एपस्टीन-फाइल को रोकने , पूरी-दुनिया में भाग रहा है ;
इजराइल में गिरा पड़ा है , गाना गाकर नाच रहा है ।
पूरी-फाइल ये खुल के रहेगी , कोई भी न रोक पायेगा ;
अब्बासी-हिंदू के संग-संग , डोनाल्ड-ट्रंप भी जायेगा ।
अब-तक भारत का जो ये नेता,किसी तरह से बचता आया ;
चुनाव-आयोग व सुप्रीम-कोर्ट ने, अब-तक बेड़ा पार लगाया ।
साम – दाम व दंड – भेद से , इसने सबको फांस रखा है ;
पर अमरीका में काम न आया, वहां तो इसका काल खड़ा है ।
एपस्टीन-फाइल के साथ ही , व्यापारी का केस भी है ;
दो-धारी तलवार है सिर पर, हर हालत में कटना ही है ।
किसी तरह से नहीं बचेगा , चाहे जितने करे जतन ;
घड़ा पाप का फूटने वाला, खिलने वाला भारत का चमन ।
हिंदू की सबसे-बड़ी ये गलती, इसको हृदय-सम्राट बनाया ;
जो भी हिंदू इस भूल को समझा, उसने अब इसको ठुकराया ।
अभी भी काफी हिंदू ऐसे , जो चरित्रहीन – बेईमान हैं ;
वे ही इसके साथ खड़े हैं , जिनका नहीं धर्म-ईमान है ।
हिंदू के अंदर बहुत सी कमियां , जिनसे हिंदू अनजान है ;
शत्रुबोध बिल्कुल भी नहीं है , जो लेता इनकी जान है ।
स्वार्थ,लोभ,भय,भ्रष्टाचार में , बहुसंख्यक हिंदू फंसे हुये हैं ;
धन-दौलत का लालच इतना , धर्म-सनातन भूल गये हैं ।
नब्बे-प्रतिशत हिंदू नेता , अफसर , व्यापारी व बाबा ;
महाभ्रष्ट व चरित्रहीन हैं , भारत को बना रहे काबा ।
धर्महीन – अज्ञानी हिंदू , इन बातों को नहीं समझता ;
अलतकिया सिद्धांत न जाना,जेहाद तो बिल्कुल नहीं जानता ।
बचना है तो समझना होगा , धर्म-सनातन में आना होगा ;
परमपूज्य श्री शंकराचार्य हैं , उनके वचनों को सुनना होगा ।
गौ – गीता – गंगा की रक्षा , हर हालत में करनी होगी ;
इसी से सारे – मार्ग खुलेंगे , विजय-श्री निश्चित होगी ।
“धर्मो रक्षति रक्षित : “ इसको भली – भांति जानो ;
हिंदू की रक्षा इसी से होगी , परम-सत्य इसको मानो ।
सबसे बड़ा हिंदू का विनाशक,अब्बासी-हिंदू नेता भारत का ;
एपस्टीन-फाइल में फंसा है,स्वर्णिम-अवसर आया भारत का ।
डोनाल्ड-ट्रंप के संग फंसा है , कोई भी न बच पायेगा ;
पर सीधी तरह नहीं जायेगा , युद्ध की ज्वाला धधकायेगा ।
हिंदू ! सावधान तुम रहना , हर-मोर्चे पर लड़ना होगा ;
हिंदू-धर्म बचाना है तो , अच्छी-सरकार बनाना होगा । “जय सनातन-धर्म”, रचनाकार : ब्रजेश सिंह सेंगर “विधिज्ञ”
