‘परमाराध्य’ परमधर्माधीश उत्तराम्नाय ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामिश्रीः अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती १००८ जी महाराज मौनी अमावस्या के दिन अपने करीब ३५- ४० (दांडी सन्यासी, ब्रह्मचारी व अनुयायियों के साथ संगम तट पर गंगा स्नान के लिये जा रहे थे, जिसकी पूर्व सूचना स्थानीय प्रशासन को भी दी गई थी और मेला क्षेत्र के कुछ पुलिस अधिकारी आकर उन्हें अपनी सुरक्षा में संगम तट की ओर ले जा रहे थे। पीपा पुल नंबर २ पर पुलिस अधिकारियों ने उन्हें रोका फिर बेरिकेट खोलकर कुछ लोगों को ही जाने दिया और बाकी को रोक लिया और अनुयायियों के साथ गालीगलौज व अभद्रता की। इसके बाद पुलिया से पुलिस अधिकारी आगे लेकर गया और संगम नोज पर ही रोक लिया। वहां दूसरे पुलिस अधिकारी ने अभद्रता करते हुए पालकी से नीचे ऊतरने को कहा। इसके बाद
ब्रह्मचारी, सन्यासियों को पुलिस द्वारा अपमानित कर मारपीट की गई। जुतो से, थप्पड़-घूँसो और डंडों से बच्चो, बुजुर्गों, सन्यासियों और ब्रह्मचारियो को वेरहमी से पिता गया ।
शंकराचार्य जी के विशेष प्रतिनिधि, प्रकर गो सेवा देवेन्द्र पांडेय ने उत्तर प्रदेश सरकार और पुलिस प्रशासन पर आरोप लगाया की सिविल ड्रेस में शंकराचार्य जी को घेरे हुए पुलिस बाले शंकराचार्य जी के छत्र को गिरदिया गया और दंगे का रूप देकर शंकराचार्य जी सहित सन्यासियों, ब्रह्मचारियो, परिकरों की हत्या करने का षड्यंत्र उजागर हुआ जिसे मार खाकर, अपमानित होकर भी शंकराचार्य के सेवकों ने रोकने का यत्न किया ।
पुलिस द्वारा गालीगलौज कर भ्रामकता फैलाने के लिये बार- बार माइक से कहा गया कि शंकराचार्य जी मां की गाली दे रहे हैं।
मारपीट में करीब १५ से ज्यादा लोग घायल हो गये, कई अन्य लोगो को भी चोटें आईं हैं।
तीन गंभीर घायलों को अस्पताल में भर्ती किया गया।
शंकराचार्य जी ने कुंभ में मरेगाये हजारों सनातनियों को श्रद्धांजलि दी थी
१- (जब की योगी आदित्यनाथ झूंठ बोल रहे थे की यहाँ कोई भगदड़ या घटना नहीं हुई ।
२- शंकराचार्य जी ने गोहत्या रोकने का अभियान चलाया -उत्तर प्रदेश आज पूरे भारत में सब से अधिक बुच्चड़ख़ानों का प्रदेश है ४०-४२% मांस की आपूर्ति अकेले यहाँ से होती है ।
३- वाराणसी में सैकड़ो प्राचीन मंदिर तोड़ेगे-विश्वनाथ करिडोर के नाम पर, अब पुनः मणिकर्णिका में प्राचीन मंदिर तोड़े जा रहे है ।
४- लव जेहाद, धर्मांतरण, घुसपैठ की भरमार और भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने के किस्से सुनाने बाली उत्तर प्रदेश की योगी आदित्य नाथ सरकार की सत्यता को शंकराचार्य जी ने उजागर किया इसी लिए सत्य को दवाने शंकराचार्य जी की हत्या का षड्यंत्र प्रयागराज माघमेले में मौनी अमावस्या के दिन रचगाया था ।
देवेन्द्र पांडेय ने बताया की शंकराचार्य जी ने राम जन्मभूमि के मुकदमे में पैरोकारी की यहबात फैसले में स्पष्ट है, राम मंदिर की विना महूर्त-विधि विपरीत प्राण प्रतिष्ठा और ध्वज स्थापना की परंपरा को समाप्त कर ध्वज फहराने की निंदा के परिणाम है कि शंकराचार्य जी के हत्या का षड्यंत्र रचगाया । देश भूल नहीं की राम सेतु तोड़ने का भाजपाई आदेश का विरोध शंकराचार्य जी ने किया जिसका मुकदमा आज भी न्यायालय में विचाराधीन हैं ।

नंगे पाव गोवर्धन गिरिराज से दिल्ली तक की पैदल यात्रा ।
भारत के सभी प्रांतों में जाकर होते धर्मांतरण के विरुद्ध शंकराचार्य जी ने आवाज़ उठाई । गंगा की पवित्रता और अविरल-निर्मल प्रवाह हेतु शंकराचार्य जी ने आंदोलन किया । शायद धर्म रक्षा के इस अभियान से भाजपा तिलमिला उठी है । हाल ही में मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में पुलिस मुख्यालय के सामने २६ टन गो मांस जिसके लिए अनुमानित ६०० गो माताओं की हत्या हुई होगी, वह पकड़ा गया, केन्द्र में भाजपा सरकार, प्रदेश में भाजपा सरकार नगरनिगम में भाजपा की सरकार जिसके द्वारा वधशाला का लाइसेंस दिया गया उसमे ही गो हत्या हुई जब ये बात सार्वजनिक हुई तो उसपर पर्दा डालने इन्होंने शंकराचार्य जो की हत्या की ही योजना बना डाली, क्यो की शंकराचार्य जी की तथ्य और तर्क की प्रमाणिकता का जवाव इनके पास नहीं है इसी लिए अपने कृत्योंको छुपाने हेतु शंकराचार्य जी की हत्या का षड्यंत्र रचा गया ।
३५-४० लोग जो शंकराचार्य जी के साथ थे उन्हें स्नान नहीं करने दियागाया यह सनातनी परंपरा का अपमान है ।जबकि शंकराचार्य जी को रोक कर ३०० किन्नरों को स्नान कराया गया , घाट को खाली कराकर सत्ता के संत सतुआ बाबा की पेशवाई में हजारों लोगो को स्नान कराया गया जिससे स्पष्ट होता है की शंकराचार्य और पुरातन परंपरा का अपमान सरकार की सोची समझी साजिश थी इनका मुख्य उद्देश्य शंकराचार्य की हत्या करने का था ।
शंकराचार्य जी महाराज को पुलिस अधिकारी खुद उठाकर ले गये और ३-४ बार अलग- अलग स्थानों पर छोड़ा गया और वहां से दूसरे पुलिस अधिकारियों द्वारा कहीं अन्यत्र ले जाकर छोड़ा गया।अंत में जहां सादा वर्दी में पुलिस अधिकारियों ने शंकराचार्य जी महाराज को लाकर छोड़ा, वह वहीं बैठ गये और कहा कि अब हम जब तक शिविर के अंदर नहीं जाएंगे, जब तक प्रशासन अपने किये के लिये माफी नहीं मांगे और हमें ससम्मान संगम तट पर ले जाकर स्नान न कराये।
शंकराचार्य जी महाराज के शिष्य व अनुयायी भी इस बात पर अड़ गये हैं कि अब तो जब तक प्रदेश का मुखिया योगी आदित्यनाथ आकर माफी नहीं मांग लेते तब तक हम भी महाराज जी के साथ शिविर के बाहर ही बैठे रहेंगे।
योगी आदित्यनाथ ने किया ट्वीट स्नान शांतिपूर्ण व सफल हुआ, क्या शंकराचार्य जी का अपमान उनको नहीं दिखा? झूठ बोलने पर दे जवाब पुलिस प्रशासन ने की बर्बरता निम्नलिखित अधिकारियों ने किया शिष्यों के साथ मारपीट:
- मोहित गुप्ता – गृह सचिव उत्तर प्रदेश सरकार (ख़ुद मारा)
- सौम्या अग्रवाल – मंडलायुक्त (मीडिया में प्रेस कांफ्रेंस कर भ्रामक व असत्य ख़बर फैलायी
- जोगेंद्र कुमार – पुलिस आयुक्त (अभद्रता की शंकराचार्य पर ग़लत आरोप लगाये
- मनीष कुमार वर्मा – जिलाधिकारी (देखते रहे अन्याय कुछ नहीं कहा और मीडिया को ग़लत जानकारी दी 5 शक्ति (संभवतः सीओ) ने लोगो को घसीट कर मारा अंदर कमरे में बंद कर दंडी सन्यासी व ब्रह्मचारी को मारा
- 15 लोग घायल 3 की हालत गंभीर एसआरएन में भर्ती एक 80 वर्ष का बुजुर्ग मरणासन्न
- जब तक प्रदेश का मुखिया स्वयं आकर माफ़ी नहीं माँगता शंकराचार्य जी शिविर में प्रवेश नहीं करेंगे ।भारत की ये प्राचीन परंपरा कभी मुगलों और अंग्रेज़ों के समय भी खंडित नहीं हुई जिसे भगवाधारी योगी सरकार ने कलंकित किया ।यह पर्व संतों का है जिसे नेताओ अधिकारियों और पुलिस ने कब्जा करलिया है यह चिंतनीय है ।
देवेन्द्र पांडेय
विशेष प्रतिनिधि-शंकराचार्य
प्रकर गो सेवाधीश
