By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
India Speak DailyIndia Speak Daily
  • समाचार
    • इवेंट एंड एक्टिविटी
    • विदेश
    • राजनीतिक खबर
    • मुद्दा
    • संसद, न्यायपालिका और नौकरशाही
    • देश
    • अपराध
    • भ्रष्टाचार
    • जन समस्या
    • ISD Podcast
    • ISD videos
    • ISD Reels
    • English content
  • मीडिया
    • मेनस्ट्रीम जर्नलिज्म
    • सोशल मीडिया
    • फिफ्थ कॉलम
    • फेक न्यूज भंडाफोड़
  • राजनीतिक विचारधारा
    • अस्मितावाद
    • जातिवाद / अवसरवाद
    • पंचमक्कारवाद
    • व्यक्तिवाद / परिवारवाद
    • राजनीतिक व्यक्तित्व / विचारधारा
    • संघवाद
  • इतिहास
    • स्वर्णिम भारत
    • गुलाम भारत
    • आजाद भारत
    • विश्व इतिहास
    • अनोखा इतिहास
  • धर्म
    • अध्यात्म
    • सनातन हिंदू धर्म
    • पूरब का दर्शन और पंथ
    • परंपरा, पर्व और प्रारब्ध
    • अब्राहम रिलिजन
    • उपदेश एवं उपदेशक
  • पॉप कल्चर
    • मूवी रिव्यू
    • बॉलीवुड न्यूज़
    • सेलिब्रिटी
    • लाइफ स्टाइल एंड फैशन
    • रिलेशनशिप
    • फूड कल्चर
    • प्रोडक्ट रिव्यू
    • गॉसिप
  • BLOG
    • व्यक्तित्व विकास
      • मनोविश्लेषण
    • कुछ नया
    • भाषा और साहित्य
    • स्वयंसेवी प्रयास
    • ग्रामीण भारत
    • कला और संस्कृति
    • पर्यटन
    • नारी जगत
    • स्वस्थ्य भारत
    • विचार
    • पुस्तकें
    • SDEO Blog
    • Your Story
  • JOIN US
Reading: योगगुरु रामदेव और ममता बनर्जी की ‘सादगीपूर्ण’ जुगलबंदी का सच!
Share
Notification
Latest News
भारत ने ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत पर शोक जताया।
विदेश
The Hindu Holocaust: $45 Trillion की लूट और 500 मिलियन मौतें: इतिहास का सबसे बड़ा सच!
गुलाम भारत
“शंकराचार्य” वरदान हमारे
भाषा और साहित्य
नरेंद्र मोदी ने इजराइल के लिए टांगे खोल दी है-अमेरिकी पत्रकार
ISD Reels
अब्राहमिकों और भाजमुल्लों में साम्यता!
SDeo blog संघवाद
Aa
Aa
India Speak DailyIndia Speak Daily
  • ISD Podcast
  • ISD TV
  • ISD videos
  • JOIN US
  • समाचार
    • इवेंट एंड एक्टिविटी
    • विदेश
    • राजनीतिक खबर
    • मुद्दा
    • संसद, न्यायपालिका और नौकरशाही
    • देश
    • अपराध
    • भ्रष्टाचार
    • जन समस्या
    • ISD Podcast
    • ISD videos
    • ISD Reels
    • English content
  • मीडिया
    • मेनस्ट्रीम जर्नलिज्म
    • सोशल मीडिया
    • फिफ्थ कॉलम
    • फेक न्यूज भंडाफोड़
  • राजनीतिक विचारधारा
    • अस्मितावाद
    • जातिवाद / अवसरवाद
    • पंचमक्कारवाद
    • व्यक्तिवाद / परिवारवाद
    • राजनीतिक व्यक्तित्व / विचारधारा
    • संघवाद
  • इतिहास
    • स्वर्णिम भारत
    • गुलाम भारत
    • आजाद भारत
    • विश्व इतिहास
    • अनोखा इतिहास
  • धर्म
    • अध्यात्म
    • सनातन हिंदू धर्म
    • पूरब का दर्शन और पंथ
    • परंपरा, पर्व और प्रारब्ध
    • अब्राहम रिलिजन
    • उपदेश एवं उपदेशक
  • पॉप कल्चर
    • मूवी रिव्यू
    • बॉलीवुड न्यूज़
    • सेलिब्रिटी
    • लाइफ स्टाइल एंड फैशन
    • रिलेशनशिप
    • फूड कल्चर
    • प्रोडक्ट रिव्यू
    • गॉसिप
  • BLOG
    • व्यक्तित्व विकास
    • कुछ नया
    • भाषा और साहित्य
    • स्वयंसेवी प्रयास
    • ग्रामीण भारत
    • कला और संस्कृति
    • पर्यटन
    • नारी जगत
    • स्वस्थ्य भारत
    • विचार
    • पुस्तकें
    • SDEO Blog
    • Your Story
  • JOIN US
Have an existing account? Sign In
Follow US
  • Website Design & Developed By: WebNet Creatives
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
India Speak Daily > Blog > समाचार > मुद्दा > योगगुरु रामदेव और ममता बनर्जी की ‘सादगीपूर्ण’ जुगलबंदी का सच!
मुद्दा

योगगुरु रामदेव और ममता बनर्जी की ‘सादगीपूर्ण’ जुगलबंदी का सच!

Vikash Preetam
Last updated: 2016/12/09 at 9:25 AM
By Vikash Preetam 467 Views 8 Min Read
Share
8 Min Read
India Speaks Daily - ISD News
SHARE

विकास प्रीतम। भारतीय संस्कृति और उसके मूल में ‘सादा जीवन उच्च विचार’ के महत्व को रेखांकित किया गया है। जहाँ एक स्त्री अथवा पुरुष से आडम्बर रहित और विचारवान जीवन जीने की अपेक्षा की जाती है। ऐसा जीवन जहाँ हमारा व्यवहार यथार्थ के निकट तथा मानवता के हित में हो ताकि हम मानव जीवन के उद्देश्यों से भटकें नहीं,ताकि किसी वैभव का बोलबाला न हो और न ही कोई गरीबी किसी की कुंठा का सबब बने। यह एक आचरण है जिसे अंत:करण से निर्वाह किया जाता है। यह छद्म नहीं हो सकता, बनावटी और किन्हीं स्वार्थों की पूर्ति के लिए भी नहीं हो सकता और अगर कोई ऐसा करता भी है तो वह न केवल एक पवित्र विचार का अपराधी है बल्कि समाज का भी अपराधी है। और जब हम इस कसौटी पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री सुश्री ममता बनर्जी की ‘सादगी’ जिसकी वजह से योगगुरु बाबा रामदेव ने उन्हें प्रधानमंत्री पद के लायक बताया है, को कसते हैं तब वह सादगी छद्म और अस्वाभाविक ही प्रतीत होती है।

बाबा रामदेव कहते हैं कि ममता बनर्जी चूँकि 200 रूपये की साड़ी पहनती हैं और साधारण हवाई चप्पलें इसलिए वे सादगी की प्रतिमूर्ति हैं और उनकी यही आला सादगी उनको प्रधानमंत्री जैसे पद की अर्हता प्रदान करवा देती है । जबकि बाबा रामदेव के ममता बनर्जी के विषय में आंकलन, विश्लेषण और राजनीतिक समझ के परे कुछ सवाल खड़े होते हैं जिनका जवाब आज की राजनीतिक परिस्थितियों में खोजा जाना आवश्यक है। किसी भी राजनीति का केंद्र उसकी विचारधारा है और इस विचारधारा के पथ पर आगे बढ़कर अधिकतम सत्ता की प्राप्ति उस राजनीति का लक्ष्य होता है ताकि उसे हासिल कर अपने विचारों और नीति-रीतियों का प्रचार प्रसार किया जा सके, अपनी विचारधारा का सत्ता के माध्यम से अनुपालन करवा कर उसे लोकप्रिय भी बनाया जा सके।

इस उद्देश्य के लिए अमुक दल को जनता द्वारा निर्वाचन प्रक्रिया से गुजरना होता है जहाँ सफल दल और उसके नेता को सत्ता की बागडोर प्राप्त होती है। व्यवस्था जनता द्वारा चुने गए उसके प्रतिनिधियों को अपने कर्तव्यों के श्रेष्ठ निर्वहन के लिए यथाश्रेष्ठ सुविधाएँ मसलन आवास, वाहन, सहायक और अच्छा रहन सहन प्रदान करती है। जनता भी चाहती है कि उसका नेता अपने ओहदे पर ज्यादा से ज्यादा जनहित में और ईमानदारी से काम करे। इस निमित्त किसी मंत्री या मुख्यमंत्री की अच्छी पोशाक शायद ही किसी को खटकती होगी जबकि वह अपने काम को निष्ठा और लगन के साथ अंजाम दे रहा हो। पदों की मर्यादा की भी दरकार रहती है कि उच्च पदों पर विराजमान लोग अपने पद की गरिमानुसार न केवल आचरण करें बल्कि दिखें भी।

लेकिन जो लोग प्रत्यक्ष रूप से सत्ता की दौड़ में हैं अथवा सत्ता के शीर्ष पर हैं जब वो अपनी सादगी बल्कि उससे भी बढ़कर दरिद्रता को प्रमोट करते हैं तो उनके इरादों पर शक होना जायज है। अगर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री पांच हज़ार के साड़ी पहनें या उतने ही अच्छे सैंडिल या चप्पलें पहनने लगें तो किसे आपत्ति होगी? क्या उनके ऐसा करने से जनता में विद्रोह हो जाएगा या राज्य की अर्थव्यवस्था चरमरा जायेगी? हम सब जानते हैं कि ऐसा कुछ नहीं होगा बावजूद इसके जो लोग सत्ता के शिखर पर बैठकर सादगी के लिए दरिद्र दिखने का सहारा लेते हैं वे असल में जनता की आखों में धूल झोंक रहे हैं। ऐसे लोगों की मंशा होती है कि जनता का सारा ध्यान केवल उनकी इस तथाकथित सादगी और उनकी जयजयकार पर रहे ताकि उनसे किसी जवाबदेही की उम्मीद न रहे।

More Read

काशी विश्वनाथ मंदिर में भी उप्र पुलिस ने मारा था बटुकों को?
शंकराचार्य पर झूठ फैलाता पकड़ा गया ‘आजतक’ !
टीम के साथ घूम रहा है आशुतोष पांडेय उर्फ आशुतोष ब्रह्मचारी?
लक्ष्मीकांत बाजपेयी ने कहा कार्यवाही करने या कराने का अधिकार तो मुख्यमंत्री के पास है

इसलिए चाहे पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी हों या दिल्ली में अरविन्द केजरीवाल। ये लोग अपनी सादगी, सस्ती साड़ी, चप्पलों, सैंडिल और मफलर के जरिये न केवल निकृष्ट किस्म की राजनीति को अंजाम दे रहे हैं बल्कि उसकी आड़ में अपने ओछे राजनीतिक मकसद भी साध रहे हैं। ऐसी सादगी भला किस काम की जिसमें एक मुख्यमंत्री अपने देश की सेना पर उसकी सरकार गिराने का घिनौना आरोप लगाये! क्या उनकी इस सादगी भरी राजनीति का यही हासिल है कि पश्चिम बंगाल आज अवैध हथियारों और नकली नोटों का गढ़ बन गया है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी की एक रिपोर्ट के अनुसार 2015 में भारत में 80 प्रतिशत नकली नोट पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती जिले मालदा के जरिये देश में पहुंचे।

सादगी पसंद ममता बनर्जी के नेतृत्व में पश्चिम बंगाल अवैध घुसपैठ का भी अड्डा बन गया है। किसी ज़माने में वे स्वयं इन अवैध घुसपैठियों का खूब विरोध करतीं थीं जबकि ये लोग माकपा का राजनीतिक हथियार हुआ करते थे लेकिन आज जब ये घुसपैठिये वही भूमिका ममता बनर्जी की सत्ता के लिए निभा रहे हैं तो उन्हें यह घुसपैठ भी अनुचित नहीं लगती। सादगी के साथ सरलता और न्यायप्रियता का भी गुण आता है लेकिन ममता बनर्जी के साथ ऐसा नहीं है। उनकी इस सादगी में सेकुलरिस्म और तुष्टिकरण की प्रचुर मिलावट है इसलिए उन्होंने बीते दुर्गा पूजा के अवसर पर मुहर्रम के कारण दुर्गा विसर्जन पर रोक लगा दी थी। जिसे बाद में कलकत्ता न्यायालय ने हटाया और राज्य सरकार के इस फैसले को मनमाना तथा खतरनाक करार दिया।

अपनी सादगी पसंद जिन्दगी के माध्यम से गरीबों के साथ हमदर्दी का दिखावा करने वाली ममता बनर्जी की पार्टी के लोग शारदा चिट फंड के जरिये गरीब और मजदूर की मेहनत के हजारों करोड़ रुपयों डकार गए। जिसकी सीबीआई जांच चल रही है लेकिन उनके सिपहसालार अभी भी सही सलामत हैं। ममता बनर्जी के शासन में उनकी इस सादगी के परदे के पीछे के कारनामों की फेहरिस्त बहुत लम्बी है। जिसमें एक यह भी है कि वे पश्चिम बंगाल में अपने पूर्ववर्ती शासक वामपंथियों की तर्ज पर आंतक और हिंसक कैडर की दम पर अपनी सत्ता चला रही हैं। कल तक जो उपद्रवी वामपंथियों की पालकी ढोते थे आज दीदी के पाले में महफूज़ खड़े हैं।

ऐसे में बाबा रामदेव की ममता बनर्जी के ऊपर यह सदाशयता और तारीफ़ चौंकाती है। वे राजनीति के मर्म को समझते हैं और इस नाते वे सुश्री बनर्जी के असल व्यक्तित्व और सोच से नावाकिफ होंगे यकीन नहीं होता। बाबा रामदेव का योग और स्वदेशी उत्पादों के प्रचार प्रसार में योगदान अतुलनीय है। वे भारतीय संस्कृति और विचारों के प्रबल समर्थक माने जाते हैं। उनके बयानों और आह्वानों का अपना एक महत्व और विश्वसनीयता है । जिसे अगर वे ममता बनर्जी जैसी नेत्री की तारीफ़ में खर्च करेंगे तो वाकई दुर्भाग्यपूर्ण होगा जबकि वे स्वयं सादगी के एक और ब्रांड एम्बेसडर अरविन्द केजरीवाल के भुक्त भोगी हैं।

Related

TAGGED: Arvind Kejriwal, Baba Ramdev, mamta banerjee
Vikash Preetam December 7, 2016
Share this Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Telegram Print
Vikash Preetam
Posted by Vikash Preetam
Advocate
Previous Article India Speaks Daily - ISD News भाजपा को एक और बड़ी कामयाबी!
Next Article India Speaks Daily - ISD News प्रतिपक्ष की तिलमिलाहट और नरेंद्र मोदी!
Leave a comment Leave a comment

Share your CommentCancel reply

Stay Connected

Facebook Like
Twitter Follow
Instagram Follow
Youtube Subscribe
Telegram Follow
- Advertisement -
Ad image

Latest News

भारत ने ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत पर शोक जताया।
The Hindu Holocaust: $45 Trillion की लूट और 500 मिलियन मौतें: इतिहास का सबसे बड़ा सच!
“शंकराचार्य” वरदान हमारे
नरेंद्र मोदी ने इजराइल के लिए टांगे खोल दी है-अमेरिकी पत्रकार

You Might Also Like

मुद्दा

काशी विश्वनाथ मंदिर में भी उप्र पुलिस ने मारा था बटुकों को?

March 2, 2026
SDeo blogअस्मितावादमुद्दा

शंकराचार्य पर झूठ फैलाता पकड़ा गया ‘आजतक’ !

February 27, 2026
मुद्दा

टीम के साथ घूम रहा है आशुतोष पांडेय उर्फ आशुतोष ब्रह्मचारी?

February 25, 2026
मुद्दा

लक्ष्मीकांत बाजपेयी ने कहा कार्यवाही करने या कराने का अधिकार तो मुख्यमंत्री के पास है

February 20, 2026
//

India Speaks Daily is a leading Views portal in Bharat, motivating and influencing thousands of Sanatanis, and the number is rising.

Popular Categories

  • ISD Podcast
  • ISD TV
  • ISD videos
  • JOIN US

Quick Links

  • Refund & Cancellation Policy
  • Privacy Policy
  • Contact Us
  • Terms of Service
  • Advertise With ISD
- Download App -
Ad image

Copyright © 2015 - 2025 - Kapot Media Network LLP. All Rights Reserved.

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Register Lost your password?