नयी दिल्ली। इंडियन एक्सप्रेस की एक खबर के अनुसार, केंद्र की मोदी सरकार सोशल मीडिया कंटेंट पर रोक लगने के लिए तेजी से काम कर रही है। UGC कानून, एप्सटीन फाईल आदि पर जिस तरह मोदी सरकार घिर रही है, उसके पास अब एक ही चारा बचा है कि वह सोशल मीडिया पर अघोषित आपातकाल लागू करे। जिस सोशल मीडिया के कारण यह सरकार सत्ता में आई है, वही सोशल मीडिया आज उसे डरा रहा है।
इंडिया स्पीक टेली और उसके प्रधान संपादक संदीप देव की सोशल प्रोफाइल पर भी कार्रवाई की गई है। एप्सटीन फाईल में नामित केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी संबंधित पोस्ट एक्स से हटाने के लिए आईटी मंत्रालय ने एक्स को लिखा है, वहीं हरदीप पुरी की बेटी हिमायनी पुरी ने इंडिया स्पीक डेली न्यूज़ पोर्टल को लीगल नोटिस भेजा है। एप्सटीन फाईल पर लगातार लिखने के कारण संदीप देव के प्रोफाइल को फेसबुक ने भी ब्लैकलिस्टेड कर दिया है। संदीप देव के एक एक्स पोस्ट पर उप्र की सरकार ने FIR तक दर्ज कर दिया है। ऐसे में इंडियन एक्सप्रेस की यह खबर बताती है कि कैसे सरकार अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को कुचल कर अघोषित तानाशाही की ओर बढ़ रही है!
‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की खबर के अनुसार, केंद्र सरकार जल्द ही गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम, 2000 की धारा 69 (A) के तहत सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म को कंटेंट ब्लॉक करने के आदेश जारी करने की अनुमति दे सकती है। यह अधिकार अभी केवल IT मंत्रालय के पास है। इसका असर Instagram, Facebook और YouTube जैसे टेक प्लेटफ़ॉर्म पर पड़ेगा, जिन्हें अब कई सरकारी एजेंसियों से कंटेंट ब्लॉक करने के आदेश मिलने शुरू हो सकते हैं।
दो वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, सरकार इस बदलाव को संभव बनाने के लिए एक संशोधन लाने हेतु विभिन्न हितधारकों के साथ मंत्रालयों के बीच चर्चा कर रही है। अधिकारियों ने बताया कि इंटरनेट पर AI-जनरेटेड भ्रामक कंटेंट के तेज़ी से फैलने के कारण इस बदलाव की ज़रूरत महसूस की जा रही है।
हालांकि अभी इन पांच मंत्रालयों पर चर्चा हो रही है, लेकिन इसका दायरा और भी बढ़ सकता है, जिससे भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) जैसे नियामकों को भी सीधे टेक कंपनियों को कंटेंट हटाने (takedown) के आदेश भेजने की अनुमति मिल सकती है। SEBI लंबे समय से इंटरनेट पर फ़ाइनेंशियल इन्फ़्लुएंसर के ज़रिए फैलाई जा रही गलत फ़ाइनेंशियल जानकारी के मुद्दे को उठाता रहा है।

सरकार का यह अभिव्यक्यकति को कुचलने वाला तानाशाही रवैया l