By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
India Speak DailyIndia Speak Daily
  • समाचार
    • देश
    • विदेश
    • मुद्दा
    • न्यायपालिका
    • अपराध
    • भ्रष्टाचार
    • जन समस्या
    • Events and Activities
    • Health Report
    • ISD Radio
    • ISD videos
    • English content
  • मीडिया
    • खोजी आलेख
    • मेनस्ट्रीम जर्नलिज्म
    • डिजिटल मीडिया
    • फिफ्थ कॉलम
    • फेक न्यूज भंडाफोड़
    • कानाफूसी
  • वैचारिकी
    • संघवाद
    • अस्मितावाद
    • जातिवाद
    • पंचमक्कारवाद
    • व्यक्तिवाद
    • समाजशास्त्र
    • राजनीतिक व्यक्तित्व
    • संपादकीय
  • इतिहास
    • स्वर्णिम भारत
    • गुलाम भारत
    • आजाद भारत
    • विश्व इतिहास
    • अनोखा इतिहास
  • धर्म
    • सनातन हिंदू धर्म
    • दर्शन और संप्रदाय
    • वास्तु एवं ज्योतिष
    • अब्राहमिक मजहब
    • उपदेश एवं उपदेशक
  • ब्लॉग
    • मूवी ज़ोन
    • भाषा और साहित्य
    • स्वयंसेवी प्रयास
    • कुछ नया
    • पर्यटन
    • नारी जगत
    • पुस्तकें
    • प्रेरक व्यक्तित्व
    • AI | Tech & Careers
    • SDEO’s Story
    • Sponsored Post
  • Members Only
  • JOIN US / LOGIN
Reading: राम मंदिर को रोकने और कांग्रेस को सत्ता दिलाने के लिए ‘लुटियन लॉबिस्ट’ के रूप में उभरे हैं ये तीन बड़े पत्रकार!
Share
Notification
Latest News
चुनावी मशीनरी पर संस्थागत कब्जे की नई ‘क्रोनोलॉजी’: कहीं भाई स्पीकर, कहीं पिता भाजपा प्रदेश अध्यक्ष—चुनावी कुर्सियों पर ‘हितों के टकराव’ का खतरनाक राष्ट्रीय सिंडिकेट!
खोजी आलेख
आखिर इतनी डरी हुई क्यों है सरकार? #ISD Live Video
ISD videos
मोदी सरकार की ‘झुकती रीढ़’ और एलन मस्क का दुस्साहस! जब मोदी सरकार ने मस्क के लिए बदला कानून, तो मस्क ने शुरू की ब्लैकमेलिंग!
खोजी आलेख
देश में दूसरा आपातकाल! आखिर इतनी डरी हुई क्यों है सरकार?
संपादकीय
‘अमेरिका फर्स्ट’ की वेदी पर भारतीय मेधा: निलंबन, मानवीय संकट और भारत की रणनीतिक विफलता
संपादकीय
Aa
Aa
India Speak DailyIndia Speak Daily
  • ISD Radio
  • ISD Videos
  • JOIN US / LOGIN
  • समाचार
    • देश
    • विदेश
    • मुद्दा
    • न्यायपालिका
    • अपराध
    • भ्रष्टाचार
    • जन समस्या
    • Events and Activities
    • Health Report
    • ISD Radio
    • ISD videos
    • English content
  • मीडिया
    • खोजी आलेख
    • मेनस्ट्रीम जर्नलिज्म
    • डिजिटल मीडिया
    • फिफ्थ कॉलम
    • फेक न्यूज भंडाफोड़
    • कानाफूसी
  • वैचारिकी
    • संघवाद
    • अस्मितावाद
    • जातिवाद
    • पंचमक्कारवाद
    • व्यक्तिवाद
    • समाजशास्त्र
    • राजनीतिक व्यक्तित्व
    • संपादकीय
  • इतिहास
    • स्वर्णिम भारत
    • गुलाम भारत
    • आजाद भारत
    • विश्व इतिहास
    • अनोखा इतिहास
  • धर्म
    • सनातन हिंदू धर्म
    • दर्शन और संप्रदाय
    • वास्तु एवं ज्योतिष
    • अब्राहमिक मजहब
    • उपदेश एवं उपदेशक
  • ब्लॉग
    • मूवी ज़ोन
    • भाषा और साहित्य
    • स्वयंसेवी प्रयास
    • कुछ नया
    • पर्यटन
    • नारी जगत
    • पुस्तकें
    • प्रेरक व्यक्तित्व
    • AI | Tech & Careers
    • SDEO’s Story
    • Sponsored Post
  • Members Only
  • JOIN US / LOGIN
Have an existing account? Sign In
Follow US
  • Website Design & Developed By: WebNet Creatives
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
India Speak Daily > मीडिया > फिफ्थ कॉलम > राम मंदिर को रोकने और कांग्रेस को सत्ता दिलाने के लिए ‘लुटियन लॉबिस्ट’ के रूप में उभरे हैं ये तीन बड़े पत्रकार!
फिफ्थ कॉलम

राम मंदिर को रोकने और कांग्रेस को सत्ता दिलाने के लिए ‘लुटियन लॉबिस्ट’ के रूप में उभरे हैं ये तीन बड़े पत्रकार!

Ssandeep Deo
By Ssandeep Deo 7 Min Read
Share
7 Min Read
Rajdeep, Shekhar Gupta and Kumar Ketkar
SHARE

जस्टिस चेलामेश्वर कांग्रेसी लॉबिस्टों के बेहद करीब थे, यह जाते-जाते वह यह साबित कर गये हैं! कांग्रेस के लिए सबसे बड़े ‘लुटियन लॉबिस्ट’ के रूप में पत्रकार शेखर गुप्ता का नाम सामने आ चुका है! वह मनमोहन सरकार को बचाने के लिए देश पर सेना के हमले की काल्पनिक पटकथा तक लिख चुके हैं। शेखर गुप्ता उस लुटियन कोटरी का हिस्सा हैं, जिसके दरवाजे हमेशा 10 जनपथ पर खुलता है। कल एक अंग्रेजी चैनल ने एक तस्वीर भी दिखाई थी, जिसमें कश्मीर में महबूबा की सरकार गिरने के बाद उमर अब्दुल्ला के साथ नाराज भाजपाई नेताओं की मुलाकात के समय शेखर गुप्ता मौजूद थे!

भारत के मुख्य न्यायाधीश और मोदी सरकार पर हमला करने के लिए सुप्रीम कोर्ट के चार सीटिंग न्यायधीशों को पहली बार प्रेस के समक्ष लाने वालों में शेखर गुप्ता की बड़ी भूमिका मानी जाती है। शायद कश्मीर मामले में एक लॉबिस्ट की भूमिका में जल्द ही उन्हें देश देखे!

SC judges press conference.

ऐसा ही एक ‘लुटियन लॉबिस्ट’ पत्रकार राजदीप सरदेसाई है। ‘नोट फॉर वोट’ का सीडी दबा कर सोनिया गांधी के प्रति अपनी वफादारी वह दिखा चुके हैं। गुजरात दंगे में तीस्ता सीतलवाड़ के साथ मिलीभगत कर की गई उनकी रिपोर्टिंग ने किस तरह से कांग्रेस को फायदा पहुंचाया, यह किसी से छिपा नहीं है। न्यायधीश चेलामेश्वर की सेवानिवृत्ति के तत्काल बाद उनके पास जिस तरह से राजदीप सरदेसाई पहुंचे हैं, उससे माना जा रहा है कि या तो वह ‘मैडम’ का कोई संदेश लेकर उनके पास गये हैं या फिर शेखर गुप्ता से पहले उनके पास पहुंच कर ‘मैडम’ को संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं!

Justice Chelameswar and Rajdeep Sardesai i

शेखर गुप्ता जस्टिस चेलामेश्वर के साथ पत्रकार वार्ता करने वाले चार जजों के पीछे खड़े दिखे थे और आज जब चेलामेश्वर सेवानिवृत्त हुए हैं तो राजदीप सरदेसाई के साथ वह दिखे! यानी कांग्रेस की पत्रकार लॉबी पल-पल उनके साथ थी, जब वह जस्टिस थे तब भी और जब नहीं हैं तब भी! अब जब राममंदिर की सुनवाई का मसला सुप्रीम कोर्ट में बेहद नाजुक मोड़ पर है, तब फिर से इन्हीं दो कांग्रेसी पत्रकारों-शेखर गुप्ता और राजदीप सरदेसाई का चेहरा सामने आया है। अब शायद चेलामेश्वर भी या तो कांग्रेस में शामिल हो जाएं या फिर कांग्रेस के लिए बाहर रहकर बैटिंग करें और लॉबिस्टों को प्रोपोगंडा फैलाने के लिए खुराक उपलब्ध कराएं ताकि राम मंदिर को रोकने में कांग्रेस को सफलता मिल सके!

More Read

अडानी को क्लीन चिट और FCRA Bill 2026  पर यू-टर्न: क्या पर्दे के पीछे हुई भारत-अमेरिका की बड़ी ‘क्रॉस-डील’?
FCRA Bill 2026: विदेशी चंदे पर नियंत्रण या फिर दोहरा रवैया? सरकार पर उठ रहे हैं गंभीर सवाल?
एनजीओ पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’
जॉज सोरस का ‘टूलकिट’ तो मोदी के मंत्री की बेटी निकली!

सोनिया महमोहन की सरकार में राजदीप सरदेसाई और शेखर गुप्ता दोनों को लुटियन लॉबिस्ट की भूमिका के लिए पद्म पुरस्कार मिल चुका है! ताज्जुब देखिए कि सोनिया गांधी ने चार जिन पत्रकारों को साक्षात्कार दिया है, उनमें ये दोनों शामिल हैं। दो अन्य में राजीव शुक्ला और टुडे ग्रुप के अरुणपुरी शामिल हैं।

जज लोया मामले में सुप्रीम कोर्ट, मुख्य न्यायाधीश, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और मोदी सरकार पर हमला करने वाले मुंबई हाईकोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस अभय थिप्से को भी कांग्रेस में पत्रकार कुमार केतकर ने शामिल कराया है। उस न्यायधीश अभय थिप्से के साथ राहुल गांधी की मुलाकात वाली फोटो में केतकर की मौजूदगी इसका बड़ा प्रमाण है। कुमार केतकर को कांग्रेस ने लॉबिंग के ईनाम स्वरूप ही 12 march 2018 को राज्यसभा में भेजा है। मराठी अखबार लोकसत्ता में संपादक की भूमिका निभा चुके कुमार केतकर पीएम नरेंद्र मोदी को फासिस्ट कहने वालों में प्रमुख हैं। वो गर्व से कहते हैं कि ‘मुझे सोनिया व राहुल गांधी ने राज्यसभा भेजा है।’ एक जज को कांग्रेस में शामिल करा कर उन्होंने बखूबी एक लॉबिस्ट की भूमिका को अदा किया है।

यह पूरी तरह से तय है कि लुटियन कोटरी के पत्रकार कांग्रेस के सबसे बड़े लॉबिस्ट हैं! हथियार डीलिंग से लेकर 2 जी स्पेक्ट्रम तक में जनता ने कांग्रेस-मीडिया नेक्सन को नजदीक से देखा है! एक लॉबिस्ट पत्रकार राजीव शुक्ला किस तरह से चैनल के मालिक और फिर कांग्रेस के सांसद से लेकर बीबीसीआई तक में पहुंच गये, यह भी जनता ने नजदीक से देखा है। और 2011 से 2014 के बीच चले भ्रष्टाचार आंदोलन के समय ही सोनिया-मनमोहन के कोयला खदान घोटाले में फंसे बिड़ला ग्रुप का पैसा किस तरह से अरुणपुरी के टुडे ग्रुप में आया, यह भी जनता से छुपा नहीं है। सोनिया गांधी को हाल ही में मंच देकर और उन्हें लोकतंत्र की रक्षक बताकर, हार्दिक पटेल की सभा में जाकर और कर्नाटक चुनाव से पहले कांग्रेस के नेताओं से गुप्त बैठक कर आजतक वाले अरुणपुरी कांग्रेस से अपनी नजदीकी का जोरशोर से इजहार करते रहते हैं! लेकिन न्यायपालिका बिरादरी में सेंध लगाकर शेखर गुप्ता, राजदीप और कुमार केतकर उनसे आगे निकल गये हैं।

‘द वायर’ के जरिए फेक न्यूज फैलान वाले सिद्धार्थ वरदराजन व चिदंबरम प्रिय वेणु, 2जी मामले में सबसे बड़ी लुटियन लॉबिस्ट के रूप में सामने आ चुकी बरखा दत्ता और संयुक्त राष्ट्र संघ के जरिए मोदी सरकार पर हमला करवा चुकी राणा अयूब, ट्वीटरबाजी से लेकर विदेशी अखबारों में मोदी सरकार और हिंदू समाज पर हमला कर 10 जनपथ की कोटरी में फिर से जगह बनाने के लिए प्रयासरत हैं! लेकिन फिलहाल तो शेखर-राजदीप-केतकर ‘माईनो माफिया’ ग्रुप के सबसे पावरफुल ‘लुटियन लॉबिस्ट’ बन चुके हैं! राम मंदिर कांग्रेस के लिए एक बड़ा मसला है, जिसकी सुनवाई 2019 तक टालने के लिए कांग्रेस ने अपने वकील कपिल सिब्बल के जरिए पूरा जोर लगा रखा है। अब न्यायपालिका को प्रभावित करने, प्रोपोगंडा खड़ा करने और सुप्रीम कोर्ट-मोदी सरकार मिली हुई है, जैसा परसेप्शन बनाने के लिए ये तीन बड़े ‘लुटियन लॉबिस्ट’ की भूमिका में आ चुके हैं!

URL: congress media nexus- rajdeep sardesai Shekhar Gupta and kumar ketkar
Keywords: congress media nexus, rajdeep sardesai, Shekhar Gupta, kumar ketkar, Modi haters, lutyens media, लुटियन लॉबिस्ट

Ssandeep Deo June 23, 2018
🇮🇳 राष्ट्रहित और सत्य के पक्षधर बनें

साहसी पत्रकारिता की शक्ति बनें।

एल्गोरिदम की सेंसरशिप के विरुद्ध आपका साहस ही हमारी सबसे बड़ी शक्ति है। India Speak Daily की खोजी पत्रकारिता और विशेष ऑडियो विश्लेषण तक सीधी पहुंच के लिए हमारे कुटुंब के सारथी बनें।

❤️ ISDian बनें — सदस्यता लें।

📢 हमारे WhatsApp और Telegram से जुड़ें

ब्रेकिंग न्यूज़, विशेष रिपोर्ट्स और महत्वपूर्ण अपडेट्स सीधे अपने मोबाइल पर प्राप्त करें।

✈ Telegram से जुड़ें ☘ WhatsApp से जुड़ें
⚡ तुरंत अपडेट्स • 📰 बड़ी खबरें • 🎙 विशेष रिपोर्ट्स • कोई स्पैम नहीं

जुड़ने के बाद आपको क्या मिलेगा?

⚡ ब्रेकिंग न्यूज़ अलर्ट

महत्वपूर्ण खबर प्रकाशित होते ही तुरंत अपडेट पाएं।

📰 दिनभर की प्रमुख खबरें

बड़ी खबरों का आसान और संक्षिप्त सार सीधे आपके मोबाइल पर।

🛡 फेक न्यूज़ के खिलाफ

भ्रामक सूचनाओं पर तथ्य आधारित रिपोर्टिंग और विश्लेषण।

🇮🇳 राष्ट्रहित कवरेज

भारत और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विशेष रिपोर्ट्स।

TAGGED: congress media nexus, kumar ketkar, lutyens media, Modi haters, rajdeep sardesai, Shekhar Gupta

Related

फेमिनिज्म नहीं, यह हिन्दुओं को तोड़ने का षड्यंत्र है टुकड़े टुकड़े गैंग द्वारा

Sonali Misra. भारत में इन दिनों फेमिनिज्म का अभिप्राय केवल...

June 23 2018

2019 से पहले मोदी सरकार के खिलाफ कुछ फर्जी स्टिंग देखने के लिए तैयार रहिए! और हां, यदि आप मोदी समर्थक हैं तो आप भी बन सकते हैं आसान निशाना!

सुपारी पत्रकार आशीष खेतान ने आम आदमी पार्टी को छोड़...

June 23 2018

प्रधानमंत्री मोदी की हत्या की साज़िश रचने वाले नक्सलियों के पक्ष में राजदीप सरदेसाई से लेकर राहुल गांधी तक उतरे!

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की तरह...

June 23 2018

सुप्रीम अदालत के फैसले को दरकिनार कर एनडीटीवी ने क्या अपने एजेंडा पत्रकार रविश कुमार को देश में दंगा कराने का ठेका दिया है

* धर्म को परिभाषित करते हुए अदालत अपनी काल्पनिक चेतना...

June 23 2018

Share this Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Telegram Print
Ssandeep Deo
Posted by Ssandeep Deo
Follow:
Journalist from 2.5 decades | Bestseller Author by Nielsen Jagran | Awarded the Sahitya Akademi Award for his book writing | He also received the Pandit Madan Mohan Malaviya Award and the Shivaji Ratna Award for journalism | Founder Editor of https://www.indiaspeakdaily.in
Leave a comment

Leave your Comments BelowCancel reply

--- Advertisement ---
Ad imageAd image
Ad imageAd image
Ad imageAd image

You Might Also Like

देशफिफ्थ कॉलमविदेशसंपादकीय

अडानी को क्लीन चिट और FCRA Bill 2026  पर यू-टर्न: क्या पर्दे के पीछे हुई भारत-अमेरिका की बड़ी ‘क्रॉस-डील’?

August 12, 2026
SDEO's Storyदेशफिफ्थ कॉलम

FCRA Bill 2026: विदेशी चंदे पर नियंत्रण या फिर दोहरा रवैया? सरकार पर उठ रहे हैं गंभीर सवाल?

August 7, 2026
फिफ्थ कॉलम

एनजीओ पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’

July 22, 2026
SDEO's Storyफिफ्थ कॉलम

जॉज सोरस का ‘टूलकिट’ तो मोदी के मंत्री की बेटी निकली!

March 2, 2026
//

India Speak Daily – No Left – No Right, Only Sanatani Voice.

Popular Categories

  • ISD Radio
  • ISD Videos
  • JOIN US / LOGIN

Quick Links

  • Refund & Cancellation Policy
  • Privacy Policy
  • Contact Us
  • Terms of Service
  • Advertise With ISD

Copyright © 2015 - 2026 - Kapot Media Network LLP. All Rights Reserved.

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Register Lost your password?