इंडिया स्पीक डेली संपादकीय। भारतीय लोकतंत्र का आधार यदि कोई एक सिद्धांत है, तो वह है ‘एक नागरिक, एक वोट’। किंतु जब चुनावी प्रक्रिया का नियामक ही कटघरे में खड़ा हो जाए और संस्थागत निष्पक्षता की बुनियाद ही हिलने लगे, तब मूकदर्शक बने रहना लोकतंत्र के साथ खुला छल होगा। देश के पूर्व केंद्रीय गृह सचिव आर. के. सिंह द्वारा ‘सभी देशवासियों के नाम खुला पत्र’ लिखकर निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर जो गंभीर आरोप लगाए गए हैं, इस पूरी रिपोर्ट को ISD 📻 Radio पर सुनें ।
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