“जनरल-रावत” को मिली शहादत
महादुष्ट है महाभ्रष्ट है , चरित्रहीन ये नेता है ;
अमरीका में ट्रेनिंग पाया , खलनायक अभिनेता है ।
एसीवाईपीएल की ट्रेनिंग , पालतू जिसने बना लिया ;
विषकन्याओं का गंदा-चक्कर, चरित्र को पूरा मिटा दिया ।
कई हजारों बनी सीडियां , “एपस्टीन-फाइल” के जैसी ;
चीन में भी हैं कई सीडियां , भारत की इसी से ऐसी-तैसी ।
ब्लैकमेल हो रहा ये नेता , भारत को लुटवाता है ;
अपनी अय्याशी पूरी करने को , भारत-वर्ष लूटता है ।
भ्रष्टाचार का ये कीड़ा है , गटर है भ्रष्टाचार का ;
पूरा देश भ्रष्ट कर डाला , पोषक है व्यभिचार का ।
ऐसा कोई पाप नहीं है , जिसको इसने किया नहीं है ;
लगातार करता है उनको , किसी तरह की कमी नहीं है ।
धर्म का दुश्मन – देश का दुश्मन , मानवता का दुश्मन है ;
“फ्री-मेजन” इसका मजहब है , सारा-शैतानी तन-मन-धन है ।
शैतानी-राज बढ़ाता जाता, पौराणिक-मंदिर तोड़ता जाता ;
हिंदू-मंदिरों में कत्ल-डकैती , “राम-चढ़ावा” लूटता जाता ।
लाखों का मेकअप रोजाना , कई-करोड़ों की अय्याशी ;
धर्महीन – अज्ञानी हिंदू ! समझ न पाया ये बदमाशी ।
इसका परिणाम सामने आया , पूरा – भारत बरबाद है ;
हिंदू ! बहुत बड़े संकट में , केवल पापी आबाद हैं ।
नब्बे-प्रतिशत नेता , अफसर , व्यापारी , बाबा , न्यायाधीश ;
भ्रष्टाचार में लिप्त ये सारे, काट रहे हैं न्याय का शीश ।
सेना भी अब नहीं अछूती , नेता के भ्रष्टाचार से ;
“जनरल-रावत” को मिली शहादत , षडयंत्रों के वार से ।
अब्बासी-हिंदू भारत का नेता , दुश्मन-देशों का दुलारा है ;
उन्होंने ही सत्ता दिलवायी , काम करे उनका सारा है ।
अपने देश का नहीं ये बिलकुल, चीन-अमेरिका का दलाल है ;
अंधभक्त क्यों हो गये ये हिंदू ? भारत-माता को मलाल है ।
अंधभक्त सब धर्म के द्रोही , गंदे पापी अपराधी हैं ;
राज्यतंत्र इनका संरक्षक , मचा रखी आपाधापी है ।
पूरे-भारत में लूट मची है , नेता का नंगा-नाच है ;
सुप्रीम-कोर्ट भी इसमें शामिल, गृह-युद्ध का ये आगाज है ।
गृह-युद्ध भयानक होने वाला , पूरे-भारत में आग लगेगी ;
अब सेना फौरन आ जाये , तब जाकर बिगड़ी-बात बनेगी ।
सेना बिलकुल भी देर मत करो,”जेन-जी” का साथ निभाओ ;
भारत-वर्ष बचाना है तो , खुलकर मैदान में आ जाओ ।
“जय-हिन्द”, ब्रजेश सिंह सेंगर “विधिज्ञ”
