संदीप देव। भारत और भारतीय सेना के विरुद्ध वामपंथी न्यूयार्क टाइम्स की एक साजिश पूर्ण रिपोर्ट को भारत की दरबारी मीडिया, पत्रकार और IT cell के कुली फैलाने में जुट गये हैं! दरबारियों को एक नया टाईम लाईन whatsapp किया गया है कि चूंकि भारत पाकिस्तान के न्यूक्लियर सेंटर को उड़ाने वाला था, इसीलिए अमेरिका ने #ceasefire करवाया! और बिना कुछ सोचे दक्षिणपंथी अपनी ही सेना के विरूद्ध इसे फैला रहे हैं, क्योंकि इसमें उन्हें अपने ‘सुल्तान’ की साख बहाली का अवसर दिख रहा है!
भारत और भारतीय सेना को बदनाम करने के लिए वामपंथी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स और पाकिस्तान परस्त अमेरिकी विशेषज्ञों ने सबसे पहले यह षड्यंत्रपूर्ण रिपोर्ट लिखा कि ‘भारतीय सेना पाकिस्तान के परमाणु केन्द्र को उड़ाने वाली थी।’ और इस वामपंथी अखबार ने यह भी लिखा की इस खबर की पुष्टि नहीं की जा सकती है, साथ ही यह भी लिखा कि भारतीय सेना ने भी इसकी पुष्टि नहीं की है!
परंतु आपदा में अवसर तलाशते हुए भारत की दरबारी मीडिया, दरबारी पत्रकार और IT cell और उसके कुली अपने सुल्तान की ‘साख’ बहाल करने के लिए इस ‘विदेश आयातित झूठ’ को जी-जान से फैलाने में जुट गये, बिना यह सोचे कि इससे भारत और भारतीय सेना को कितनी क्षति पहुंच सकती है!
देशद्रोहियों किसी देश के न्यूक्लियर सेंटर पर अटैक का अर्थ समझते हो?अमेरिका-सोवियत संघ के बीच शीत युद्ध में क्यूबा संकट तक में दोनों देशों ने यह नहीं किया और तुम एक नेता की चापलूसी में सीधे भारत द्वारा एशिया में परमाणु युद्ध आरंभ कराने का झूठ फैला कर भारत को बदनाम करने पर उतर आए? भारत की मिसाइल पाकिस्तान की तरह ‘अनगाइडेड’ नहीं है कि वह एशिया में परमाणु युद्ध की शुरुआत करे। इस युद्ध में भारतीय मिसाइल की सटीकता का प्रमाण हमें मिल चुका है!
और देखो आज क्या दिन आज गये हैं कि भारत विरोधी वामपंथी न्यूयार्क टाइम्स के साथ भारत का दक्षिणपंथी समूह और दरबारी मीडिया खुलकर खड़ा है! तभी कहता हूं कि No Left-No Right! दोनों देशद्रोही हैं!
भारत द्वारा पाकिस्तान के परमाणु सेंटर पर हमले के बाद जो रेडिएशन का रिसाव होता उसके बाद पूरी दुनिया की प्रतिक्रिया का अर्थ समझते हो? चापलूसों एक नेता की चापलूसी में तुम लोग कितने बड़े देशद्रोही हो चुके हो तुम्हें पता है? भारत और भारतीय सेना को पाकिस्तान के न्यूक्लियर सेंटर पर हमले के बाद कितनी वैश्विक क्षति होती, तुम्हें इसका अंदाजा भी है? अटल बिहारी वाजपेई जी की सरकार के समय परमाणु परीक्षण करने पर अमेरिका सहित दुनिया के अधिकांश देश ने हम पर प्रतिबंध लगा दिया था! सोचो, परमाणु युद्ध छेड़ने पर दुनिया का भारत के प्रति क्या रवैया होता? अभी यूक्रेन में मामूली रेडिएशन रिसाव की खबर से दुनिया विचलित हो उठी थी! तुम्हें अंदाजा है कि तुम भारत और भारतीय सेना को कितना बड़ा जख्म दे रहे हो वामपंथी न्यूयार्क टाइम्स और उसकी जूठन छापने वाले दरबारी भारतीय मीडिया के झूठ को फैला कर?
यदि ऐसा हो जाता तो भारत और भारत की सेना इसके बाद वैश्विक रूप से खलनायक करार दी जाती, सारे देश हमसे संबंध तोड़ लेते, इसका आकलन भी किया तुमने झूठ फैलाने से पहले देशद्रोहियों? जो भारतीय सेना बार-बार प्रेस वार्ता में कह रही थी कि हमने पाकिस्तान के नागरिक ठिकानों पर हमला नहीं किया, वह पाकिस्तान में रेडिएशन रिसाव से लाखों लोगों को मारने का आरोपी बनती? तुम न्यूयॉर्क टाइम्स के प्रोपोगंडा को फैलाने से पहले कुछ तो सोच लेते देशद्रोहियों?
मूढ़ों तुम चापलूसी से पहले जरा भी सोचते हो? जो राजनीतिक नेतृत्व भारतीय सेना के माउंट कैलाश रेंज की जीत को हार में बदल चुका है, वह पाक के न्यूक्लियर सेंटर को उड़ाने की अनुमति देगा? जो नेतृत्व पाकिस्तान के मस्जिद तक को बचाने में जुटा था कि उस पर हमला मत करना, वो न्यूक्लियर सेंटर पर अटैक की अनुमति देगा? जो कहां हमला करना है, कहां नहीं, इस निर्देश को प्रेस कांफ्रेंस में लगातार कहलवा रहा था, वह पाक के न्यूक्लियर सेंटर पर हमले की अनुमति देगा?
जिस नेतृत्व के मित्रों का धंधा पाकिस्तान के मददगार इस्लामी अरब कंट्री में फैला हुआ है, वह न्यूक्लियर सेंटर पर अटैक की अनुमति देगा? जो नेतृत्व ट्रंप के शपथग्रहण के निमंत्रण पत्र के लिए वहां पहले से जाकर बैठ गया हो, वह बिना अमेरिका के पूछे न्यूक्लियर युद्ध छेड़ेगा? जो हिंदुओं के नरसंहार पर बंगाल में अनुच्छेद 356 लगाने तक से बचता हो, वह पाकिस्तान के न्यूक्लियर सेंटर को उड़ाने की अनुमति देगा? जो दो साल से मणिपुर में विदेशी ताकतों के हस्तक्षेप को न रोक पाया हो, वह पाकिस्तान के न्यूक्लियर सेंटर पर हमले की ग्रीन सिग्नल देगा?
एक दिन पहले जो राजनीतिक नेतृत्व वर्ल्ड बैंक के साथ बैठक कर रहा था सिंधु जल समझौते पर, वह पाकिस्तान के न्यूक्लियर सेंटर को उड़ाने की अनुमति देगा? देशद्रोहियों तुम गद्दार हो और एक नेता की चापलूसी में देशद्रोह की सारी सीमा लांघ चुके हो!
और सुनो दरबारियों न्यूयॉर्क टाइम्स और उसकी जूठन छापने व फैलाने वाले दरबारी पत्रकार, मीडिया और तुम्हारे फैलाए न्यूक्लियर सेंटर पर हमले के झूठ के अनुसार तो संघर्ष विराम के बाद पाकिस्तान को राहत की सांस लेनी चाहिए थी, उल्टा वह सीजफायर का उल्लंघन कर भारत पर ताबड़तोड़ अटैक करने लगा था, अपनी जीत की घोषणा करने लगा, क्यों?
चापलूसों तुम्हारे अनुसार जब न्यूक्लियर सेंटर पर हमले की सूचना से पाकिस्तान घबराया हुआ था तो सीजफायर का उल्लंघन कर वह भारत पर ताबड़तोड़ हमला क्यों करने लगा? और क्यों शुरुआत में दरबारी मीडिया को इस हमले को झुठलाने के लिए भारतीय राजनीतिक नेतृत्व ने कहा? जब झूठ अधिक देर तक नहीं छिप सका तो फिर उसी शाम 10 मई को भारत सरकार के विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने प्रेस कांफ्रेंस करके स्वीकारा कि हां पाकिस्तान ने सीजफायर का उल्लंघन किया है!
कल ही 11 मई को भारतीय सेना ने प्रेस कांफ्रेंस करके कहा कि सीजफायर उल्लंघन पर मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा और #oprationsindoor जारी रहेगा। इसका कोई जवाब है एक नेता को देश के ऊपर रखने वाले देशद्रोहियों ?
देशद्रोहियों, भारत तो अपहैंड था तो फिर उसके हुक्मरानों को पाकिस्तान के पक्ष में मीडिया की रिपोर्ट शुरुआत में क्यों हटवानी पड़ी कि पाकिस्तान ने सीजफायर का उल्लंघन कर कोई हमला नहीं किया है? जो नेतृत्व सीजफायर के बाद पाकिस्तान के हमलों को छुपाने में जुटा हो, वह पाकिस्तान के न्यूक्लियर सेंटर पर हमले की अनुमति देगा? तुम्हारे झूठ की थ्योरी में यह पहला छेद रह गया है, इसे भर लो देशद्रोहियों!
और हां, कल तक अमेरिका की मध्यस्थता को ठुकराने वाला नेतृत्व आज अपने चापलूसों से ट्रंप के ट्वीट और न्यूयार्क टाइम्स की जूठन को शेयर करवा कर यह कहवा रहा है कि पाकिस्तान के न्यूक्लियर सेंटर को बचाने के लिए अमेरिका ने सीजफायर करवाया? देशद्रोहियों पहले अपने अब्बू से पूछ तो लो कि अमेरिका की मध्यस्थता की बात स्वीकार करनी है अथवा नहीं? देशद्रोहियों तुम्हारे #fakenews में दूसरा छेद यह है! इसे भी रफू करा लो गद्दारों!
न्यूयार्क टाइम्स तो अपने राष्ट्रपति को ‘सुपर’ बनाने के लिए भारत और भारतीय सेना के विरुद्ध यह झूठ फैला रहा है, और तुम अपने नेता को ‘सुपर’ साबित करने के लिए देशद्रोह कर रहे हो? कल तुम्हारा नेता भी चुनाव जीतने के लिए यही झूठ फैला कर देश से गद्दारी करेगा, याद रखना गद्दारों के गद्दार हो तुम लोग!
जब तक भारतीय सेना नहीं कहती कि वह पाकिस्तान के न्यूक्लियर सेंटर पर हमला करने वाली थी, तब तक न्यूयॉर्क टाइम्स, इन देशद्रोहियों और दरबारी मीडिया के #fakenews को मत मानना सच्चे हिंदुस्तानियों, अन्यथा इससे हमारी सेना और हमारा देश बदनाम होगा! अटल बिहारी वाजपेई जी ने कहा था नेता और सरकारें आती-जाती रहती हैं, लेकिन देश हमेशा रहना चाहिए। इनकी बात मान कर देश से गद्दारी मत करना! तुम्हें तो याद होगा कि दरबारी मीडिया तो इस्लामाबाद पर कब्जा भी कर चुकी थी और परमाणु युद्ध टीवी स्क्रीन पर पहले ही करा चुकी थी अपने ‘सुल्तान’ की चापलूसी में, फिर भारत विरोधी न्यूयार्क टाइम्स के झूठ को परोसना तो बेहद आसान है!
देशद्रोहियों तुम वामपंथी न्यूयार्क टाइम्स के झूठ को फैला कर भारत और भारतीय सेना को वैश्विक रूप से खलनायक बनाने में जुटे हो ताकि तुम्हारे ‘सुल्तान’ की झूठी साख पुनः बहाल हो जाए? तुम देशद्रोही हो!
सेना ने की इसकी पुष्टि
भारत विरोधी न्यूयार्क टाइम्स और उसके आधार पर भारत के ‘दरबारी’ मीडिया, पत्रकार और देशद्रोही मास्टरस्ट्रोकवादियों द्वारा भारत द्वारा पाकिस्तान के परमाणु ठिकाने पर हमले वाली झूठी खबर की हवा स्वयं भारतीय सेना ने निकाल दी है।
मैंने सुबह ही जो पोस्ट लिखा, अभी-अभी भारतीय सेना के प्रेस कांफ्रेंस से उसकी पूरी पुष्टि हो गई है! वामपंथी और दक्षिणपंथी, दोनों देशद्रोहियों को मिल गया न जवाब! भारत और भारत की सेना किसी भी नेता से ऊपर है। यदि अपने नेता की साख बचाने के लिए भारत और भारतीय सेना पर हमला करोगे तो मुंह के बल गिरोगे गद्दारों! जय हिन्द।
जिनको मेरा आज सुबह वाला पोस्ट पढ़ना है, वह टिप्पणी में दिए लिंक पर पढ़ सकते हैं और सेना के इस प्रेस कांफ्रेंस के बयान से मिलान कर सकते हैं! धन्यवाद।
