By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
India Speak DailyIndia Speak Daily
  • समाचार
    • देश
    • विदेश
    • मुद्दा
    • न्यायपालिका
    • अपराध
    • भ्रष्टाचार
    • जन समस्या
    • Events and Activities
    • Health Report
    • ISD Radio
    • ISD videos
    • English content
  • मीडिया
    • खोजी आलेख
    • मेनस्ट्रीम जर्नलिज्म
    • डिजिटल मीडिया
    • फिफ्थ कॉलम
    • फेक न्यूज भंडाफोड़
    • कानाफूसी
  • वैचारिकी
    • संघवाद
    • अस्मितावाद
    • जातिवाद
    • पंचमक्कारवाद
    • व्यक्तिवाद
    • समाजशास्त्र
    • राजनीतिक व्यक्तित्व
    • संपादकीय
  • इतिहास
    • स्वर्णिम भारत
    • गुलाम भारत
    • आजाद भारत
    • विश्व इतिहास
    • अनोखा इतिहास
  • धर्म
    • सनातन हिंदू धर्म
    • दर्शन और संप्रदाय
    • वास्तु एवं ज्योतिष
    • अब्राहमिक मजहब
    • उपदेश एवं उपदेशक
  • ब्लॉग
    • मूवी ज़ोन
    • भाषा और साहित्य
    • स्वयंसेवी प्रयास
    • कुछ नया
    • पर्यटन
    • नारी जगत
    • पुस्तकें
    • प्रेरक व्यक्तित्व
    • प्रोडक्ट रिव्यू
    • AI | Tech & Careers
    • SDEO’s Story
  • Members Only
  • JOIN US / LOGIN
Reading: ईसा, भारत और मतान्तरण का धंधा!
Share
Notification
Latest News
अमेरिकी दबाव, राजकोषीय फरेब और UPI की बलि—किसके हित साध रही है सरकार?
संपादकीय
मोदी की हर सोच के पीछे एडवर्ड बर्नेज का दिमाग!
SDEO's Story समाजशास्त्र
राजस्थान निकाय चुनाव: सवर्णों की ‘टैक्टिकल स्ट्राइक’, दिग्गजों के ध्वस्त किले और तुष्टिकरण के प्रयोग की करारी पराजय!
संपादकीय
‘अस्सी के राय साहब’: जब एक तपस्वी जीवन का दस्तावेज बनी विचारकों की आकाशगंगा।
SDEO's Story पुस्तकें
संघ परिवार: किस का पैरोकार?
संघवाद
Aa
Aa
India Speak DailyIndia Speak Daily
  • ISD Radio
  • ISD Videos
  • JOIN US / LOGIN
  • समाचार
    • देश
    • विदेश
    • मुद्दा
    • न्यायपालिका
    • अपराध
    • भ्रष्टाचार
    • जन समस्या
    • Events and Activities
    • Health Report
    • ISD Radio
    • ISD videos
    • English content
  • मीडिया
    • खोजी आलेख
    • मेनस्ट्रीम जर्नलिज्म
    • डिजिटल मीडिया
    • फिफ्थ कॉलम
    • फेक न्यूज भंडाफोड़
    • कानाफूसी
  • वैचारिकी
    • संघवाद
    • अस्मितावाद
    • जातिवाद
    • पंचमक्कारवाद
    • व्यक्तिवाद
    • समाजशास्त्र
    • राजनीतिक व्यक्तित्व
    • संपादकीय
  • इतिहास
    • स्वर्णिम भारत
    • गुलाम भारत
    • आजाद भारत
    • विश्व इतिहास
    • अनोखा इतिहास
  • धर्म
    • सनातन हिंदू धर्म
    • दर्शन और संप्रदाय
    • वास्तु एवं ज्योतिष
    • अब्राहमिक मजहब
    • उपदेश एवं उपदेशक
  • ब्लॉग
    • मूवी ज़ोन
    • भाषा और साहित्य
    • स्वयंसेवी प्रयास
    • कुछ नया
    • पर्यटन
    • नारी जगत
    • पुस्तकें
    • प्रेरक व्यक्तित्व
    • प्रोडक्ट रिव्यू
    • AI | Tech & Careers
    • SDEO’s Story
  • Members Only
  • JOIN US / LOGIN
Have an existing account? Sign In
Follow US
  • Website Design & Developed By: WebNet Creatives
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
India Speak Daily > धर्म > अब्राहमिक मजहब > ईसा, भारत और मतान्तरण का धंधा!
अब्राहमिक मजहब

ईसा, भारत और मतान्तरण का धंधा!

Courtesy Desk
By Courtesy Desk 6 Min Read
Share
6 Min Read
India Speaks Daily - ISD News
SHARE

अभिजीत। आज से तकरीबन दो हज़ार साल पहले जब यहूदिया के बैतलहम में एक बालक का जन्म होने वाला था तो उसके जन्म से काफी पूर्व हिमालय की गुफाओं में बैठे कुछ योगियों को ये मालूम हो गया था कि यहाँ से हजारों मील दूर कोई दिव्य अस्तित्व वजूद में आने वाला है। उन्हें ये भी मालूम था जिस देश में ये बच्चा अवतरित होने वाला है वहां का माहौल और आसुरी प्रवृति इस लायक नहीं है कि वहां इस दिव्य वजूद की बेहतर परवरिश हो सकेगी। इसलिये इस बालक के जन्म से काफी पूर्व तीन योगी भारत से निकलकर बैतलहम की ओर चले और अपनी ज्योतिषीय गणनाओं के आधार पर उन्होंने उस बालक के जन्म का समय भी ज्ञात कर लिया। इसलिये सितारों का ठीक-ठीक निरीक्षण करते हुए वो उस बालक के जन्म के वक़्त वहां पहुँच गये। अपने यात्रा के क्रम में उनकी मुलाक़ात युहन्ना से भी हुई।

जब ईसा का जन्म हुआ तो उसकी माता के ऊपर लोगों ने ये आरोप लगाने शुरू कर दिये कि तू बदकारा है और ये बच्चा तेरी बदकारी के नतीजे में जन्मा है। उस वक़्त भारत से गये उन हिन्दू योगियों ने लोगों को किसी तरह समझाया बुझाया और मरियम से कहा कि मूसा की व्यवस्था के अनुरूप ये लोग तुझे मार डालेंगे इस लिये बेहतर है कि तू हमारे साथ अपने बच्चे को लेकर भारत चल, जहाँ तेरे इस दिव्य पुत्र की बेहतर परवरिश हो जायेगी जो सारे मानवजाति के हित में होगा पर मरियम और युसूफ इसके लिये तैयार नहीं हुए। उन योगियों में से दो वापस लौट गये और तीसरा वहीं रूक गया ताकि ईसा और उसके परिवार को वो किसी तरह समझा सके। वो योगी वहां पांच साल रहा और बालक ईसा को हर तरह से भारत लाने की कोशिश की पर जब ईसा अपने माँ-बाप को छोड़कर जाने को तैयार न हुए तो उस योगी ने उसे अपना पता लिखकर दिया और कहा कि जब भी तुझे ये एहसास हो कि यहोवा ने तुझे किसलिये इस धरती पर भेजा है तो मेरे पास भारत आ जाना और इतना कहकर वो योगी वहां से लौट आये।

जब ईसा बारह साल के हुए तो उन्हें उस योगी की बात याद आई और वो एक व्यापारिक काफिले के साथ सिंध के रास्ते भारत आ गये फिर कश्मीर और तिब्बत की गुफाओं में भ्रमण करते हुए जगन्नाथ पुरी, बनारस और नेपाल होते हुए 30 साल की उम्र में यहाँ से अपने देश लौट गये। भविष्यपुराण शकराज के साथ उनकी मुलाक़ात का वर्णन करता है। भारत में उन्होंने अठारह साल गुजारे और इस अवधि में उन्होंने नाथ सम्प्रदाय के सन्यासियों के साथ रखकर योग विधा सीखी, बौद्ध लामाओं के साथ तिब्बती चिकित्सा विधियाँ भी सीखी, जगन्नाथ पुरी में कई हिन्दू ग्रंथों का अध्ययन किया फिर बनारस में ज्योतिष शास्त्र और खगोल विधा सीखी।

जब वो वापस अपने देश पहुंचे तो वहां जाकर उन्होंने हिन्दू और बौद्ध धर्म के साथ अपने मजहब की तुलना करनी शुरू कर दी और बात-बात में इसको लेकर यहूदी रब्बियों से उनकी झड़प होने लगी जिससे वहां का पूरा धार्मिक समाज उनका शत्रु हो गया। जनसामान्य में वो इसलिये लोकप्रिय हो गये क्योंकि उन्होंने तिब्बती लामाओं के साहचर्य में सीखी चिकित्सा विधियों के द्वारा वहां के कोढ़ियों, बीमारों और नेत्रहीनों का इलाज किया। उस प्रदेश में चूँकि चिकित्सा शास्त्र का विकास नहीं हुआ था इसलिये लोग ईसा को चमत्कारी पुरुष समझने लगे। ईसा की शिक्षाओं में हिन्दू धर्म दर्शन स्पष्ट दिखता था, “सरमन ऑन द माउन्ट” हिन्दू और बौद्ध शिक्षा का सार ही तो है। उन्होंने उन बातों पर भी बोलना शुरू किया जिसका आदेश मूसा ने नहीं दिया था। मसलन, उस समाज में तलाक़ बड़ी आम बात थी पर ईसा ने तलाक देने वाले पर सख्त लानत भेजी।

More Read

क्रिसमस विशेष…ईसा मसीह ईसाई थे ही नहीं ‘ओशो’!
खुमैनी ने कहा था: “पूरा इस्लाम राजनीति है।” पार्ट-२
सियासी इस्लाम पर सोचने की हिम्मत कहां? पार्ट-१
Allah is Shukracharya is Lucifer

यहूदी धर्म में मनुष्य देवत्व की श्रेणी तक नहीं पहुँच सकता पर भारत से “अहम ब्रह्मास्मि” सीखकर आये ईसा ने कह दिया कि मैं और मेरे पिता (ईश्वर) एक ही है। इन बातों ने वहां के धार्मिक समाज को कुपित कर दिया और उन्होंने ईसा को सलीब दिलवा दी। सलीब पर जब ईसा लटकाये गये तो उन्होंने वहां योग विद्या का सहारा लेकर खुद को समाधिस्थ कर लिया और लोगों ने समझा कि वो मर गये हैं। फिर सलीब से उतारे जाने के बाद वो अपनी माता और मरियम मगदलीनी के साथ पुनः भारत आ गये और जिन्दगी के शेष दिन उन्होंने यहीं गुजारा।

आज जो चर्च की असहिष्णुता है और वो मतान्तरण का जो व्यापार चला रहें हैं वो ईसा की शिक्षाओं में कहीं भी नहीं था। ईसा ने कभी भी किसी को ईसाई बनाने को नहीं कहा और न ही कभी दूसरों के मत-पंथों की निंदा की और न ही मूर्ति तोड़ने का आदेश दिया। जीसस क्राइस्ट को ईसा नाम हमारे ऋषियों ने ही दिया था, हमारे यहाँ से प्राप्त ज्ञान को उन्होंने यहूदी समाज में स्थापित करवाने की कोशिश की थी और जब असफल रहे थे तो फिर अपने असहिष्णु समाज को छोड़कर यहीं वापस आ गये थे ताकि समादर भाव रखने वाले हिन्दू समाज के साथ और उनके बीच अपनी जिन्दगी के शेष दिन गुजार सकें।

साभार:
अभिजीत

Courtesy Desk October 14, 2017
🇮🇳 राष्ट्रहित और सत्य के पक्षधर बनें

साहसी पत्रकारिता की शक्ति बनें।

एल्गोरिदम की सेंसरशिप के विरुद्ध आपका साहस ही हमारी सबसे बड़ी शक्ति है। India Speak Daily की खोजी पत्रकारिता और विशेष ऑडियो विश्लेषण तक सीधी पहुंच के लिए हमारे कुटुंब के सारथी बनें।

❤️ ISDian बनें — सदस्यता लें।

📢 हमारे WhatsApp और Telegram से जुड़ें

ब्रेकिंग न्यूज़, विशेष रिपोर्ट्स और महत्वपूर्ण अपडेट्स सीधे अपने मोबाइल पर प्राप्त करें।

✈ Telegram से जुड़ें ☘ WhatsApp से जुड़ें
⚡ तुरंत अपडेट्स • 📰 बड़ी खबरें • 🎙 विशेष रिपोर्ट्स • कोई स्पैम नहीं

जुड़ने के बाद आपको क्या मिलेगा?

⚡ ब्रेकिंग न्यूज़ अलर्ट

महत्वपूर्ण खबर प्रकाशित होते ही तुरंत अपडेट पाएं।

📰 दिनभर की प्रमुख खबरें

बड़ी खबरों का आसान और संक्षिप्त सार सीधे आपके मोबाइल पर।

🛡 फेक न्यूज़ के खिलाफ

भ्रामक सूचनाओं पर तथ्य आधारित रिपोर्टिंग और विश्लेषण।

🇮🇳 राष्ट्रहित कवरेज

भारत और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विशेष रिपोर्ट्स।

TAGGED: Christianity, jesus christ

Related

ज्ञानवापी और कबजेदारों का अंधविश्वास।

आनंद राजाध्यक्ष। चार अलग मुद्दों के संदर्भों से बात स्पष्ट...

October 14 2017

मदर टेरेसा की बहन भी बेचती थी बच्चे!

मानवता के नाम पर क्रिश्चियनिटी रिलीजन के प्रसार के लिए...

October 14 2017

सउदी अरब काबा की ऐतिहासिक मसजिद को स्थानांतरित करने जा रहा है, और यहां बाबर की औलादें बाबरी-बाबरी चिल्ला रही हैं!

अयोध्या के राम मंदिर विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के आए...

October 14 2017

पसमांदा: एक धोखा

सारा कुमारी पसमांदा विमर्श हमारे देश के लिए आधारहीन विषय...

October 14 2017

Share this Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Telegram Print
Leave a comment

Leave your Comments BelowCancel reply

--- Advertisement ---
Ad imageAd image
Ad imageAd image
Ad imageAd image

You Might Also Like

अब्राहमिक मजहबउपदेश एवं उपदेशक

क्रिसमस विशेष…ईसा मसीह ईसाई थे ही नहीं ‘ओशो’!

December 25, 2025
अब्राहमिक मजहबसंपादकीय

खुमैनी ने कहा था: “पूरा इस्लाम राजनीति है।” पार्ट-२

November 5, 2025
अब्राहमिक मजहबसंपादकीय

सियासी इस्लाम पर सोचने की हिम्मत कहां? पार्ट-१

November 5, 2025
English contentअब्राहमिक मजहब

Allah is Shukracharya is Lucifer

June 7, 2025
//

India Speak Daily – No Left – No Right, Only Sanatani Voice.

Popular Categories

  • ISD Radio
  • ISD Videos
  • JOIN US / LOGIN

Quick Links

  • Refund & Cancellation Policy
  • Privacy Policy
  • Contact Us
  • Terms of Service
  • Advertise With ISD

Copyright © 2015 - 2026 - Kapot Media Network LLP. All Rights Reserved.

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Register Lost your password?