By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
India Speak DailyIndia Speak Daily
  • समाचार
    • देश
    • विदेश
    • मुद्दा
    • न्यायपालिका
    • अपराध
    • भ्रष्टाचार
    • जन समस्या
    • Events and Activities
    • Health Report
    • ISD Radio
    • ISD videos
    • English content
  • मीडिया
    • खोजी आलेख
    • मेनस्ट्रीम जर्नलिज्म
    • डिजिटल मीडिया
    • फिफ्थ कॉलम
    • फेक न्यूज भंडाफोड़
    • कानाफूसी
  • वैचारिकी
    • संघवाद
    • अस्मितावाद
    • जातिवाद
    • पंचमक्कारवाद
    • व्यक्तिवाद
    • समाजशास्त्र
    • राजनीतिक व्यक्तित्व
    • संपादकीय
  • इतिहास
    • स्वर्णिम भारत
    • गुलाम भारत
    • आजाद भारत
    • विश्व इतिहास
    • अनोखा इतिहास
  • धर्म
    • सनातन हिंदू धर्म
    • दर्शन और संप्रदाय
    • वास्तु एवं ज्योतिष
    • अब्राहमिक मजहब
    • उपदेश एवं उपदेशक
  • ब्लॉग
    • मूवी ज़ोन
    • भाषा और साहित्य
    • स्वयंसेवी प्रयास
    • कुछ नया
    • पर्यटन
    • नारी जगत
    • पुस्तकें
    • प्रेरक व्यक्तित्व
    • AI | Tech & Careers
    • SDEO’s Story
    • Sponsored Post
  • Members Only
  • JOIN US / LOGIN
Reading: भारत के सर्वांग एकीकरण के पक्षधर सरदार पटेल पर एक अनुपम कृति!
Share
Notification
Latest News
बलदाऊ गो शाला में आयोजित गो-महोत्सव: मुख्य अतिथि का शास्त्रीय उद्बोधन, अर्थशास्त्र पर तीखे सवाल और गो-सेवा का संकल्प!
Events and Activities
एपिसोड-2: मैक्स मूलर का नस्लवाद और ज्योतिराव फुले: अपने ही पुरखों को विदेशी हमलावर बताकर समाज को बांटने का औपनिवेशिक खेल!
Members Only SDEO's Story जातिवाद
आस्था का आवरण, मुनाफे का सिंडिकेट: भाजपा राज में बीफ इंडस्ट्री का कॉर्पोरेटाइजेशन और सत्ता की सांठगांठ!
Members Only SDEO's Story
गंभीर बीमारी से उबरकर रंगमंच पर सक्रियता के लिए आलोक शुक्ला को ‘पंचानन पाठक अवार्ड’
Events and Activities
“मृत्यु-दण्ड” से तभी बचेगा
भाषा और साहित्य
Aa
Aa
India Speak DailyIndia Speak Daily
  • ISD Radio
  • ISD Videos
  • JOIN US / LOGIN
  • समाचार
    • देश
    • विदेश
    • मुद्दा
    • न्यायपालिका
    • अपराध
    • भ्रष्टाचार
    • जन समस्या
    • Events and Activities
    • Health Report
    • ISD Radio
    • ISD videos
    • English content
  • मीडिया
    • खोजी आलेख
    • मेनस्ट्रीम जर्नलिज्म
    • डिजिटल मीडिया
    • फिफ्थ कॉलम
    • फेक न्यूज भंडाफोड़
    • कानाफूसी
  • वैचारिकी
    • संघवाद
    • अस्मितावाद
    • जातिवाद
    • पंचमक्कारवाद
    • व्यक्तिवाद
    • समाजशास्त्र
    • राजनीतिक व्यक्तित्व
    • संपादकीय
  • इतिहास
    • स्वर्णिम भारत
    • गुलाम भारत
    • आजाद भारत
    • विश्व इतिहास
    • अनोखा इतिहास
  • धर्म
    • सनातन हिंदू धर्म
    • दर्शन और संप्रदाय
    • वास्तु एवं ज्योतिष
    • अब्राहमिक मजहब
    • उपदेश एवं उपदेशक
  • ब्लॉग
    • मूवी ज़ोन
    • भाषा और साहित्य
    • स्वयंसेवी प्रयास
    • कुछ नया
    • पर्यटन
    • नारी जगत
    • पुस्तकें
    • प्रेरक व्यक्तित्व
    • AI | Tech & Careers
    • SDEO’s Story
    • Sponsored Post
  • Members Only
  • JOIN US / LOGIN
Have an existing account? Sign In
Follow US
  • Website Design & Developed By: WebNet Creatives
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
India Speak Daily > Blog > पुस्तकें > भारत के सर्वांग एकीकरण के पक्षधर सरदार पटेल पर एक अनुपम कृति!
पुस्तकें

भारत के सर्वांग एकीकरण के पक्षधर सरदार पटेल पर एक अनुपम कृति!

Ashwini Upadhyay
By Ashwini Upadhyay 6 Min Read
Share
6 Min Read
India Speaks Daily - ISD News
SHARE

हिंदी और अंग्रेज़ी के सुप्रतिष्ठित लेखक और अनेक कालजयी उपन्यासों के रचनाकार श्री Amarendra Narayan ने हिंदी में ‘एकता और शक्ति’ और अंग्रेज़ी में यूनिटी एण्ड स्ट्रेन्थ’ नामक उपन्यास लिखकर सरदार वल्लभभाई पटेल को राष्ट्र-निर्माण के उनके संकल्पित और निर्णायक प्रयत्नों के लिए, आदरांजलि अर्पित की है। श्री नारायण ने ‘भारत के लौहपुरुष’ के व्यक्तित्व एवं कृतित्व को आपने अपनी लौह-लेखनी से अत्यन्त सराहनीय ढंग से रेखांकित किया है।

सरदार पटेल भारत के ‘सर्वांग एकीकरण’ के पक्षधर थे। उनकी दृष्टि भारतवर्ष को आसेतुहिमाचल एक राष्ट्रीय-सांस्कृतिक इकाई के रूप में देखती थी और उनका मन-मन्दिर, भारतमाता की प्रदक्षिणा करता था। वह भारत को विश्व में एक शक्तिशाली राष्ट्र के रूप में देखना चाहते थे। यह कार्य भारत के अखण्ड हुए बिना सम्भव नहीं था। सौभाग्य से दैव ने यह महान् कार्य सरदार के लिए निर्धारित कर रखा था, जिसे उन्होंने सफलतापूर्वक संपन्न किया। लगभग पौने छह सौ देशी रियासतों को भारत में शामिल करने का कार्य सरदार पटेल जैसा कोई लौहपुरुष ही कर सकता था।

देशी राजाओं से मिलकर उनको भारत के विलय के लिए, विलय-पत्र पर हस्ताक्षर के लिए सहमत करना, सरदार पटेल के सिवा किसी अन्य नेता के बूते की बात भी नहीं थी। यह विराट्-सा दीखनेवाला लक्ष्य डेढ़ सालों के अन्दर-अन्दर पूरा हो गया। एक-एक राजा से मिलकर, किसी को वार्ता से, किसी को समझा-बुझाकर तो किसी को धमकाकर- अर्थात् जो जिस भाषा को समझता है, उसी भाषा में उत्तर देकर उससे व्यवहार करके उसके राज्य को भारतवर्ष की सीमाओं में ससम्मान सुरक्षित रखने की गारंटी देना— इन सबकी अपनी-अपनी कहानी है। पटेल कहा करते थे, ‘यदि हम राजाओं को अच्छी तरह समझाएँ और उनके साथ उचित व्यवहार करें, तो वे लोकहित में स्वयं अपनी सत्ता छोड़ देंगे।’ (एकता और शक्ति, पृ. 210)

सब लोग पटेल की बुद्धिमत्ता और उनकी प्रशासनिक क्षमता के कायल थे। यहाँ तक कि उनके कटु आलोचकों ने भी इतनी तेजी और सुगमता से राज्यों के भारतीय संघ में विलय पर उनका लोहा माना। कुछ इतिहासकारों ने उनको ‘भारत का बिस्मार्क’ तो कुछ ने ‘लौहपुरुष’ की संज्ञा दी। हालांकि पटेल को ‘भारत का बिस्मार्क’ कहना उनके व्यक्तित्व के साथ अन्याय है क्योंकि जर्मनी आकार में राजस्थान प्रांत के बराबर है और वहाँ एकीकरण की समस्या भी भारत जैसी जटिल नहीं थी।

More Read

राय साहब जिनमें कभी कोई साहिबी नहीं रही.
‘अस्सी के राय साहब’: जब एक तपस्वी जीवन का दस्तावेज बनी विचारकों की आकाशगंगा।
‘1857 का स्वातंत्र्य समर’: इतिहास लेखन की एक क्रांतिकारी और युगांतर कारी कृति
हिंदी में थीमेटिक इतिहास लेखन और अंशुमान तिवारी की टाइम मशीन.

हैदराबाद के मामले में निजाम की हठधर्मिता के कारण श्री पटेल को विशेष परिश्रम करना पड़ा। कश्मीर का मामला पं. नेहरू अपने पास न रखे होते, तो आज जो कश्मीर की हालत है, वह न होती। पाकिस्तान और चीन भी अपनी औकात में रहते। मुसलमानों को भी पटेल ने अधिक सिर नहीं चढ़ाया था।

सरदार पटेल ने वर्तमान के धरातल पर इतिहास से सबक लेने को कहा था। उनकी ये पंक्तियाँ उनकी सोच की गहराई को बयां करती हैं, ‘हमारे समक्ष भारत के इतिहास का एक नया अध्याय खुल रहा है। शताब्दियों में ऐसा पहली बार हुआ है कि भारत अपने आपको सही अर्थों में एकीकृत कह सकता है। लेकिन हमें इस बात का दृढ़ निश्चय कर लेना चाहिए कि हम ऐसा कुछ न करें जिससे भारत पहले जैसा गुलाम हो जाये। हमें यह भी समझना चाहिए कि देशों के समूह में हमें अपना उचित स्थान अनायास नहीं मिलेगा, उसे पाने के लिए हमें कठोर परिश्रम करना पड़ेगा।’ (वही, पृ. 210)।

पटेल की हार्दिक इच्छा थी कि भारत को पूरी तरह सुरक्षित रखा जाए। उनके शब्द थे— ‘यह हर भारतीय का कर्तव्य होना चाहिए कि आन्तरिक और वाह्य सुरक्षा में कहीं कोई कमजोर कड़ी न रह जाये।’ (एकता और शक्ति, पृ. 210)।… हमारी स्वतंत्रता की भावना की जड़ें इतनी गहरी होनी चाहिए कि उसे हिलाया न जा सके।’ (वही, पृ. 212)।

सरदार पटेल किस प्रकार राष्ट्रीय एकता के लिए आजीवन प्रयासरत रहे, इस विषय को श्री अमरेंद्र नारायण ने औपन्यासिक शैली में और बड़े ही रोचक ढंग से प्रस्तुत किया है। उन्होंने सरदार पटेल के जीवन में सन् 1918 के खेड़ा-सत्याग्रह से लेकर अक्टबर, 1950 में उनके निधन तक घटित सभी महत्त्वपूर्ण घटनाक्रमों का अत्यन्त प्रभावशाली चित्र खींचा है। सरदार पटेल के व्यक्तित्व और कृतित्व पर ऐसी औपन्यासिक कृतियाँ कम ही आ देखने को मिलती हैं। इस दृष्टि से इस पुस्तक की महत्ता और भी बढ़ जाती है।

हिंदी में 285 पृष्ठों की इस पुस्तक का प्रकाशन ‘राधाकृष्ण प्रकाशन प्रा.लि.’ (7/31, अंसारी रोड, दरियागंज, नयी दिल्ली-110002) और अंग्रेजी में 244 पृष्ठों में ‘बनयान ट्री बुक्स’ (पता वही) ने किया है। बढि़या काग़ज़ पर साफ-सुथरी छपाईवाली यह पुस्तक पठनीय और संग्रहणीय है।
यह पुस्तक ऑनलाइन बिक्री के लिए उपलब्ध है.

निम्नलिखित लिंक से इसे मंगाया जा सकता है

Ashwini Upadhyay October 9, 2017
🇮🇳 राष्ट्रहित और सत्य के पक्षधर बनें

साहसी पत्रकारिता की शक्ति बनें।

एल्गोरिदम की सेंसरशिप के विरुद्ध आपका साहस ही हमारी सबसे बड़ी शक्ति है। India Speak Daily की खोजी पत्रकारिता और विशेष ऑडियो विश्लेषण तक सीधी पहुंच के लिए हमारे कुटुंब के सारथी बनें।

❤️ ISDian बनें — सदस्यता लें।

📢 हमारे WhatsApp और Telegram से जुड़ें

ब्रेकिंग न्यूज़, विशेष रिपोर्ट्स और महत्वपूर्ण अपडेट्स सीधे अपने मोबाइल पर प्राप्त करें।

✈ Telegram से जुड़ें ☘ WhatsApp से जुड़ें
⚡ तुरंत अपडेट्स • 📰 बड़ी खबरें • 🎙 विशेष रिपोर्ट्स • कोई स्पैम नहीं

जुड़ने के बाद आपको क्या मिलेगा?

⚡ ब्रेकिंग न्यूज़ अलर्ट

महत्वपूर्ण खबर प्रकाशित होते ही तुरंत अपडेट पाएं।

📰 दिनभर की प्रमुख खबरें

बड़ी खबरों का आसान और संक्षिप्त सार सीधे आपके मोबाइल पर।

🛡 फेक न्यूज़ के खिलाफ

भ्रामक सूचनाओं पर तथ्य आधारित रिपोर्टिंग और विश्लेषण।

🇮🇳 राष्ट्रहित कवरेज

भारत और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विशेष रिपोर्ट्स।

TAGGED: Books, New Book Release, Sardar Patel

Related

मोपला विद्रोह पुस्तक कपोत पर उपलब्ध।

संदीप देव । मोपला विद्रोह पुस्तक: 1921 में तुर्की में...

October 9 2017

स्तुति (महाभारत आधारित पौराणिक रहस्य गाथा खंड 2)

कल्पना और तथ्यों का मेल दुष्कर होता है, किन्तु सर्व...

October 9 2017

India Speaks Daily - ISD News

गूढ़ विषयों को भी सरल शब्दों में समझा देना संदीप जी की एक विशेषता है: सुमंत विद्वांस

सुमंत विद्वांस। लेखक श्री Sandeep Deo जी से कल फिर...

October 9 2017

‘1857 का स्वातंत्र्य समर’: इतिहास लेखन की एक क्रांतिकारी और युगांतर कारी कृति

इंडिया स्पीक डेली, पुस्तक समीक्षा डेस्क। विनायक दामोदर सावरकर द्वारा...

October 9 2017

Share this Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Telegram Print
Avatar
Posted by Ashwini Upadhyay
Ashwini Upadhyay is a leading advocate in Supreme Court of India. He is also a Spokesperson for BJP, Delhi unit.
Leave a comment

Leave your Comments BelowCancel reply

--- Advertisement ---
Ad imageAd image
Ad imageAd image
Ad imageAd image

You Might Also Like

पुस्तकेंप्रेरक व्यक्तित्व

राय साहब जिनमें कभी कोई साहिबी नहीं रही.

September 27, 2026
SDEO's Storyपुस्तकें

‘अस्सी के राय साहब’: जब एक तपस्वी जीवन का दस्तावेज बनी विचारकों की आकाशगंगा।

September 15, 2026
गुलाम भारतपुस्तकें

‘1857 का स्वातंत्र्य समर’: इतिहास लेखन की एक क्रांतिकारी और युगांतर कारी कृति

August 5, 2026
पुस्तकें

हिंदी में थीमेटिक इतिहास लेखन और अंशुमान तिवारी की टाइम मशीन.

July 6, 2026
//

India Speak Daily – No Left – No Right, Only Sanatani Voice.

Popular Categories

  • ISD Radio
  • ISD Videos
  • JOIN US / LOGIN

Quick Links

  • Refund & Cancellation Policy
  • Privacy Policy
  • Contact Us
  • Terms of Service
  • Advertise With ISD

Copyright © 2015 - 2026 - Kapot Media Network LLP. All Rights Reserved.

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Register Lost your password?