इंडिया स्पीक डेली संपादकीय। दिल्ली विश्वविद्यालय के अंग्रेज़ी स्नातकोत्तर (MA English) पाठ्यक्रम में ‘दलित स्टडीज़’ के अंतर्गत 19वीं सदी की पुस्तक ‘गुलामगिरी’ को अकादमिक विमर्श का हिस्सा बनाया गया है। केंद्रीय विश्वविद्यालयों के गलियारों में इसे दलितों और शोषितों की आवाज़ के नाम पर प्रस्तुत किया जा रहा है इस पूरी रिपोर्ट को ISD 📻 Radio पर सुनें ।
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उत्कृष्ट विषय, बढ़िया वर्णन, समझने योग्य शैली। धन्यवाद संदीप जी।