नई दिल्ली – द्वारका क्षेत्र में पालम ड्रेन और मधु विहार के बीच डीप सीवर सिस्टम के लिए खोदा गया गड्ढा पिछले काफी समय से लोगों के लिए खतरा बना हुआ है। करीब 30 फीट गहरा यह गड्ढा खुला पड़ा है, जिससे अब तक कई हादसे हो चुके हैं। एक वाहन इसके अंदर गिर गया, जिसमें चालक की रीढ़ की हड्डी टूट गई और वह जीवनभर के लिए अपंग हो गया। इसके अलावा महाराणा प्रताप द्वार के पास सी-ब्लॉक इलाके में कई दोपहिया वाहन चालक भी दुर्घटना का शिकार हो चुके हैं।
क्षेत्र के समाजसेवी और फेडरेशन ऑफ साउथ एंड वेस्ट डिस्ट्रिक्ट वेलफेयर फोरम के चेयरमैन रणबीर सिंह सोलंकी ने बताया कि मधु विहार के सभी सातों ब्लॉकों में पहले जो सीवर लाइन डाली गई थी, वह सही तकनीकी तरीके से नहीं बिछाई गई। इसकी वजह से इलाके में बार-बार सीवर जाम और गंदा पानी सड़कों पर बहने की समस्या बनी रहती है। इसी परेशानी के स्थायी समाधान के लिए आरडब्ल्यूए मधु विहार ने दिल्ली जल बोर्ड, उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री से मांग कर डीप सीवर सिस्टम का काम मंजूर कराया।

उन्होंने बताया कि इस काम का टेंडर 27 अप्रैल 2022 को जारी किया गया था। इसकी लागत करीब 1 करोड़ 34 लाख रुपये तय की गई थी और काम 45 दिनों में पूरा होना था। लेकिन हैरानी की बात यह है कि लगभग चार साल बीत जाने के बाद भी यह काम पूरा नहीं हो पाया है। अधूरा गड्ढा अब रोज़ लोगों की जान के लिए खतरा बनता जा रहा है।
रणबीर सिंह सोलंकी ने मुख्यमंत्री, दिल्ली जल बोर्ड के सीईओ कौशल राज शर्मा, मुख्य अभियंता और जल मंत्री प्रवेश साहब सिंह वर्मा से मांग की है कि इस गंभीर समस्या पर तुरंत ध्यान दिया जाए और डीप सीवर का काम जल्द से जल्द पूरा कराया जाए।

आरडब्ल्यूए मधु विहार ने साफ कहा है कि अगर काम में और देरी हुई तो वे अदालत का सहारा लेंगे और संबंधित अधिकारियों के कार्यालयों का घेराव भी करेंगे। यह सड़क जनकपुरी और द्वारका को जोड़ने वाली मुख्य सड़क है, इसलिए यहां किसी बड़ी दुर्घटना से पहले समस्या का समाधान होना बेहद जरूरी है।
