#संदीपदेव ।संदीपदेव । देवेन्द्र सिंह जी अमेरिका के न्यूजर्सी में रहते हैं। उन्होंने और उनकी धर्मपत्नी ने मिलकर अमेरिका में दशकों पहले US हिंदी की स्थापना की। यह संस्था अमेरिकियों और अमेरिकी भारतीयों के बीच हिंदी भाषा का न केवल प्रचार-प्रसार करती है, बल्कि हिंदी लिखना-बोलना भी सिखाती है। अमेरिका के 29 स्कूलों में हिंदी की यह कक्षा चलती है।
पति-पत्नी ने सबसे पहले अपने बच्चों को हिंदी सिखाया, उन्हें ब्रांड एंबेसडर बनाया और जब लोगों ने उनके बच्चों की सफलता देखी तो अपने बच्चों को भी हिंदी सीखने के लिए उनके पास भेजने लगे, फिर कारवां चल पड़ा।


आज उनके बच्चे अमेरिका में ऊंचे-ऊंचे पदों पर हैं। वह भी हिंदी के प्रचार-प्रसार में माता-पिता के साथ जुटे हुए हैं। इनके पुत्र ने हिंदी में पुस्तक भी लिखी है। उन्हें यह प्रेरणा माता-पिता से मिली जिन्होंने हिंदी भाषा सिखाने के लिए हिंदी कोर्स की पुस्तक स्वयं लिखी। आज वो सिलेबस बन गई है।
अमेरिका में हिंदी के प्रचार-प्रसार के लिए कुरुक्षेत्र गुरुकुलम फाउंडेशन (KGF) ने इन्हें ‘कुमारिल-शंकर संस्कृति संरक्षक सम्मान’ से सम्मानित किया है। देवेन्द्र सिंह जी के पिताजी बीमार थे, इसलिए 12 दिसंबर 2025 को वह सम्मान लेने कार्यक्रम में नहीं पधार सके थे। उनके बीमार पिता का देहावसान हो गया। उनकी अस्थि विसर्जन करने वह प्रयागराज आए थे। फिर वहां से दिल्ली आए।


दिल्ली में वह अपनी धर्मपत्नी के साथ हमारे कार्यालय पधारे। उन दोनों से यह हमारी दूसरी मुलाकात थी। कुछ वर्ष पहले वह हमारे द्वारका स्थित कार्यालय भी पधारे थे। हमने गपशप की, साथ भोजन किया। अंत में हमने उनका सम्मान उन्हें प्रदान किया।
देवेन्द्र सिंह जी और उनका परिवार आशा जगाते हैं। विदेश में रहकर भी वह न केवल अपने परिवार को भारतीय संस्कृति और भाषा के करीब रखने में सफल रहे हैं, बल्कि उन्होंने अनेक भारतीय परिवारों को अपनी भाषा, संस्कृति व धर्म से जोड़ रखा है। कई अमेरिकी भी हिंदी भाषा और भारतीय संस्कृति उनके स्कूलों में सीख रहे हैं।
धन्यवाद Devendra Singh जी, सपत्नीक भारतीय संस्कृति व हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार के लिए, साथ ही अपने इस मित्र के कार्यालय में पधारने के लिए। आपको सम्मान प्रदान करके हमारी संस्था गौरवान्वित हुई है।
