाम उठाईगिरों के सरगना सालों तक बस मोदी के खिलाफ साजिश रचते रहे,आज उनकी इन्ही साजिशों ने मोदी को इतना बड़ा बना दिया कि देखकर उनका छाती फटता होगा। सूरत का रोड सो तो बताता है कि नफरत के बीज से कोई रॉक स्टार कैसे पैदा होता है? भारतीय राजनीति में मोदी से ज्यादा धृणा मीडिया ने किसी के खिलाफ नहीं फैलाया। सच यही है । अब हालात यह है कि कह सकते है कि मीडिया में मोदी से ज्यादा महिमांमंडन भी किसी का नहीं हुआ।

More Read

श्रीराम की आस्था पर सत्ता का चक्रव्यूह: साधु चला रहे सरकार, अब फौजी संभालेंगे राम मंदिर!
EXPOSED: 91% असली वोटरों को बाहर कर बंगाल में किसका खेल बना? RTI के 28 पन्नों से चुनाव आयोग बेनकाब!
उपचुनाव-2026: भाजपा के अहंकार पर जनता ने किया करारा प्रहार!
यदि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं होता तो गिर जाती मोदी सरकार?

कभी कैमरे से दूर रहने वाले मोदी जानते हैं कि सेल्फी के एक एक शाट के मायने क्या हैं? ललाट पर त्रिपूंड के मायने क्या हैं? मंदिर के दीवारों को निहारने वाले शाट के मायने क्या हैं? दरअसल वो टीवी के परेबियों को एक एक शॉट के मायने सिखा रहे हैं। वो जानते हैं लाख विकास के नाम पर 20 घंटे काम किया जाए ,उसके लिए दिन रात एक कर लें , लेकिन तृष्टिकरण की नीति से दशकों से त्रस्त ,राजनीति के शिकार मानस को कैमरे के इस शॉट से शूकुन मिलता है।। कभी कैमरे के खिलाड़ियों के खेल से त्रस्त मोदी, कैमरे के हर श़ॉट के महारथी नजर आने लगे हैं। और बच्चा – बच्चा उन्हे अपने कैमरे मे समेटने के लिए दीवाना बना हुआ है। आपने सुना होगा उन युवको, किशोरो और बच्चो की बाइट ,जो दीवाना बना हुआ था अपने पीएंम की एक झलक पाने को,,उन्हें अपने मोबाईल के कैमरे में कैद करने के लिए। अब फरेबी सोच रहे होगें कि किसने गढा मोदी को…पेशे की अाबरू लूट कर तुम्हीं ने तो गढा है! सोचो न! देखो न ,एक-एक शाट क्या कह रहे हैं!टीवी की भाषा तो जानते हो न!

Courtesy Desk April 17, 2017
🇮🇳 राष्ट्रहित और सत्य के पक्षधर बनें

साहसी पत्रकारिता की शक्ति बनें।

एल्गोरिदम की सेंसरशिप के विरुद्ध आपका साहस ही हमारी सबसे बड़ी शक्ति है। India Speak Daily की खोजी पत्रकारिता और विशेष ऑडियो विश्लेषण तक सीधी पहुंच के लिए हमारे कुटुंब के सारथी बनें।

❤️ ISDian बनें — सदस्यता लें।

📢 हमारे WhatsApp और Telegram से जुड़ें

ब्रेकिंग न्यूज़, विशेष रिपोर्ट्स और महत्वपूर्ण अपडेट्स सीधे अपने मोबाइल पर प्राप्त करें।

✈ Telegram से जुड़ें ☘ WhatsApp से जुड़ें
⚡ तुरंत अपडेट्स • 📰 बड़ी खबरें • 🎙 विशेष रिपोर्ट्स • कोई स्पैम नहीं

जुड़ने के बाद आपको क्या मिलेगा?

⚡ ब्रेकिंग न्यूज़ अलर्ट

महत्वपूर्ण खबर प्रकाशित होते ही तुरंत अपडेट पाएं।

📰 दिनभर की प्रमुख खबरें

बड़ी खबरों का आसान और संक्षिप्त सार सीधे आपके मोबाइल पर।

🛡 फेक न्यूज़ के खिलाफ

भ्रामक सूचनाओं पर तथ्य आधारित रिपोर्टिंग और विश्लेषण।

🇮🇳 राष्ट्रहित कवरेज

भारत और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विशेष रिपोर्ट्स।

TAGGED: indian media, Narendra modi, Paid journalist

Related

गोकशी यूपी में खूब हो रहा है !         

 अर्चना कुमारी  उत्तर प्रदेश में गोकशी खूब हो रहा है। ...

March 31 2024

मोदी के नेतृत्व में भाजपा के बढ़ते प्रभाव से अपने वजूद को बचाने के लिए लालू यादव ने उसके सामने समर्पण कर दिया जो राष्ट्रवाद के खिलाफ सबसे वीभत्स चेहरा है।

बेगूसराय की राष्ट्रीय पहचान राष्ट्रकवि दिनकर से रही है। विद्यापति...

April 17 2017

नई दिल्ली: पीएम मोदी की अपील से ज्वेलरी इंडस्ट्री में हलचल; CTI ने जताई भारी गिरावट की आशंका!

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हाल ही में हैदराबाद...

April 17 2017

पाकिस्तान से पूछोगे तो भी बता देगा शिवसेना किसका है!

अर्चना कुमारी। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने रविवार...

April 17 2017

Share this Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Telegram Print
Leave a comment

Leave your Comments BelowCancel reply

--- Advertisement ---
Ad imageAd image
Ad imageAd image
Ad imageAd image

You Might Also Like

मुद्दासंपादकीय

श्रीराम की आस्था पर सत्ता का चक्रव्यूह: साधु चला रहे सरकार, अब फौजी संभालेंगे राम मंदिर!

September 3, 2026
खोजी आलेखमुद्दा

EXPOSED: 91% असली वोटरों को बाहर कर बंगाल में किसका खेल बना? RTI के 28 पन्नों से चुनाव आयोग बेनकाब!

August 28, 2026
मुद्दा

उपचुनाव-2026: भाजपा के अहंकार पर जनता ने किया करारा प्रहार!

August 3, 2026
देशमुद्दा

यदि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं होता तो गिर जाती मोदी सरकार?

July 28, 2026
//

India Speak Daily – No Left – No Right, Only Sanatani Voice.

Popular Categories

  • ISD Radio
  • ISD Videos
  • JOIN US / LOGIN

Quick Links

  • Refund & Cancellation Policy
  • Privacy Policy
  • Contact Us
  • Terms of Service
  • Advertise With ISD

Copyright © 2015 - 2026 - Kapot Media Network LLP. All Rights Reserved.

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Register Lost your password?