विवेचना टीम के साथ घूम रहा है आशुतोष पांडेय उर्फ आशुतोष ब्रह्मचारी? शंकराचार्य प्रकरण को लेकर चल रही जांच क्या कंप्रोमाइज हो चुकी है?क्या पुलिस शिकायतकर्ता ‘हिस्ट्रीशीटर’ आशुतोष पांडेय उर्फ आशुतोष ब्रह्मचारी के साथ मिलकर विवेचना कर रही है?आशुतोष ब्रह्मचारी ने कल खुद द्वारा स्थापित मीडिया के वाट्सएप ग्रुप में जो प्रेस रिलीज जारी की है,वो गंभीर सवाल खड़े कर रही है।इस प्रेस रिलीज में कहा गया है कि -“फर्जी शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद प्रकरण में विवेचना पूर्णता की ओर। कल होगा नया खुलासा।”

प्रेस रिलीज में आशुतोष ब्रह्मचारी ने आगे इस विवेचना का पूरा ब्योरा लिखा है।लिखा है कि तीन दिनों से विवेचना की कार्यवाही चल रही थी।इस दौरान पर्याप्त साक्ष्य जुटा लिए गए हैं।विवेचना को महत्वपूर्ण चरण तक पूरा कर लिया गया है।इसके बाद वो सबसे महत्वपूर्ण तथ्य लिखता है कि-“हमने स्वयं विवेचना टीम के साथ रहकर तथ्यात्मक एवं तकनीकी साक्ष्यों (डिजिटल रिकॉर्ड, कॉल डिटेल, दस्तावेजीय प्रमाण आदि) के संकलन में सक्रिय सहयोग दिया है।”

प्रयागराज पुलिस को इस तथ्य का संज्ञान लेना चाहिए। सूत्र बताते हैं कि पिछले 2 से 3 दिनों में हरदोई नाम के एक जिले में भी आशुतोष ब्रह्मचारी की मौजूदगी देखी गई है।क्या प्रयागराज पुलिस इस मामले में स्वतंत्र विवेचना कर रही है? या आशुतोष ब्रह्मचारी की ‘गाइडेंस’ में ये विवेचना हो रही है।?


आशुतोष ब्रह्मचारी द्वारा खुद क्रिएट किए गए इस मीडिया व्हाट्सएप ग्रुप में कुल 87 पत्रकार शामिल हैं।इस प्रेस रिलीज की बाबत आशुतोष ब्रह्राचारी, विवेचना कर रही टीम और उन सभी पत्रकारों से पूछताछ की जा सकती है।इससे पहले शंकराचार्य प्रयागराज के एडिशनल पुलिस कमिश्ननर अजयपाल शर्मा की आशुतोष ब्रह्मचारी के साथ केक काटती तस्वीर भी रिलीज कर चुके हैं।
रोमन साम्राज्य में कहावत थी कि सीज़र की पत्नी को संदेह से परे होना चाहिए।मगर यहां तो सीज़र की पत्नी संदेह की पर्णकुटी में पालथी मारकर बैठी हुई है।स्थिति बेहद गंभीर है।
